छलक उठा झारखंड सरकार में साझीदार कांग्रेस विधायकों का दर्द, सीएम हेमंत सोरेन के कई फैसलों से कांग्रेस नाराज , अब देखना है कितने दिनों तक चलेगी सरकार
POLITICAL DESK, NATION EXPRESS, RANCHI
झारखंड सरकार में साझीदार कांग्रेस विधायकों का दर्द छलका, घोषणा पत्र के मुताबिक काम न होने पर सीएम हेमंत सोरेन से होगी बात
झारखंड कांग्रेस विधायक दल (Jharkhand Congress Legislature Party) की रांची में हुई बैठक में विधायकों का राज्य की अपनी ही सरकार के प्रति दर्द छलक उठा. विधायकों ने बैठक में कहा कि इस अपनी सरकार से जितनी अपेक्षाएं थीं, उसके अनुसार काम नहीं हो रहा है. हेमंत सोरेन (Hemant Soren) के नेतृत्व वाली झारखंड सरकार में कांग्रेस कोटे के मंत्री आलमगीर आलम, डॉ रामेश्वर उरांव, बन्ना गुप्ता और बादल पत्रलेख भी इस बैठक में मौजूद रहे. विधायकों ने राज्य में नियोजन की नियमावलियों, ओबीसी आरक्षण, राज्य में 20 सूत्री कमिटियों के गठन और पार्टी के नेताओं-कार्यकर्ताओं के मान-सम्मान से जुड़े मुद्दे उठाये और विधायक दल के नेता आलमगीर आलम से कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ इन मुद्दों पर साफ-साफ बात की जाये.
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बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस विधायक दल के नेता और राज्य के ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम ने कहा, विधायकों ने चुनाव घोषणा पत्र के अनुसार काम न होने से जुड़े मुद्दे उठाये हैं. घोषणा पत्र के कई बिंदुओं पर काम हुआ है और कुछ मुद्दों पर काम नहीं हुआ है. हम इन पर सरकार के अंदर और मुख्यमंत्री से बात करेंगे.
क्या कांग्रेस के विधायकों में राज्य की सरकार से नाराजगी है? इस सवाल पर कांग्रेस विधायक दल के नेता ने कहा कि ऐसा नहीं है, लेकिन विधायकों ने अपने क्षेत्र की समस्याओं और घोषणा पत्र में किये गये कई वादों के पूरा न होने पर चिंता जतायी है. इन मुद्दों पर जल्द ही मुख्यमंत्री जी से बात की जायेगी.
सूत्रों के अनुसार, कई कांग्रेस विधायकों ने बैठक में राज्य सरकार द्वारा बनायी गयी नियुक्ति नियमावली में मगही, मैथिली, भोजपुरी, हिंदी और अंगिका को शामिल नहीं किये जाने पर सवाल उठाया. झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षाओं में शामिल होने के लिए मैट्रिक और इंटर झारखंड से पास करने की बाध्यता के नियम पर भी विधायकों ने नाराजगी जतायी. उनका कहना था कि सरकार के इस निर्णय से युवाओं में आक्रोश है. हमलोगों को क्षेत्र में लोगों के सवालों का जवाब देना पड़ता है. इसके अलावा राज्य में ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण देने का मुद्दा उठाते हुए विधायकों ने कहा कि हमलोगों ने घोषणा पत्र में पिछड़ी जाति को जनसंख्या के आधार पर 27 प्रतिशत आरक्षण देने का वादा किया था. अब इसपर तत्काल कदम उठाने की जरूरत है. कांग्रेस विधायक दल की बैठक में पार्टी के चार मंत्रियों के अलावा विधायक प्रदीप यादव, बंधु तिर्की, जयमंगल सिंह, दीपिका पांडेय सिंह, ममता देवी, अंबा प्रसाद, राजेश कच्छप, नमन विक्सल कोंगाड़ी, उमाशंकर अकेला, इरफान अंसारी और पूर्णिमा नीरज सिंह, रामचंद्र सिंह, भूषण बाड़ा, सोनाराम सिंकू और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर भी मौजूद रहे !
Report By :- PUJA SINGH, POLITICAL DESK, NATION EXPRESS, RANCHI