बच्चे की चाहत ने बना दिया अपहरणकर्ता ! आरोपी महिला ने बच्चे की मौसी की आंखों पर पट्टी बांध पूरे शहर में घुमाया फिर नवजात का किया अपहरण, जानिए वारदात की चौंकाने वाली कहानी
CITY DESK, NATION EXPRESS, रांची
Newborn Kidnapping: रांची के सदर अस्पताल में जन्मे एक नवजात शिशु का अपहरण कर लिया गया था। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर 48 घंटे में बच्चे को बरामद कर लिया। आरोपी महिला ने बच्चे की मौसी को जादू-टोना और अंधविश्वास में फंसाकर अपहरण किया। आरोपी को गिरफ्तार कर मां से बच्चे को मिलाया गया।
हाइलाइट्स
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- अपहरण के लिए रिश्तेदार को अंधविश्वास के जाल में फंसाया
- मौसी की आंखों में काली पट्टी बांध कर पूरे शहर में घुमाया
- आरोपी महिला की तस्वीर सीसीटीवी कैमरे में कैद
- 150 से भी ज्यादा सीसीटीवी फुटेज से खुलासा
राजधानी रांची के सदर अस्पताल में जन्मे बच्चे का महज 3 दिनों के बाद अपहरण कर लिया गया था। 17 फरवरी की रात बच्चे का अपहरण कर आरोपी फरार हो गई थी। इसकी शिकायत थाने में दर्ज कराई गई और फिर पुलिस ने तफ्तीश शुरू की और आखिरकार चन्द घंटे में ही अपहृत नवजात को बरामद कर लिया गया ।रांची के डीआईजी एसएसपी चंदन कुमार सिन्हा ने इस अपहरण कांड के पीछे की पूरी कहानी बताई। दरअसल, आरोपी महिला जिसने नवजात का अपहरण किया था बच्चों की चाहत में किसने अपने मोहल्ले में यह बात फैलाई थी कि वो प्रेग्नेंट है और जब 9 महीने हुए तब उसने सदर अस्पताल में रेकी नवजात बच्चे के अपहरण की पूरी स्क्रिप्ट लिखी और आखिरकार वह नवजात के चोरी में सफल भी हो गई।
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अपहरण के लिए रिश्तेदार को अंधविश्वास के जाल में फंसाया
पुलिस गिरफ्त में आई आरोपी महिला पुतुल उरांव रांची के नरकोपी थाना क्षेत्र की रहने वाली है। वर्तमान में वह सुखदेव नगर थाना क्षेत्र में रह रही थी। वह लिव इन रिलेशनशिप में रहती थी और बच्चे की चाहत रखती थी। इस चाहत ने उसे अपहरणकर्ता बना दिया। बच्चों की चाहत की वजह से उसने पहले सदर अस्पताल में घूम-घूम कर रेकी की और जब 14 फरवरी को बच्चों का जन्म हुआ, तब नवजात के अपहरण के लिए अंधविश्वास के जाल में बच्चे के रिश्तेदार को फंसाया। फिर अपहरण कर बच्चे को लेकर फरार हो गई थी।

आरोपी महिला की तस्वीर सीसीटीवी कैमरे में कैद
दरअसल 17 फरवरी की रात बच्चा मौसी की गोद में दिखा था और उसके साथ एक और महिला सीसीटीवी फुटेज में कैद हुई थी। जब इस नवजात को बरामद किया गया। तब आरोपी से पूछताछ में सारी कहानी सामने आई। वहीं नवजात की मौसी के साथ पुलिस लगातार बच्चे की तलाश के लिए छानबीन कर रही थी।डीआईजी ने बताया कि आरोपी ने बच्चे की मौसी को अंधविश्वास में झांसे में लिया और बच्चे का अपहरण किया। दरअसल मां बनने के बाद मां का दूध नहीं उतर रहा था। इसकी जानकारी मिलते ही आरोपी महिला ने पूजा-पाठ और जादू-टोना के जरिए दूध उतारने का दावा करते हुए मौसी को झांसे में लिया और फिर अंधविश्वास का खेल शुरू हुआ।

मौसी की आंखों में काली पट्टी बांध कर पूरे शहर में घुमाया
आरोपी महिला ने बताया कि नवजात की मौसी की आंखों में काली पट्टी लगाकर पूरे शहर भर में घुमाया गया। जब मौसी को काली पट्टी बांधकर आरोपी घूम रही थी। तब उसने कहा था कि वह पीछे मुड़कर ना देखें। मौसी बच्चे को गोद में लेकर आंख में पट्टी बांधे आगे आगे चल रही थी और आरोपी उसके पीछे-पीछे चल रही थी। कई जगह ऑटो बदल गया। पूरे शहर में आरोपी ने मौसी को बच्चे के साथ घुमाया और आखिरकार मौसी की गोद से बच्चे को लेकर फरार हो गई। जब तक मौसी बच्चे को बचा पाती। तब तक आरोपी वहां से निकल चुकी थ
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डेढ़ सौ से भी ज्यादा सीसीटीवी फुटेज से हुआ खुलासा
रांची पुलिस ने बच्चे की तलाश में डेढ़ सौ से भी ज्यादा सीसीटीवी फुटेज को खंगाला और आखिरकार आरोपी तक जा पहुंची। आरोपी महिला को नारकोपी से गिरफ्तार किया गया और उसके पास से नवजात को बरामद किया गया। पुलिस ने बच्चे को 48 घंटे में उसकी मां से मिलवा दिया है। जिस पर पीड़ित मां ने रांची पुलिस को धन्यवाद दिया है। वही इस पूरे मामले की गहनता से छानबीन की जा रही है। साथ ही इस अपहरण कांड का उद्वेदन करने वाले टीम को डीआईजी ने बधाई दी है।
Report By:- KHUSHBOO SHARMA, CITY DESK, NATION EXPRESS, रांची