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2 फरवरी को DGP ने SSP को दिए थे अपराध रोकने के निर्देश, 96 घंटे बाद ही अपराधियों ने पुलिस को दी खुली चुनौती, कारोबारी के घर पर कर दिया 14 राउंड फायरिंग

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CRIME DESK, NATION EXPRESS, RANCHI

रांची में बढ़ता अपराध का ग्राफ

आम लोगो के दिलो से दूर होती जा रही है रांची पुलिस

पुलिस पर से आम लोगों का उठता जा रहा है भरोसा

आम लोगों के दिल में जगह बनाने के लिए पुलिस को सुधारनी होगी अपनी छवि

मोरहाबादी में गैंगवार के बाद 2 फरवरी को डीजीपी ने अफसरों अपराध रोकने के निर्देश दिए थे। लेकिन, पुलिस की लापरवाही से रविवार की रात कई जानें चली जातीं। दो अपराधियों ने हेसाग में कारोबारी नसीरुद्दीन अंसारी के घर पर देर रात करीब 1 बजे 14 राउंड फायरिंग की। गोलियां नसीरुद्दीन के घर के दरवाजे और दुकान के शटर पर लग कर रह गई। शुक्र है कि देर रात होने से नसीरुद्दीन अंसारी का पूरा परिवार घर के अंदर था, इसलिए सभी बाल-बाल बच गए। अगर गोलियां कुछ घंटे पहले चली होतीं तो कई लोगों की जानें जातीं। फायरिंग के बाद अपराधी आराम से वहां से निकले।

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Thankfully the family is safe, on February 2, the DGP gave instructions to  the officers to stop the crime, on 6 the criminals showed their eyes |  शुक्र है परिवार सुरक्षित, 2

पूरी घटना पास में लगी सीसीटीवी में कैद हो गई है। दुर्भाग्य है कि घटना के 24 घंटे बाद भी पुलिस को अपराधियों के बारे में कुछ जानकारी नहीं मिली। हालांकि, हेसाग में ही रहने वाले 3 लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं कर सकी है।

पहले 6 राउंड फायरिंग कर आगे बढ़े, दोबारा लौटे और 8 राउंड फायरिंग की
फायरिंग रविवार देर रात 12.58 से 1 बजे के बीच हुई। पूरी घटना सीसीटीवी में कैद है। दो बाइक सवार फायरिंग करते सीसीटीवी में दिख रहे हैं। हेलमेट पहने दोनों अपराधियों के हाथ में पिस्टल था। दोनों ने पहले 6 राउंड फायरिंग की। फिर बाइक से आगे बढ़कर वापस नसीरुद्दीन अंसारी के घर के पास दोबारा आए। इसके बाद फिर 6 से 8 राउंड फायरिंग की और चले गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने नसीरुद्दीन अंसारी के घर के पास से गोली के 12 खोखे भी बरामद किए हैं।

नसीरुद्दीन के भाई की पुलिस के सामने हुई थी हत्या
वर्ष 2020 के दिसंबर में नसीरुद्दीन अंसारी के भाई अल्लाउद्दीन अंसारी की पुलिस गाड़ी के सामने हत्या हो चुकी है। हत्या 73 डिसमिल जमीन के विवाद में हुई थी। उसे लेकर अब भी हेसाग में तनाव है। नसीरुद्दीन का कहना है कि हो सकता है कि इस बार भी उसी जमीन को लेकर हमला कराया गया हो। फायरिंग की इस घटना से उनका पूरा परिवार सहमा है। क्योंकि, पिछली बार अल्लाउद्दीन की हत्या के आरोप में जो लोग जेल गए थे, वे जमानत पर जेल से बाहर हैं।

Report By :- ADITI PANDIT, CRIME DESK, NATION EXPRESS, RANCHI

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