रांची के रिसॉर्ट में बिहार-झारखंड-बंगाल के सफ़ेदपोश लेते थे बांग्लादेशी लड़कियों से सर्विस… दलाल हर माह एक लाख देते थे लड़कियों को
CITY DESK, NATION EXPRESS, RANCHI
बांग्लादेशी घुसपैठ मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें बांग्लादेशी नागरिक रानी मंडल और संदीप चौधरी और भारतीय नागरिक पिंटू हलधर व पिंकी बासु मुखर्जी शामिल हैं। चारों के पास से जब्त डिजिटल डिवाइस से मिली जानकारी के आधार पर एजेंसी विदेशी लड़कियों को मंगानेवाले बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के रईसों की तलाश कर रही है।

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पूछताछ में पता चला कि पिंकी बासु मुखर्जी बांग्लादेशी लड़कियों को देश में लाने और पैसे लेकर रईसों के हवाले करनेवाले गिरोह की महत्वपूर्ण सदस्य है। यह गिरोह बांग्लादेश की गरीब लड़कियों को भारत लाता है। इसके लिए उनको हर माह 80 हजार से एक लाख रुपए तक देता है।
बिहार-झारखंड के रईसों का मिला नाम

गिरफ्तार चारों आरोपियों की कॉल डिटेल की जांच करने पर पता चला कि इनका संबंध 100 से अधिक बांग्लादेशी नागरिकों से है। ये गैर कानूनी तरीके से विदेशी लोगों को देश में लाते थे। शुरुआती जांच में झारखंड और बिहार के उन रईसों के नाम मिले हैं, जो इस गिरोह की मदद से विदेशी लड़कियां मंगाते थे।
तंग गलियों में बनाते है ठिकाना, जहां कम आते थे लोग
अब तक की जांच में ED को पता चला है कि बरियातू क्षेत्र के कई रिसॉर्ट व होटल बांग्लादेशी लड़कियों को रखने के ठिकाने बन गए हैं। इन लड़कियों को दलाल देह व्यापार के लिए रांची लाते हैं। ये होटल और रिसॉर्ट ऐसी गलियों में हैं, जहां आम आदमी या पुलिस कम ही जाती है। इसलिए दलाल इसे सुरक्षित जगह मानते हैं। छापेमारी के दौरान जांच एजेंसी ने रिसॉर्ट के रजिस्टर को खंगाला। स्टाफ से पूछताछ की। अब ईडी पूछताछ के लिए रिसॉर्ट मालिकों को जल्दी ही समन भेजेगी।
मिनटों में बना देते हैं फर्जी आधार कार्ड

नाम-पता और फोटो डालते थे, मिनटों में आधार कार्ड तैयार। यह हू-ब-हू असली जैसा। फर्जी पासपोर्ट भी मिले। जांच एजेंसी को छापेमारी में जो फर्जी आधार कार्ड और पासपोर्ट मिले हैं, वह हूबहू असली जैसे हैं। फर्जी आधार कार्ड बनाने वालों ने पूरा सेटअप लगा रखा था। इसमें नाम, पता और फोटो डालकर चंद मिनट में फर्जी आधार कार्ड तैयार कर देते थे। ED ने फर्जी आधार और पासपोर्ट बनाने वाले कुछ लोगों को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ चल रही है। पता लगाया जा रहा है कि उन लोगों ने कितने बांग्लादेशियों का फर्जी कागजात तैयार किया है।
रैकेट का राज कैसे खुला, जानिए…
4 जून, दोपहर 2 बजे

निपाह अख्तर खुशी (21) रांची के बरियातू थाना पहुंची। उसने रोते-रोते पुलिस को बताया कि उसे मनीषा राय अवैध रूप से बांग्लादेश से कोलकाता के रास्ते रांची लेकर आई है। 31 मई 2024 की आधी रात जंगल-झाड़ वाले इलाके से बांग्लादेश की सीमा पार करा कर पश्चिम बंगाल लाया गया था। तब कहा गया था कि ब्यूटीपार्लर में काम करना होगा।
इसके बाद मनीषा राय कोलकाता से कार में बैठाकर रांची ले आई। रांची में बाली रिसॉर्ट में दो दिनों तक रखा गया। वहां एक बांग्लादेशी युवती ने सैक्स रैकेट की बात बताई। इस पर भाग आई।निपाह अख्तर की सूचना पर बरियातू थाना पुलिस ने बाली रिसॉर्ट में छापेमारी की। वहां से तीन युवतियां पकड़ी गई थीं। इनमें संपा गुप्ता ने पहले अपना पता पश्चिम बंगाल के नदिया जिले के हाट बहिरगाछी, पायल दास व अनिका दत्ता ने अपना पता 24 परगना जिला बताया था।
रिसॉर्ट के रिसेप्शनिस्ट राकेश चौधरी ने पुलिस को बताया था कि उनकी मैनेजर सिमरन शेखावत के कहने पर मनीषा राय ने उन्हें रिसॉर्ट में ठहराया था। बाद में छानबीन हुई तो संपा गुप्ता को छोड़ अन्य 3 युवतियां अनिका दत्ता, पायल दास व निपाह अख्तर बांग्लादेश के चटगांव की निकली। पुलिस को उनके पास से फर्जी आधार भी मिला था। पुलिस को तीनों ने बताया कि उनका आधार फर्जी है। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। बाद में कोर्ट ने उन्हें 10 हजार के निजी मुचलके पर जमानत दे दी थी। जिन युवतियों के खिलाफ केस दर्ज हुआ था, उनमें निपाह अख्तर खुशी, पायल दास उर्फ निम्पी बरुवा, अनिका दत्ता उर्फ शर्मिन अख्तर, हासी अख्तर उर्फ हासी विश्वस, प्रवीण और झुमा शामिल थी। ये सभी बांग्लादेश के चटगांव के रहने वाली है। इसी एफआईआर के आधार पर ईडी ने जुलाई में एफआईआर दर्ज की थी।
12 नवंबर को झारखंड और पश्चिम बंगाल के कुल 17 ठिकानों पर छापा मारा था। उस दौरान फर्जी आधार कार्ड, फर्जी पासपोर्ट, प्रतिबंधित हथियार, आठ लाख रुपये और जेवरात जब्त किये गये थे।
Report By :- ANMAIKA TIWARI, CITY DESK, NATION EXPRESS, RANCHI