जेल से बाहर आते ही कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी ने फोड़ा बम : CM ने राजनीतिक फायदे के लिए गलत तरीके से फंसाया
POLITICAL DESK, NATION EXPRESS, कोलकाता
कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी ने कहा कि बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने राजनीतिक फायदे के लिए उन्हें गलत तरीके से फंसाया है। कांग्रेस विधायक ने कहा कि बरामद पैसा उनका था, उनकी रगों में कांग्रेस का खून है और वे कभी बीजेपी में शामिल नहीं हो सकते।
Calcutta High Court: कलकत्ता हाई कोर्ट ने झारखंड के जमताड़ा से कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी के साथ में खिजरी से विधायक राजेश कच्छप और कोलेबिरा के विधायक नमन बिक्सल को अंतरिम जमानत दे दी है. बता दें कि झारखंड के इन तीनें विधायकों को पश्चिम बंगाल के हावड़ा में 50 लाख से ज्यादा नकद रुपयों के साथ में गिरफ्तार किया गया था. तीनों कांग्रेस विधायकों की गिरफ्तारी के बाद झारखंड में राजनीतिक भूचाल आ गया था.
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ममता बनर्जी ने राजनीतिक लाभ के लिए हमें फसाया
झारखंड के कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी ने बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को कोसते हुए कहा कि राजनीतिक लाभ के कारण उन्होंने हमें फसाया है. जामताड़ा से विधायक इरफान अंसारी ने कहा, “सीएम ने राजनीतिक फायदे के लिए हमें गलत तरीके से फंसाया है. बरामद पैसा हमारा था. हमारी रगों में कांग्रेस का खून है, हम कभी बीजेपी में शामिल नहीं हो सकते. वैसे भी 3 विधायक सरकार नहीं गिरा सकते.

30 जुलाई को किया था गिरफ्तार
बता दें कि कलकत्ता हाई कोर्ट ने विधायक इरफान अंसारी को सशर्त जमानत पर रिहा किया है. वहीं जामताड़ा के कांग्रेस विधायक को 30 जुलाई को हावड़ा ग्रामीण पुलिस ने तकरीबन 50 लाख रुपए नगद के साथ कुल 5 लोगों को गिरफ्तार किया था. इस मामले की जांच करने के लिए सीआईडी को जिम्मा सौंपा गया था. इरफान अंसारी को सशर्त जमानत पर रिहा किया गया है जबकि बाकी लोग अभी हावड़ा जेल में बंद हैं. गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल पुलिस ने विधायकों को खुफिया इनपुट के आधार पर चेकिंग के दौरान पकड़ा था.
विधायक इरफान अंसारी ने कहा कि कांग्रेस उनके रग-रग में है, उन्हें फंसाने का काम किया गया है, वे ममता दीदी का काफी सम्मान करते हैं, लेकिन उन्हें राजनीतिक लाभ लेने के लिए फंसा दिया गया। उन्होंने कहा कि उनका बीजेपी से कोई लिंक नहीं है, वे झारखंड राज्य हज कमेटी के अध्यक्ष हैं, दो बार का विधायक हैं, उनके पिता 30 साल तक राजनीति में रहे, तीन बार विधायक, एक बार सांसद और मंत्री रहे। उनके साथ गिरफ्तार नमन विक्सल कोंगाड़ी ईसाई समाज के पादरी है, राजेश कच्छप आदिवासी समाज से आते हैं, ऐसे में वे सभी बीजेपी में क्यों जाएंगे, उन्हें फंसाने की कोशिश की गयी है।

गौरतलब है कि कांग्रेस के तीनों विधायकों को 30 जुलाई की रात को हावड़ा से भारी मात्रा में कैश के साथ गिरफ्तार कर लिया था और 31 जुलाई को उन्हें स्थानीय अदालत में पेश किया गया था, जहां से 10 दिनों के रिमांड पर भेज दिया गया था। इस दौरान कोलकाता सीआईडी की टीम ने उनसे गहन पूछताछ की और रांची तथा जामताड़ा स्थित संबंधित विधायकों के ठिकानों पर छापेमारी की। बाद में उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
जिसके बाद उनकी ओर से हाईकोर्ट में जमानत के लिए अर्जी दाखिल की गयी और कोलकाता हाईकोर्ट ने उन्हें सशर्त अंतरिम जमानत प्रदान कर दी है, जिसके तहत कांग्रेस विधायकों को तीन महीने तक कोलकाता में ही रहना पड़ेगा और उन्हें अपना पासपोर्ट अदालत में जमा कराना होगा। अदालत ने बुधवार को ही उन्हें जमानत दे दी थी, लेकिन कागजी प्रक्रिया पूरी करने में विलंब होने और शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवकाश के कारण इरफान अंसारी शनिवार को जेल से बाहर आ गये, लेकिन दो अन्य विधायकों की कागजी प्रक्रिया आज शाम तक नहीं पूरी हो पायी,
Report By :- MITTALI SINGH, POLITICAL DESK, NATION EXPRESS, कोलकाता