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मौसम के तीखे तेवर, रांची में पारा 40 के पार ! छोटे बच्चों ने लगाई फरियाद : CM अंकल आपके घर, गाड़ी और ऑफिस मे तो AC लगा है लेकिन चिलचिलाती धूप की तपिश में हम स्कूली बच्चे झुलस रहे हैं

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बदन झुलसाने वाली गर्मी में तप रहे स्कूल जाने वाले नौनिहाल

गर्मी की तपिश से स्कूली बच्चों की बढ़ी परेशानी: गर्मी की बढ़ी तपिश! स्कूल से घर लौटने वाले बच्चों को लू लगने की बढ़ी आशंका

प्रचंड गर्मी से स्कूली बच्चे सबसे ज्यादा परेशान, बच्चों के गार्जियन स्कूल को बंद करने की कर रहे हैं मांग

स्कूल के छोटे-छोटे बच्चों ने मुख्यमंत्री से लगाई फरियाद: कहा- CM अंकल बढ़ती गर्मी में स्कूल जाने में परेशानी हो रही है कृपया गर्मी की छुट्टी करवा दीजिए

लू की चपेट में झारखंड:उत्तर-पश्चिम की शुष्क हवाओं ने बढ़ाई गर्मी; 15 जून तक ऐसा ही रहेगा मौसम

इस साल गर्मी रिकार्ड तोड़ने को आमादा है। दिन का तापमान लगातार एक सप्ताह से सामान्य से 5 डिग्री सेल्सियस ऊपर चल रहा है। सुबह से ही सूरज आग उगल रहा है।  स्कूलों में पर्याप्त इंतजाम नहीं होने से बच्चों की हालत खराब हो रही है। ऐसे में अभिभावकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि विद्यालयों का समय बदला जाए और सुबह की शिफ्ट सुबह 7 बजे से 10 बजे तक ही चालू रखी जाए। गर्मी की तपिश बढ़ने साथ ही स्कूली बच्चों की परेशानी बढ़ गई है। तेज धूप और उमस भरी गर्मी के साथ लू के प्रकोप से बच्चों को कई तरह की परेशानियां हो रही है। प्यास लगने व चिलचिलाती धूप की वजह से कई बच्चे दस्त के शिकार हो जा रहे हैं। ऐसे में कई बच्चे घर से निकलना पसंद नहीं कर रहा है किंतु स्कूल की टाइमिंग इस कदर है कि उन्हें छुट्टी से लौटते समय भीषण गर्मी का शिकार होना पड़ रहा है। स्कूली बच्चों की छुट्टी का वक्त 11:30 और 12:00 के बीच का होता है जिस समय सूरज एकदम आसमान के बीचो-बीच होता है और गर्मी काफी तेज होती है ऐसे में बच्चों को स्कूल से घर आने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है

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बोले, अभिभावक
स्कूलाें की छुट्टी के समय में बदलाव होना चाहिए। तेज धूप में बच्चे बहुत परेशान हो जाते हैं। तबीयत खराब होने का भी डर होता है।
-डॉ. ज्योति यादव, 
स्कूल की छुट्टी यदि 10 बजे के आसपास हो जाए तो इससे राहत मिलेगी। दोपहर 12 बजे धूप बहुत तेज होती है। इसमें बहुत परेशानी होती है। -रमाशंकर पांडेय, 
School holidays being held in the scorching sunअप्रैल माह में जून का कहर

 

अभिभावक प्रागेन्द्र बागरी ने बताया कि इस बार अप्रैल महीने में ही जून जैसी गर्मी पड़ रही है। उनके बच्चे निजी विद्यालय में पढ़ रहे हैं। ICSC BOARD पाठ्यक्रम वाले इस स्कूल में सुबह 7 बजे से 12:00 बजे  तक छोटे बच्चों की क्लास लग रही है। लेकिन क्लास रूम में गर्मी से बचने के कोई खास इंतजाम नहीं है। सिर्फ पंखे लगे हैं वे भी गरम हवा छोड़ते हैं। ऐसे में छोटे बच्चे जब स्कूल से लौटते हैं तो उनकी हालत खराब रहती है। जिला प्रशासन को चाहिए कि बढ़े तापमान को देखते हुए विद्यालयों की टाइमिंग सुबह 7 बजे से 10 बजे तक करे।

