RJD के सामने आखिर कांग्रेस ने डाले हथियार ! तेजस्वी यादव होंगे सीएम फेस …गहलोत की एंट्री और तेजस्वी-सहनी की ताजपोशी… 24 घंटे में लागू हो गया महागठबंधन में ‘RJD फॉर्मूला’
POLITICAL DESK, NATION EXPRESS, PATNA
- बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन का सीएम फेस होंगे तेजस्वी यादव
- महागठबंधन ने आज पटना की प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुकेश सहनी को डेप्युटी सीएम फेस घोषित किया
- तेजस्वी को सीएम फेस बनाने के लिए खुद लालू यादव ने संभाल रखा था मोर्चा
बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन की अगुवाई कर रहे तेजस्वी यादव को सीएम चेहरा बनाकर चुनाव लड़ने पर कांग्रेस ने मुहर लगा दी है. साथ ही मुकेश सहनी को डिप्टी सीएम का चेहरा घोषित किया है. इसके अलावा अशोक गहलोत ने कहा है कि महागठबंधन की सरकार बनती है तो दूसरे समाज के लोगों को भी डिप्टीसीएम बनाया जाएगा.
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कांग्रेस लंबे समय से तेजस्वी के नाम पर अपनी रज़ामंदी नहीं दे रही थी, राहुल गांधी ने भी ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान इस बात पर ख़ामोशी अख्तियार कर रखी थी. आरजेडी ने उचित समय का इंतज़ार किया और वोटिंग से दो हफ़्ते ठीक पहले ऐसा सियासी दांव चला कि कांग्रेस चारों खाने चित हो गई. नीतीश कुमार की अगुवाई वाला एनडीए पूरी तरह से एकजुट होकर चुनावी मैदान में उतर चुका है, जबकि हागठबंधन में कांग्रेस और आरजेडी ने रायता फैला दिया. इस तरह महागठबंधन न ही सीटों का बंटवारा कर पाया और न ही यह सूची आई कि कौन किस सीट पर चुनाव लड़ रहा है. इसके चलते एक दर्जन विधानसभा सीटों पर आपस में महागठबंधन फाइट करते नज़र आ रहा है.

आरजेडी के दांव से कांग्रेस कैसे हुई चित?
आरजेडी ने कांग्रेस से ज़रूर किनारा कर रखा था, लेकिन महागठबंधन के बाकी दलों के साथ अपनी सियासी केमिस्ट्री नाए रखी। तेजस्वी यादव के साथ वामपंथी दल और माले सहित मुकेश सहनी मज़बूती से खड़े रहे. तेजस्वी को सीएम चेहरा बनाने पर माले के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य और वीआईपी के मुकेश सहनी सहमत थे. इस तरह आरजेडी ने कांग्रेस को छोड़कर बाकी घटक दलों का विश्वास अपने साथ बनाए रखा.
कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावरू ने आरजेडी पर प्रेशर बनाने का दांव चला, जो उलटा कांग्रेस के लिए सियासी टेंशन का सबब बन गया.इसके चलते महागठबंधन का कैंपेन भी खटाई में पड़ गया. कांग्रेस और आरजेडी के साथ संवाद पर ब्रेक लग गया. इस स्थिति को देखते हुए कांग्रेसने अपने अनुभवी नेता अशोक गहलोत को उतारा. गहलोत पटना पहुँचते ही लालू यादव और तेजस्वी के साथ बैठक कर संवाद को दोबारा से पटरी पर लाने का काम किया.
#WATCH | #BiharElection2025 | RJD leader and Mahagathbandhan's CM face, Tejashwi Yadav says, "…I would like to say this confidently that not 5 years, if the people of Bihar give us 20 months, Tejashwi and our Govt will complete in 20 months what these people did not do in 20… pic.twitter.com/gbh8cAZBMu
— ANI (@ANI) October 23, 2025
गहलोत ने समझी सियासी मजबूरी?
