बाप रे ! मौलाना आजाद कॉलोनी से इतना बड़ा इंटरनेशनल क्रिमनल पकड़ाया.. बांग्लादेशी नागरिक असदुर जमान के इशारे पर पाकिस्तान, चीन और अंतर्राष्ट्रीय कॉल को जीएसएम कॉल में कन्वर्ट करता था
CITY DESK, NATION EXPRESS, भुवनेश्वर / RANCHI
बताया जा रहा है कि आरोपी राजू मंडल का हैंडलर एक बांग्लादेशी नागरिक है. उसका नाम असदुर जमान है.
यह रैकेट अंतरराष्ट्रीय कॉल को पाकिस्तान, चीन और पश्चिम एशिया में रूट करता था
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रांची में सिम बॉक्स के जरिए इंटरनेशनल कॉल को लोकल कॉल में कन्वर्ट कर टेलीकॉम कंपनियों को चूना लगाने, कॉलर की पहचान बदलने और साइबर क्राइम को अंजाम देने वाले रैकेट का खुलासा हुआ है। ओडिशा में ऐसे ही रैकेट का पर्दाफाश करने के बाद वहां की स्पेशल पुलिस टीम ने रांची पुलिस के सहयोग से मंगलवार को शहर के मौलाना आजाद कॉलोनी इलाके में रेड डाली। यहां एक मकान से 5 सिम बॉक्स बरामद किए गए हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ओडिशा से लेकर झारखंड तक संचालित हो रहे इस रैकेट का मास्टर हैंडलर बांग्लादेशी नागरिक असदुर जमान है।
सिमबॉक्स एक इलेक्ट्रॉनिक हार्डवेयर डिवाइस है, जिसके जरिए इंटरनेशनल कॉल को इंटरनेट के जरिए लोकल नंबर पर कन्वर्ट कर दिया जाता है। इससे इंटरनेशनल नंबरों पर भी लोकल कॉल चार्ज पर बात करना संभव हो जाता है। इसके जरिए टेलीकॉम कंपनियों को करोड़ों की चपत लगाई जाती है। यह नेशनल सिक्योरिटी के लिए गंभीर खतरा है। इस रैकेट का खुलासा 16 अगस्त को ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर की पुलिस ने किया था और इसके सरगना राजू मंडल को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने वहां पांच एक्टिव सिमबॉक्स, दो रिजर्व सिमबॉक्स, 750 से ज्यादा सिमकार्ड, राउटर और कई अन्य उपकरण जब्त किए थे।
राजू मंडल को रिमांड पर लेकर की जा रही पूछताछ के दौरान ओडिशा के कटक और झारखंड की राजधानी रांची में भी इसी तरह के रैकेट संचालित होने की जानकारी मिली। भुवनेश्वर के पुलिस कमिश्नर संजीव पांडा इस पूरे ऑपरेशन पर खुद निगरानी रख रहे हैं।
ओडिशा पुलिस ने नामकुम पुलिस के सहयोग से सिम बॉक्स रैकेट कनेक्शन मामले में रांची के मौलाना आजाद कॉलोनी में इलाके में मौजूद एक घर में छापेमारी की है. एक घर का ताला तोड़कर पुलिस ने आठ सिम बॉक्स बरामद किया है. इस मामले में 1 लोगों को हिरासत में भी लिया गया है. ओडिशा पुलिस के इस अभियान में रांची पुलिस की टीम भी शामिल है. रेड को लेकर भुवनेश्वर के पुलिस कमिश्नर संजीव पाडा ने भी इशारा किया था. उन्होंने बताया था कि सिम बॉक्स रैकेट के लिंक झारखंड में भी हैं. ओडिशा में दो का भंडाफोड़ हो चुका है, तीसरा रैकेट झारखंड में चल रहा था.
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ओडिशा में रैकेट का भंडाफोड़ 16 अगस्त को भुवनेश्वर में पश्चिम बंगाल निवासी राजू मंडल की गिरफ्तारी के बाद हुआ था. पुलिस ने भुवनेश्वर स्थित एक आवास से पांच सक्रिय सिम बॉक्स, दो रिजर्व सिम बॉक्स और 750 से अधिक सिम कार्ड के साथ-साथ राउटर और अन्य उपकरण जब्त किया था. पूछताछ के दौरान राजू मंडल कटक और रांची सहित कई स्थानों से सिम बॉक्स संचालित करने की बात कही थी. उसी के इनपुट पर रांची के कांटाटोली में छापेमारी हुई है.