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CM साहब छोटे-छोटे स्कूली बच्चों की कुछ तो चिंता कीजिए : 

रांची समेत पूरे झारखंड में बढ़ती गर्मी से बच्चे बुजुर्ग के साथ-साथ युवाओं को भी काफी परेशानी हो रही है चिलचिलाती धूप में लोग अपने घरों से निकलना नहीं चाह रहे हैं लेकिन काम करने के लिए तो हर हाल में घर से निकलना ही पड़ेगा अगर हम बात करें छोटे-छोटे स्कूल के मासूम बच्चों की दो बढ़ती और चिलचिलाती गर्मी से उन लोगों को काफी परेशानी हो रही है स्कूल की टाइमिंग को तो चेंज कर दिया गया है लेकिन फिर भी सुबह 7:00 बजते ही सूरज अपनी रोशनी जमीन पर इस कदर फैलाती है कि गर्मी का प्रकोप फैल जाता है स्कूली बच्चों की छुट्टी का समय 12 बजे है और इस समय रांची का तापमान लगभग 40 डिग्री होता है  

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स्कूल की छुट्टी समय छोटे-छोटे मासूम बच्चों को स्कूल से घर जाने में बढ़ती गर्मी और चिलचिलाती धूप की वजह से काफी परेशानी हो रही है, CM साहब जी से अनुरोध है कि स्कूली बच्चों पर कुछ रहम कीजिए और जल्द ही बढ़ती गर्मी को देखते हुए स्कूल बंद करने का आदेश जारी करें ताकि छोटे-छोटे बच्चों को धूप की वजह से बीमार ना होना पड़े वह सभी अपने घरों में पूरी तरह सुरक्षित रहे !

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छोटे बच्चों पर सूर्य देव का कहर

 

दोपहर 12 बजे जब छुट्टी होती है तो स्कूली बच्चों की हालत सबसे ज्यादा खराब रहती है। गर्म हवाओ के थपेड़े अब दिन निकलने के साथ ही शुरू हो जाते हैं। उधर स्कूल से जिस वैन में बच्चों को लाया जाता है वे भी बच्चों के लिए परेशानी का सबब बन रही हैं। इसमें पसीने में नहाए और प्यास से व्याकुल बच्चों को लगता है कि कब घर पहुंचे। 

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चिकित्सकों ने मौसम बताया प्रतिकूल 
मेडिसिन के डाक्टरों ने भी इस झुलसाने वाली गर्मी को छोटे बच्चों के स्वास्थ्य के लिये प्रतिकूल बताया है। डॉ नारेन्द्र शर्मा ने बताया कि छोटे बच्चे जब क्लास रूम में होते हैं तो बाल सुलभ स्थितियों के कारण लगातार पानी नहीं पीते हैं। जिससे गर्मी में पानी की कमी हो सकती है। साथ ही अगर कूलर का इंतजाम नहीं होता है तो क्लास के पंखों की हवा भी संवेदनशील बच्चों को नुकसान पहुंचा सकती है। इसकी वजह यह है कि गर्मी में वातावरण में आर्द्रता कम होने से हवा में नमी बिल्कुल कम हो जाती है जो संवेदनशील त्वचा को छुलसा देती है। इससे त्वचा में दाने भी आने लगते हैं। वहीं डिहाइड्रेशन की भी समस्या हो सकती है।
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मौसम के तीखे तेवर; पूरा झारखंड लाल घेरे में:15 जिले में पारा 40 के पार, रांची में 21 अप्रैल को 40 डिग्री पर पहुंचेगा

झारखंड में गर्मी के तेवर तीखे हैं। शरीर को झुलसा देने वाली गर्मी पड़ रही है। राज्य के 24 में से 15 जिलों में पारा 40 डिग्री के पार हो गया है। वहीं पाकुड़ और गोड्‌डा में यह 43 डिग्री पर पहुंच गया है। मौसम विभाग ने शुक्रवार से लू चलने की संभावना जताई है। गर्मी का आलम यह है कि सुबह होते ही गर्म हवा चलने लगती है। दोपहर में सड़कें खाली हो जाती हैं। राजधानी रांची में हालांकि अभी अधिकतम तापमान 36.2 डिग्री पर है, लेकिन 21 अप्रैल को यहां का तापमान भी 40 डिग्री पर पहुंच जाएगा।