अशोक गहलोत कांग्रेस की सियासी मजबूरी को बख़ूबी समझते हैं कि बिहार में आरजेडी के सहारे के बिना चलना कांग्रेस के लिए कितना मुश्किल है. कांग्रेस 2020 में अकेले चुनाव लड़कर बिहार में अपने सियासी हश्र को देख चुकी है जेपी और जेडीयू के नेतृत्व वाले एनडीए से मुक़ाबला करने के लिए आरजेडी की अगुवाई में चलना ही कांग्रेस के लिए बेहतर है. गहलोत ने तेजस्वी को मुख्यमंत्री चेहरा स्वीकार करने के लिए कांग्रेस हाईकमान को रज़ामंद किया, क्योंकि महागठबंधन में तेजस्वी यादव के क़द का कोई दूसरा ता नहीं है जिसे आगे करके चुनाव लड़ा जा सके. तेजस्वी के नाम का ऐलान भी प्रेस कॉन्फ़्रेंस में अशोक गहलोत ने किया। उन्होंने कहा कि महागठबंधन का सीएम चेहरा तेजस्वी यादव होंगे और उन्हीं की अगुवाई में चुनाव लड़ा जाएगा। साथ ही गहलोत ने मुकेश सहनी को डिप्टी सीएम का चेहरा घोषित किया है.
लालू ने संभाला था मोर्चा
कुछ दिन पहले कांग्रेस ने अपने दिग्गज नेता अशोक गहलोत को पटना भेजा था. दरअसल, कई सीटों पर महागठबंधन के दल एक-दूसरे के सामने खड़े हैं. गहलोत ने पटना पहुंचते ही पहले तेजस्वी यादव से बात की. इस दौरान उनकी राय जानकर गहलोत ने लालू यादव से मुलाकात की. इसी मुलाकात के दौरान ये तय हो गया कि कांग्रेस ने तेजस्वी के चेहरे पर जो अबतक चुप्पी साध रखी थी, उसमें वो नरम हो गई है. दरअसल, लालू यादव कांग्रेस के वर्षों से भरोसेमंद सहयोगी रहे हैं. तो कांग्रेस आरजेडी को इस मौके पर नाराज नहीं करना चाहती थी.
गहलोत बने शांति दूत
आरजेडी के साथ सीटों पर चल रही तनातनी के बीच कांग्रेस ने गहलोत को बिहार के लिए शांति दूत की जिम्मेदारी सौंपी थी. गहलोत ने भी अपने अनुभव का पूरा फायदा उठाते हुए सारे विवाद को लालू यादव से मिलकर सुलझा लिया. उन्होंने बिहार कांग्रेस चीफ राजेश राम के साथ भी चर्चा की. बिहार कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावरु के साथ भी उनकी बातचीत हुई. इसके बाद उन्होंने समझौते का पूरा ड्रॉफ्ट तैयार कर लिया. गहलोत ने आज पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस में तेजस्वी के नाम का ऐलान करते हुए कहा कि राहुल गांधी भी चाहते थे कि तेजस्वी राज्य में सीएम फेस बने. दरअसल, ये संकेत कुछ दिन पहले ही मिलने लगे थे कि कांग्रेस तेजस्वी के चेहरे पर मान जाएगी जब कांग्रेस की तरफ से ये कहा गया था कि आरेजडी राज्य की सबसे बड़ी पार्टी है और अगर वहां से कोई चेहरा होगा तो पार्टी को कोई दिक्कत नहीं है.
तेजस्वी सीएम फेस, सहनी पर भी बन गई बात
लालू के साथ बैठक में ही तेजस्वी के सीएम फेस बनाने पर मुहर लग गई थी. हालांकि, कुछ सीटों को लेकर जो विवाद चल रहा था, उसपर दोनों दलों में कुछ बात नहीं बन पाई. लेकिन माना जा रहा है कि इस पर भी दोनों दल कोई बीच का रास्ता निकाल लेंगे. तेजस्वी के सीएम चेहरे पर सहमति बनने के बाद महागठबंधन ने सहनी के डेप्युटी सीएम पद पर नाम को भी सहमति दे दी. इसके साथ ही सहनी की भी ख्वाहिश पूरी हो गई. अब महागठबंधन पूरी ताकत के साथ मिलकर चुनावों में उतरने वाली है.
Report By :- NEHA PANDEY, POLITICAL EDITOR, NATION EXPRESS, PATNA