POLITICAL DESK, NATION EXPRESS, RANCHI
भारत निर्वाचन आयोग ने माइनिंग लीज आवंटन मामले में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की विधानसभा सदस्यता रद्द करने की बीजेपी की मांग से जुड़ी रिपोर्ट सुनवाई पूरी करने के बाद आज गुरुवार को राज्यपाल रमेश बैस को भेज दी है.
CM हेमंत सोरेन ने ट्वीट करके कहा- संवैधानिक संस्थानों काे तो खरीद लोगे, जनसमर्थन कैसे खरीद पाओगे। हैं तैयार हम! जय झारखंड। इसके पहले EC के पत्र पर सोरेन ने कहा कि ऐसा लगता है कि भाजपा नेता, सांसद और उनके कठपुतली जर्नलिस्टों ने रिपोर्ट तैयार की है। नहीं तो ये सील्ड होती। संवैधानिक संस्थाओं और एजेंसियों को भाजपा दफ्तर ने टेकओवर कर लिया है। भारतीय लोकतंत्र में ऐसा कभी नहीं देखा गया।
सीएम हेमंत सोरेन की विधानसभा सदस्यता रदद् की जा सकती है. विश्वस्त सूत्रों का कहना है कि निर्वाचन आयोग ने रांची जिला के अनगड़ा मौजा में खनन लीज पट्टा के मामले में हेमंत सोरेन की सदस्यता रद्द करने की अनुशंसा की है. बीजेपी ने इसकी शिकायत राज्यपाल से की थी. जिसके बाद राज्यपाल ने मामले को निर्वाचन आयोग भेज दिया था. निर्वाचन आयोग में करीब दो महीने तक सुनवाई चली. 18 अगस्त को सुनवाई पूरी होने के बाद निर्वाचन आयोग ने फैसला सुरक्षित रख लिया था. बताया जा रहा है कि निर्वाचन आयोग ने राज्यपाल को अपना मंतव्य भेज दिया है. जिसमें हेमंत सोरेन की सदस्यता रद्द करने की अनुशंसा की गयी है. सदस्यता रद्द होने की अनुशंसा के बाद झारखंड में एक बार फिर से राजनीतिक संकट गहरा गया है. राजनीतिक गलियारे में यह चर्चा हो रही है कि आखिर अब सीएम की कुर्सी पर कौन विरजमान होंगे.
- Advertisement -

पत्नी कल्पना सोरेन के नाम पर लग सकती है मुहर
अभी तक जैसी बात निकल कर सामने आ रही है, उससे जाहिर हो रहा है कि हेमंत की जगह सीएम उनकी पत्नी कल्पना सोरेन हो सकती है. लेकिन झारखंड में सीएम बने रहने के लिए छह महीने के अंदर विधानसभा चुनाव जीत कर आना होता है. अगर छह महीने के अंदर कल्पना सोरेन कहीं से चुनाव लड़कर जीत जाती हैं तो वो सीएम की कुर्सी पर बरकरार रह सकती हैं. नहीं तो जेएमएम को किसी और चेहरे पर भरोसा करना पड़ेगा. चूंकि हेमंत के अलावा बसंत पर भी खनन पट्टा का मामला निर्वाचन आयोग में चल रहा है और संभावना जतायी जा रही है कि उनकी भी सदस्यता रद्द हो सकती है, ऐसे में सोरेन परिवार के युवराज बसंत पर पार्टी दांव नहीं खेल लगाएगी. आगे देखना काफी दिलचस्प होगा कि झारखंड की राजनीति का ऊंट किस करवट बैठता है

फिर से शपथ लेकर चुनाव लड़ना होगा हेमंत को
विधानसभा की सदस्यता जाने के बाद हेमंत सोरेन को सीएम पद से इस्तीफा देना होगा. लेकिन बहुमत होने की सूरत में वो दोबारा से मुख्यमंत्री की शपथ ले सकते हैं. शपथ ग्रहण के बाद उन्हें छह महीने के अंदर दोबारा से विधानसभा का चुनाव लड़ना होगा. अगर ऐसा होता है तो झारखंड में तीसरी बार कोई सीएम बतौर मुख्यमंत्री रहते हुए विधानसभा का चुनाव लडेंगे. इससे पहेल शिबू सोरेन और अर्जुन मुंडा ऐसा कर चुके हैं.
Report By :- SHIVANGI SINGH, POLITICAL DESK, NATION EXPRESS, RANCHI