ओरमांझी थाना प्रभारी आलोक सिंह के प्रयास से गैंगरेप का हुआ खुलासा : डीजीपी के हाथों आलोक सिंह को मिलेगा रिवॉर्ड, SSP ने की अनुशंसा
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Ormanjhi gang rape case. रांची के ओरमांझी गैंगरेप के आरोपी को रांची पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. 18 जून की रात को वारदात को अंजाम दिया गया था. जिसके बाद से पुलिस इनकी तलाश कर रही थी.
ओरमांझी नाबालिग से गैंगरेप मामले के आरोपी गिरफ्तार, चलती कार में वारदात को दिया था अंजाम
ओरमांझी थाना प्रभारी आलोक कुमार सिंह को नाबालिग से गैंग रेप मामले निष्पक्ष काम करते हुए पीड़िता को इंसाफ दिलाने के लिए डीजीपी के हाथों मिलेगा रिवॉर्ड, एसएसपी ने की अनुशंसा
ओरमांझी गैंग रेप मामले में रांची पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. नबालिग के साथ हुए गैंगरेप मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस पर भारी दबाब था. रांची एसएसपी चंदन सिन्हा खुद मामले को लेकर मॉनिटरिंग कर रहे थे. गिरफ्तार आरोपियों में सुबोध कुमार जायसवाल और हीरालाल महतो शामिल हैं. दोनो ओरमांझी के ही रहने वाले हैं.गिरफ्तार आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त कार भी बरामद कर ली गई है। पीड़िता को गंभीर हालत में RIMS में भर्ती कराया गया। होश में आने के बाद पीड़िता ने पूरी घटना की जानकारी देते हुए आरोपियों का हुलिया बताया था।
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कार में उठा ले गए थे दरिंदे

18 जून को रांची के ओरमांझी थाना क्षेत्र में एक 15 वर्षीय लड़की के साथ गैंग रेप की वारदात को अंजाम दिया गया था. पीड़ित लड़की ओरमांझी इलाके में अपनी मां के साथ छोटे-मोटे काम करके और कभी-कभी भीख मांग कर गुजरा किया करती थी. 18 जून की देर रात लड़की ओरमांझी के पंचायत सचिवालय के पास सोई हुई थी. इसी दौरान कुछ युवक कार से लड़की के पास पहुंचे और उसे जबरदस्ती कार में बिठा लिया, इसके बाद नाबालिग को आनंदी बगीचा ले गए, जहां सभी ने लड़की के साथ दुष्कर्म किया. वारदात को अंजाम देने के बाद कार में सवार अपराधियों ने आनन्दी बगीचा के पास सड़क पर नबालिग को फेंक फरार हो गए थे. इस वारदात के सामने आते ही रांची पुलिस की अलग-अलग टीम आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कोशिश कर रही थी.
ओरमांझी थाना प्रभारी की मेहनत रंग लाई

मासूम बच्ची के साथ गैंगरेप मामले में रांची के वरीय पुलिस अधीक्षक चंदन सिन्हा काफी गंभीर थे इसके लिए उन्होंने ओरमांझी थाना प्रभारी आलोक सिंह को कई दिशा निर्देश दिए थे इसके बाद थाना प्रभारी ने मासूम बच्ची से पूछताछ की लेकिन वह कुछ बताने में असमर्थ नजर आ रही थी लेकिन फिर भी पूरी मेहनत लगन और ईमानदारी से काम करते हुए ओरमांझी थाना प्रभारी आलोक सिंह ने 100 से ज्यादा सीसीटीवी की जांच की और 1500 से ज्यादा चार पहिया गाड़ियों को चेक किया, इस मुश्किल काम को अपनी सूझ बूझ से थाना प्रभारी आलोक सिंह ने बड़ी ही कुशलता के साथ दिन रात मेहनत कर आखिर कर खुलासा कर ही दिया जिससे रांची के SSP तक चंदन सिन्हा काफी खुश नजर आ रहे थे इसीलिए उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में ही ओरमांझी थाना प्रभारी आलोक सिंह को इस केस का खुलासा करने के लिए डीजीपी से रिवॉर्ड देने की अनुशंसा की है जिसके बाद आलोक सिंह के चेहरे पर चमक और होठों पर मुस्कान आ गई !
Report By :- SHWETA SINGH, CRIME DESK, NATION EXPRESS, RANCHI