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आज मातमी जुलूस 1:30 बजे मस्जिद जा फारिया से तिरंगे के साथ निकला। अलम के आगे लहलहाते तिरंगा के साथ शिया समुदाय का मोहर्रम का जुलूस अंजुमन जाफारिया, हज़रत मौलाना सैयद तहजीबुल हसन रिजवी के निगरानी में निकाला गया। मातमी जुलूस मस्जिद जाफारिया से शुरू होकर चर्च रोड, एलोरा टेंट हाउस होते हुए, डॉक्टर फातेहुल्लाह रोड़ होते हुए, विक्रांत चौक, कर्बला चौक होते हुए कर्बला पहुंच कर संपन्न हुआ। जुलूस का स्वागत सेंट्रल मोहर्रम कमेटी रांची के अकील उर रहमान, इमाम बख्श अखाड़ा के मोहम्मद सईद, मोहम्मद महजूद, धौताल अखाड़ा के प्रमुख खलीफा जमशेद अली पप्पू गद्दी और उनकी टीम, लीलू अली अखाड़ा के प्रमुख खलीफा मोहम्मद सज्जाद, संजू और उसकी टीम। श्री महावीर मंडल के अध्यक्ष जय सिंह यादव और उसकी टीम, दर्जनों संस्था और दर्जनों लोगों ने मातमी जुलूस का स्वागत किया। मौलाना सैयद तहजीबुल हसन रिजवी ने कहा की भारत देश ऐसा लोकतांत्रिक देश है जहां सभी धर्म एवं मजहब को अपने-अपने पर्व आपसी सौहार्द एवं भाईचारे से मनाने की स्वतंत्रता है। इस देश को आगे बढ़ाने के लिए देश से मोहब्बत जरूरी। नौहा हर एक गम की अमीना ना मर जाए सकीना, ना मर जाए सकीना हर एक गम की अमीना। अलम आया है लेकिन अलमदार नहीं है। या मौला, या मौला, या मौला, या अब्बास। सितमगारो की साजिश, हुई तीरो की बारिश, हुई तीरो की बारिश, सितमगारो की साजिश। चला नहर से गाज़ी, सूए साके हिजाजी, अलम पकड़े हैं सरवर यही कहते हैं रो कर अलम आया है लेकिन अलमदार नहीं है। वहीं जब पढ़ा की दीन खुदा को आले पयंबर पे नाज है, कुरान कि आयतों को उसी घर पे नाज है।

जगह-जगह होता रहा जुलूस का स्वागत
हजरत मौलाना सैयद तहजीबुल हसन रिजवी इमाम व खतीब मस्जिद ए जफरिया रांची के नेतृत्व में निकलने वाले मातमी जुलूस का शहर रांची ने जगह जगह स्वागत किया। मातमी जुलूस जैसे ही चर्च रोड पहुंचा तो वहां सेंट्रल मोहर्रम कमेटी रांची अकील उर रहमान, आफताब आलम, मो तौहीद, मो महजुद, परमुख खलीफा जमशेद अली पप्पू गद्दी, परमुख खलीफा मो सज्जाद ने गुलाब जल छिड़क कर जुलूस का स्वागत किया। जुलूस आगे बढ़ा मंदिर के पास पहुंचा तो वहां श्री महावीर मंडल के द्वारा स्वागत किया गया। जुलूस आगे बढ़ा एलोरा टेंट हाउस के निदेशक, मरहबा ह्यूमन सोसाइटी, कर्बला चौक चर्च रोड दुकानदार समिति के द्वारा जुलूस का स्वागत किया गया। जुलूस आगे बढ़ा तो डॉक्टर फतुल्लाह लेन के लोगों के द्वारा जुलूस का स्वागत किया गया। विक्रांत चौक पर स्वागत किया गया। जुलूस आगे बढ़ा कर्बला चौक पर कर्बला चौक चर्च रोड दुकानदार समिति के द्वारा स्वागत किया गया। इसके अलावा बीच-बीच पर दर्जनों लोगों ने स्वागत किया। जैसे मो इस्लाम, हाजी साहेब अली, डॉक्टर असलम परवेज़, नेहाल अहमद, सुड्डू, आफताब आलम, हाजी माशूक, हाजी हलीम, अब्दुल मन्नान, जमीयतुल इराकिन के अध्यक्ष, अब्दुल खालिक नन्हू आदि ने स्वागत किया।
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मातमी जुलूस देखने वालो की भीड़ उमड़ी
झारखंड की राजधानी रांची में मोहर्रम का जुलूस मेन रोड में नहीं निकाले जाने का निर्णय सेंट्रल मोहर्रम कमेटी ने पहले ही कर रखा था। अब रांची में सिर्फ एक जुलूस निकला जो शिया समुदाय का मातमी जुलूस था। इस मातमी जुलूस को देखने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी। जुलूस मार्ग पर रोड़ के दोनों तरफ खड़े लोग मातमी जुलूस का इंतजार करते रहे। जुलूस अपने तय रूट पर निकला जिसे देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ पड़ी। जंजीरी व खूनी मातमी जुलूस को देखने के लिए महिलाओं में ज्यादा उत्सुकता देखी गई। हर कोई इस दृश्य को अपने मोबाइल में रिकॉर्ड करते नजर आए।

बारिश में मातमी जुलूस का जोश और बढ़ गया
रांची विक्रांत चौक मस्जिद ए जफरिया से मातमी जुलूस निकला। जुलूस निकलने के कुछ देर बाद तेज बारिश शुरू हुई। यह बारिश आजाददारो के जोश को और भी बढ़ाया। मानो जैसे आग को पेट्रोल मिल गया हो। आजादारो ने और जोश और मोहब्बत से मातम करते हुए आगे बढ़ते रहें। जैसे कि बारिश हो ही नहीं रही हो। इन मातमी जुलूस में चलने वाले आजादारो पर बारिश की कोई असर नहीं देखी गई।
Report By :- KHUSHBOO SHARMA, NEWS DESK, NATION EXPRESS, RANCHI