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भारतीय मौसम विज्ञान केंद्र, रांची के वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि उत्तर-पश्चिम की गर्म हवाओं से पूरा झारखंड प्रभावित हो रहा है। गर्मी से पूरा राज्य लाल घेरे में आ गया है। उन्होंने बताया कि संथाल परगना ओर कोल्हान में 19 से 22 अप्रैल तक लू चलेगी। इसके अलावा रांची, गिरिडीह, बोकारो और धनबाद में भी पारा 40 डिग्री के आसपास रहेगा। अगले पांच दिनों तक गर्मी से राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है। क्योंकि गर्म हवाओं से झारखंड शुष्क हो गया है। राज्य में न तो बादल छा रहे हैं और न ही बंगाल की खाड़ी से नमी आ रही है। इसी वजह से भीषण गर्मी पड़ रही है। गुरुवार को रांची का अधिकतम तापमान 36.2 डिग्री, जमशेदपुर का 41.2 डिग्री था।

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झारखंड तप रहा है। सुबह सात बजे से ही गर्म हवा के थपेड़े चलने लगते हैं। घर से बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। मौसम वैज्ञानिक ने भी बच्चों और बुजुर्गों को तपिश से बचाने की सलाह दी है। इससे बच्चों और उनके अभिभावकों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। अभिभावक स्कूलों का समय बदलने की मांग उठाने लगे हैं, क्योंकि दोपहर में छुट्‌टी के बाद घर लौटते समय बच्चे निढाल हो जा रहे हैं। उधर, अधिकारियों का कहना है कि सरकार भी गर्मी पर नजर बनाए हुए है। जल्दी ही स्कूल की टाइमिंग में बदलाव होने की संभावना है।

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बच्चों को खड़ी गाडियों में न छोड़े। दोपहर 12 से 03 बजे के मध्य सूर्य की रोशनी में जाने से बचें। गहरे रंग के भारी तथा तंग कपड़े न पहनें। जब बाहर का तापमान अधिक हो तब श्रमसाध्य कार्य न करें।

क्या कहते हैं चिकित्सक…

1 माह लोगों को ज्यादा परेशान करेगा डिहाइड्रेशन

“उल्टी-दस्त के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। क्योंकि बदलते मौसम को हमारा शरीर सहन नहीं कर पा रहा है। अभी एक माह लोगों को डिहाइड्रेशन ज्यादा परेशान करेगा। बुजुर्ग व बच्चों के प्रति ज्यादा सावधानी बरतें।”

– डॉ. सुदीप्तो, क्रिटिकल केयर, रिम्स

उल्टी-दस्त से शरीर में पानी की कमी हो जाती है

“पहले बच्चों को उल्टी-बुखार होता है। फिर 12 से 24 घंटे बाद पतले दस्त होने लगते हैं। उल्टी, दस्त के कारण शरीर में पानी की कमी हो जाती है। इसे इफेक्टिव डायरिया और डिहाइड्रेशन कहते हैं।”

-डॉ. वरुण कुमार, क्रिटिकल केयर, रिम्स

बच्चा सुस्त है तो डॉक्टर को जरूर दिखाएं

“गर्मी में उल्टी-दस्त होने पर लोग सोचते हैं कि जूस लाभदायक होता है। लेकिन जूस कच्चा होता है, नुकसान करता है। बच्चा अगर सुस्त हो रहा है तो उसे डॉक्टर को जरूर दिखाएं। ओआरएम का घोल पिलाते रहें।”

-डॉ. राजेश कुमार, शिशु रोग विशेषज्ञ

मौसम केंद्र ने आम लोगों को दी सलाह

  • सीधे धूप में न जाएं, सुबह 11 से शाम चार बजे तक बाहर निकलने से बचें
  • पानी का ज्यादा से ज्यादा सेवन करें, ओआरएस घोल भी लेते रहें
  • धूप में निकलने से पहले सिर को अच्छी तरह से ढंक लें
  • हीट स्ट्रोक होने पर बर्फ व ठंडे पानी का उपयोग करें, जरूरी हो तो तुरंत अस्पताल जाएं
  • बच्चों और बुजुर्ग पर ज्यादा हीट स्ट्रोक का असर होता है, उन्हें बचाकर रखें

Report By :- AAKNSHA DUBEY, WEATHER / EDUCATION DESK, NATION EXPRESS, RANCHI

 

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