राजू मंडल से पूछताछ के बाद 18 अगस्त को कटक में भी एक सिम बॉक्स रैकेट खुलासा हुआ था. राजू मंडल रैकेट का मुख्य आरोपी है. वो फिलहाल पांच दिनों की रिमांड पर है. भुवनेश्वर पुलिस की पूछताछ में उसने कबूल किया है कि कई स्थानों से सिम बॉक्स संचालित कर रहा था. पूछताछ में राजू मंडल ने बताया है कि उसका हैंडलर एक बांग्लादेशी नागरिक है. उसका नाम असदुर जमान है.

क्या होता है सिम बॉक्स
सिम बॉक्स एक तरह का इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस होता है. इसे सिम बैंक भी करते हैं. यह डिवाइस एक इंटरनेट बेस्ड हार्डवेयर होता है जिसका इस्तेमाल टेलीकॉम में डायरेक्ट जीएसएम कम्युनिकेशन को टर्मिनेट करने में किया जाता है. सिम बॉक्स में कई सिम कार्ड लगे होते हैं जिससे की इंटरनेशनल कॉल को स्थानीय जीएसएम कॉल में कन्वर्ट किया जा सकता है. आसान भाषा में कहें तो इससे अंतरराष्ट्रीय कॉल में स्थानीय नंबर में बदला जा सकता है. फोन पर जो नंबर डिसप्ले होता है वह स्थानीय नजर आता है. इसका फायदा ये होता है कि इससे किसी भी अंतरराष्ट्रीय नंबर पर लोकल कॉल के चार्ज पर बात किया जा सकता है. इससे ना सिर्फ टेलीकॉम कंपनियों को करोड़ों को चूना लगता है. बल्कि ये राष्ट्रीय सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ मामला होता है.
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ओडिशा पुलिस ने एक बांग्लादेशी की ओर से भुवनेश्वर से संचालित सिम बॉक्स रैकेट का भंडाफोड़ करने का दावा किया है. यह रैकेट अंतरराष्ट्रीय कॉल को पाकिस्तान, चीन और पश्चिम एशिया में रूट करता था. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी.उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल के रहने वाले राजू मंडल को गिरफ्तार किया गया है. ओडिशा की राजधानी में एक घर से 1,000 से अधिक सिम कार्ड, राउटर और अन्य उपकरण जब्त किए गए हैं, जिनमें से अधिकांश पड़ोसी राज्य में पहले से सक्रिय थे.
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पुलिस आयुक्त संजीव पांडा ने कहा कि मंडल से प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि सिम बॉक्स का इस्तेमाल पाकिस्तान, चीन और मध्य पूर्व में अंतर्राष्ट्रीय कॉल को रीरूट करने के लिए किया जाता था. हालांकि मंडल पश्चिम बंगाल में रह रहा था, लेकिन वह सिम से जुड़ी किसी भी समस्या को हल करने और रखरखाव और मरम्मत करने के लिए भुवनेश्वर स्थित घर पर आता था. पांडा ने कहा कि सिम बॉक्स का इस्तेमाल मूल फोन नंबर छिपाने के लिए किया जाता है. अक्सर साइबर अपराध, अभद्र भाषा, आतंकवादी कृत्यों, जबरन वसूली और अन्य अवैध गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया जाता है. जिससे कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए चुनौतियां पैदा होती हैं.
उन्होंने कहा कि बांग्लादेश के नागरिक असदुर जमान ने अक्टूबर, 2023 में अगरतला के रास्ते भारत में प्रवेश किया और भुवनेश्वर का दौरा किया. वह उसी साल दिसंबर में बांग्लादेश वापस चला गया. अपने प्रवास के दौरान, उसने मंडल को भुगतान किया और माना जाता है कि उसने दो और सिम बॉक्स स्थापित किए हैं, जिन्हें जल्द ही नष्ट कर दिया जाएगा. पांडा ने कहा कि पुलिस किसी भी राष्ट्रीय जांच एजेंसी और इंटरपोल से भी मदद लेने पर विचार कर रही है क्योंकि मामले का मुख्य आरोपी बांग्लादेश का नागरिक है.
Report By :- ANAMIKA TIWARI / KHUSHBOO SHARMA, CITY DESK, NATION EXPRESS, भुवनेश्वर / RANCHI