इरफान और उमाशंकर ने करोड़ों रुपया का ऑफर देकर 11 कांग्रेस विधायकों का पाला बदलवाने की ली थी जिम्मेदारी
POLITICAL DESK, NATION EXPRESS, RANCHI
नेशन एक्सप्रेस के मैनेजिंग डायरेक्टर शादाब खान की कलम से
झारखंड सरकार गिराने की और विधायकों की खरीद-फरोख्त को लेकर भले ही चर्चाओं का बाजार गर्म है लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है क्या वाकई हेमंत सरकार में कांग्रेस के विधायक नाखुश है ? इसकी वजह क्या है ? क्यों कांग्रेस अपने विधायकों को एक प्लेटफार्म पर रखने में नाकाम साबित हो रही है ?अगर किसी विधायक को सरकार से नाराजगी है तो वह अपने सीनियर नेताओं से, दिल्ली के आलाकमान से और CM हेमंत सोरेन से बात करके अपनी नाराजगी तो दूर कर ही सकते हैं, आखिर क्या वजह हो गई कि कांग्रेस के कई विधायक बागी हो गए ? क्यों वह भाजपा की सरकार बनाने के लिए झारखंड में उतावले हो रहे हैं ? हमारे युवा नेता झारखंड के हेमंत सोरेन सब की बात सुनते हैं खैर यह तो तो विधायक है क्यों नहीं बात सुनेंगे हेमंत, कांग्रेस के बागी विधायक को कौन उकसा रहा है ? क्यों झारखंड के हेमंत सरकार को गिराने की साजिश रची जा रही है ? जैसे-जैसे वक्त गुजरता जाएगा असलियत हमारे सामने आ जाएगी पर अभी वक्त है के गठबंधन की सरकार झारखंड में विकास की ओर अपना ध्यान दें !
झारखंड पुलिस ने दावा किया है कि सरकार गिराने के गिरफ्तार आरोपियों में से एक अभिषेक ने महत्वपूर्ण जानकारियां दी है। उसने पुलिस को बताया कि जामताड़ा विधायक इरफान अंसारी और बरही विधायक उमाशंकर अकेला ने कांग्रेस विधायकों को पाला बदल के लिए राजी करने की जिम्मेवारी ली थी। इसके लिए इन दोनों को बकायदा एक करोड़ रुपये का एडवांस दिया जाना था, लेकिन समय से पैसे नहीं मिलने पर दोनों नाराज हो गए…इनकी नाराजगी दूर करने के लिए ही होटल ली लैक में बैठक थी।
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नेशन एक्सप्रेस के विश्वासी सूत्रों के अनुसार कांग्रेस के बिक्सल कोंगारी , भूषण बाड़ा, ममता देवी, अंबा प्रसाद, पूर्णिमा सिंह, राजेश कश्यप, इरफान अंसारी, उमाशंकर अकेला और अमित यादव को पाला बदलने के लिए करोड़ों रुपया का ऑफर दिया जाना था , इनमें से कुछ विधायक दिल्ली में भाजपा के बड़े नेताओं से मुलाकात भी की थी , सभी विधायकों की जिम्मेदारी थी कि सदन में वोटिंग के दौरान कांग्रेस के पक्ष में क्रॉस वोटिंग कर हेमंत सरकार को गिराना था
विधायक अमित यादव ने इरफान और अकेला को बीजेपी के बड़े नेता से मिलवाया था
पुलिस की थ्योरी की माने तो निर्दलीय विधायक अमित यादव, इरफाऩ अंसारी और उमाशंकर अकेला के लेकर दिल्ली गये थे । दिल्ली एयरपोर्ट पर अमित ने दोनों की मुलाकात किसी जय कुमार नाम के व्यक्ति से करवाई थी। जयकुमार इन दोनों विधायकों को लेकर महाराष्ट्र बीजेपी के दो विधायकों के पास गया। वहीं सरकार गिराने के लिए विधायकों को राजी करने के लिए इरफान अंसारी और उमाशंकर अकेला तैयार हुए । दोनों वहीं पर एक करोड़ रुपया एडवांस मांग रहे थे, लेकिन महाराष्ट्र के दोनों भाजपा विधायकों ने इन्हें समझाया कि झारखण्ड में इनके बताई जगह पर पैसे इन्हें मिल जाएंगे । रांची से दिल्ली जाने के लिए विधायक अमित कुमार यादव को टिकट जय कुमार ने भेजा था ।
चंद्रशेखऱ राव और चरण सिंह से हुई थी मुलाकात
पुलिस सूत्रों की माने तो आरोपी अभिषेक दूबे ने कहा कि कांग्रेस के दोनों विधायक डॉ इरफ़ान अंसारी और उमाशंकर अकेला के साथ-साथ विधायक अमित कुमार यादव की दिल्ली में महाराष्ट्र के दो विधायकों से मुलाकात हुई । दोनों विधायकों से जय कुमार ने मुलाकात करवायी । महाराष्ट्र के विधायक चंद्रशेखर राव और चरण सिंह से इन विधायकों की मुलाकात हुई थी । अभिषेक दुबे ने पुलिस को बताया है कि महाराष्ट्र के दोनों विधायकों से मुलाकात के साथ-साथ बीजेपी के और बड़े नेताओं से उनके आवास पर मुलाकात हुई थी ।
16 जुलाई को कांग्रेस विधायक रांची लौटे
दिल्ली में 15 जुलाई को महाराष्ट्र बीजेपी के दोनों विधायकों और बीजेपी के अन्य नेताओं से मुलाकात करने के बाद झारखंड के दोनों कांग्रेस विधायक 16 जुलाई को रांची लौट आये थे
Report By :- ANUJA AWASTHI, POLITICAL DESK, NATION EXPRESS, RANCHI
