महासचिव तारिक हुसैन के घमंड और अहंकार की वजह से रांची का अंजुमन अस्पताल बंद होने के कगार पर : अंजुमन इस्लामिया कमेटी सड़कों पर भीख मांग कर भी अस्पताल को बंद होने से बचाएगी
CITY DESK, NATION EXPRESS, रांची
अन्जुमन अस्पताल प्रबंधन समिति की आज के प्रेस कॉन्फ्रेंस में अस्पताल के पूर्व सचिव तारिक हुसैन पर कई गंभीर आरोप लगाये हैं, अस्पताल को बन्द करवाने की तारिक हुसैन ने ठान लिया है इसीलिए अस्पताल के नई बनी कमिटी को NOC और स्टाफ की बकाया पेमेंट सहित अन्य वितीय खर्च देना नही चाहते, ये आरोप अस्पताल प्रबंधन समिति के शफीकुर्रहमान ने लगाया, उन्होंने आगे कहा कि अस्पताल को सुचारू रूप से चलाने के लिए पूर्व की कमिटी में डॉ०तारिक हुसैन को कामचलाऊ रूप से सचिव बनाया गया था, उस कमिटी में आर्थिक रूप से अनियमितता उजगार होने के बाद प्रबंधन कमिटी को भंग करते हुए बायलॉज के अनुसार नई कमिटी बनाई गई जिसमें अनवर आलम सचिव मो०जाहिद काजल उपाध्यक्ष, नदीम इक़बाल सह-सचिव, मो०शाहिद को कोषाध्यक्ष सहित 9 लोगो को सदस्य चुना गया जनरल बॉडी की आम बैठक में सर्वसम्मति से पारित किया गया !

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नई प्रबंधन कमिटी ने पूर्व के कमिटी के वित्तिय लेखा जोखा का हिसाब में कुछ वित्तिय गड़बड़ी पाई तो उसका ब्यौरा और NOC मांगने पर डॉ०तारिक हुसैन टाल मटोल कर रहे क्योंकि उनकी मंशा अस्पताल को किसी भी तरह से नुकसान पहुंचाने की है अगर उनको कौम और अस्पताल से हमदर्दी होती तो बिना झिझक अस्पताल के सफल संचालन हेतु NOC पर बिना शर्त हस्ताक्षर करते हुए अपने अहंकार को दरकिनार कर देते, गलत सही का फैसला करने के लिए नई कमिटी को सामाजिक या कानूनी रूप से चुनौती दे सकते थे, पर उन्होंने ऐसा नहीं किया इसका मतलब साफ है, अन्जुमन हॉस्पिटल को हर हाल में बन्द करा दिया जाए शायद इसी मानसिकता के साथ डॉ०तारिक हुसैन अन्जुमन इस्लामिया के चुनाव में जीत कर आये है, शफीकुर्रहमान ने कहा कि किसी भी हालत में अस्पताल को बन्द नही होने देंगे अस्पताल प्रबंधन को इसके लिए गली गली भीख भी कियूँ न मांगना पड़े अस्पताल को बचाने के लिए यह कमिटी भीख मांगने के लिए भी सड़को पर निकलने के लिए तैयार है। आज के इस कॉन्फ्रेंस में मुख्य रूप से मेडिकल सुप्रिडेंट मुकीम आलम, प्रबंधन समिति सदस्य शफीकुर्रहमान, मो०सुफियान, मौजूद थे !

अंजुमन इस्लामिया के महासचिव डॉक्टर तारिक हुसैन पर गंभीर आरोप लगने के बाद उन्होंने व्हाट्सएप के एक ग्रुप में लिखा है कि अक्टूबर महीने से हम सैलरी देने के लिए फोन कर रहे हैं और लेटर दे रहे हैं जिसका प्रूफ मेरे पास है पर इन लोगों को सिर्फ अंजुमन अस्पताल पर कब्जा चाहिए किसी को स्टाफ सैलेरी डॉक्टर मैनेजमेंट से कोई लेना-देना नहीं है, इसलिए मुझे ना तो हिसाब दे रहे हैं और ना ही किसी को सैलरी देने दे रहे हैं, इनका कहना है सिर्फ हॉस्पिटल हैंडोवर कर दीजिए बाकी आवाम जानती है यह लोग क्या करेंगे उनकी नियत क्या है कैसे इन लोगों को हॉस्पिटल हैंडोवर कर दे ? सैलरी हम नहीं यह लोग रोक रखे हैं सब की नियत खराब है !

रांची के अंजुमन इस्लामिया के चुनाव होने के कुछ दिनों बाद ही सदर मुख्तार अहमद और महासचिव डॉक्टर तारिक हुसैन के बीच विवाद होता चला आ रहा है जिसका खामियाजा रांची के मुसलमान को भुगतना पड़ रहा है अब फिर से एक नया विवाद पैदा हो गया है अंजुमन अस्पताल का आपको बताते चले की अंजुमन अस्पताल में काफी कम खर्चों पर गरीबों का इलाज किया जाता है और इन दोनों की लड़ाई के बीच अंजुमन इस्लामिया बंद होने के कगार पर पहुंच गया है, अंजुमन इस्लामिया में कई ऐसे स्टाफ है जो अंजुमन इस्लामिया अस्पताल की सैलरी से अपने घर का खर्च भी चलाते हैं अब उनके सामने डर पैदा हो गया है कि कहीं अगर अंजुमन अस्पताल पर ताला लटक गया तो वह बेरोजगार हो जाएंगे और उनके परिवार भुखमरी के कगार पर आ जाएगा, अगर वाकई अंजुमन अस्पताल में किसी तरह की कोई गड़बड़ी हुई है तो महासचिव तारीख हुसैन को चाहिए कि वह कानून और कोर्ट की मदद ले और अगर नहीं तो वह अपना घमंड और अहंकार छोड़ दे ताकि अंजुमन अस्पताल सुचारू रूप से चल सके और गरीब लोग ज्यादा से ज्यादा फायदा उठा सके
Report By :- KHUSHBOO SHARMA, CITY DESK, NATION EXPRESS, रांची