सिरमटोली फ्लाइओवर रैंप निर्माण का विरोध ! केंद्रीय सरना स्थल बचाओ मोर्चा 27 अप्रैल को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन करेगा
CITY DESK, NATION EXPRESS, RANCHI
विरोध के बीच सिरमटोली में फ्लाइओवर के रैंप का निर्माण शुक्रवार से शुरू हाे गया. रैंप निर्माण में किसी तरह की बाधा न पहुंचे, इसको लेकर प्रशासन की ओर से पूरी तैयारी की गयी थी. एसडीओ उत्कर्ष कुमार, एडीएम लॉ एंड ऑर्डर राजेश्वर नाथ आलोक, सिटी एसपी राजकुमार मेहता के अलावा कई डीएसपी व विभिन्न थानों के प्रभारी मौजूद थे. वहीं, रैंप व आसपास में 250 फोर्स की तैनाती की गयी थी. रात भर काम चलता रहा. कार्य से जुड़े लोगों ने बताया कि सरना स्थल प्रभावित नहीं हो, उसको ध्यान में रखकर निर्माण कार्य किया जा रहा है. उधर, रैंप निर्माण का विरोध कर रहा केंद्रीय सरना स्थल बचाओ मोर्चा ने घोषणा की है कि 27 अप्रैल को राज्य के सभी जिलों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला फूंका जायेगा. मोर्चा ने कहा कि तीन माह से लगातार आंदोलन के बावजूद रैंप निर्माण का कार्य फिर से शुरू कर दिया गया है. मुख्यमंत्री ने भी सिर्फ झूठा आश्वासन ही दिया है. आंदोलन को फिर से चरणबद्ध तरीके से बढ़ाया जायेगा. मोर्चा के सदस्यों की बैठक के दौरान यह बात भी सामने आयी कि मामले को राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग कोर्ट तक भी ले जाया जा सकता है. जरूरत पड़ने पर पीआइएल भी किया जा सकता है.
सरना स्थल पर मोर्चा की बैठक को रोकने पहुंची पुलिस, हुई बहस
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मोर्चा के सदस्य शुक्रवार को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत सिरमटोली सरना स्थल पर बैठक करने के लिए पहुंचे थे. वहीं, पुलिस-प्रशासन की ओर से सिरमटोली चौक के पास बैरिकेडिंग की गयी थी. किसी को भी मुख्य द्वार की ओर से सरना स्थल के पास जाने नहीं दिया जा रहा था. हालांकि, इसके बावजूद सरना स्थल के पीछे की गली से मोर्चा के सदस्य सरना स्थल पर पहुंच गये और पूर्व मंत्री गीताश्री उरांव के नेतृत्व में बैठक करने लगे. दिन के 12 बजे के बाद सिटी एसपी राजकुमार मेहता, एडीएम लॉ एंड आर्डर व अन्य पुलिस अफसर वहां पहुंचे और बैठक को बंद करने को कहा. इसका मोर्चा ने विरोध किया और कहा कि यह हमारा धार्मिक स्थल है और हम यहां बैठक करेंगे. पूर्व मंत्री गीताश्री उरांव ने कहा कि सरकार ने इस मामले को हल करने की बजाये ढुलमुल रवैया अपनाया है. आज रैंप निर्माण का काम शुरू कर दिया गया है. जब हमलोग बैठक कर रहे हैं, तो प्रशासन हमें यहां बैठक करने से रोक रहा है. इस दौरान काफी देर तक मोर्चा के सदस्यों व अधिकारियों के बीच बहस हुई. मोर्चा के लोगों ने कहा कि यह धार्मिक स्थल है. बिना हमारी अनुमति के प्रशासन के लोग यहां आकर इसे अपवित्र कर रहे हैं. प्रशासन का कहना था कि आपलोग बैठक कीजिये, लेकिन विधि व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस मौजूद रहेगी. मोर्चा की बैठक में निरंजना हेरेंज, कुंदरसी मुंडा सहित अन्य लोग उपस्थित थे.
पत्रकारों को भी हटाया
पुलिस के अधिकारियों ने सरना स्थल पर कवरेज के लिए मौजूद मीडियाकर्मियों को भी फोटो खींचने से रोका. उन्हें बाहर जाने को कहा. बाद में सरना स्थल तक पहुंचने वाली अन्य गलियों में भी पुलिस के जवानों को तैनात कर दिया. बाहर से सरना स्थल तक आनेवाले लोगों को रोक दिया गया. वहीं, प्रशासन की ओर से घटनाक्रम की फोटोग्राफी भी करायी गयी.
सिरमटोली रैंप मामले में अनुसूचित जनजाति आयोग ने मुख्य सचिव व डीसी को नोटिस भेजा
ष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने सिरमटोली रैंप से संबंधित मामले में नोटिस जारी कर राज्य के मुख्य सचिव और उपायुक्त से जवाब मांगा है. आयोग ने इस मामले में नगर विकास विभाग के सचिव और रांची नगर निगम के प्रशासक को भी नोटिस किया है. आयोग की ओर से जारी नोटिस में कहा गया कि बबलू मुंडा ने आयोग को पत्र लिखकर शिकायत की थी. आयोग ने कहा है कि सिरमटोली रैंप के खिलाफ आदिवासी संगठनों द्वारा चरणबद्ध आंदोलन और रैंप से सरना स्थल के मुख्य द्वार के संकीर्ण होने से संबंधित शिकायत मिली है. आयोग इस मामले में जांच करना चाहता है. आयोग की ओर से कहा गया है कि नोटिस प्राप्त होने के पांच दिनों के अंदर इस मामले में आयोग के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर या डाक या संचार के अन्य माध्यमों के जरिये सूचना दें. यदि निर्धारित तिथि में आयोग को जवाब प्राप्त नहीं होता है, तो आयोग इस मामले में संबंधित अधिकारियों को समन जारी कर सकता है. इधर, केंद्रीय सरना समिति व चडरी सरना समिति के बबलू मुंडा ने कहा कि सिरमटोली रैंप का काम बंदूक की नोक पर कराया जा रहा है.
Report By :- ADITI PANDIT, CITY DESK, NATION EXPRESS, RANCHI