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थानेदार के दलाल के हुकुम से चलता है थाना
थाना का संचालन पुलिस नहीं, बल्कि थानेदार के दलाल चला रहे हैं
प्राइवेट आदमी गश्ती करने से लेकर पदाधिकारियो की ड्यूटी भी लगता है
जिले के सबसे खराब छवि के रूप में बदनाम हो चुके कुड़वाचैनपुर थाना का संचालन पुलिस नहीं, बल्कि थानेदार के दलाल चला रहे हैं। ऐसा हम इसलिए कह रहें कि क्योंकि एक वीडियो सामने आया है, जिसमें एक व्यक्ति थाने के ऑफिस में रखे कंप्यूटर पर फाइलों का निपटारा कर रहा है। यहां यह बता दें कि कंप्यूटर पर बैठा यह शख्स कोई पुलिसकर्मी नहीं है, लेकिन थाने में थानेदार के बाद इसका ही शासन चलता है। अब इस व्यक्ति का परिचय भी सुन लीजिए। इस शख्स का नाम है तारिक अनवर।
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बताया जाता है कि थाना सहित पूरे इलाके में इतना रुतबा है कि रौब के कारण पुलिस पदाधिकारी गार्ड रूम में रहते हैं वह थानेदार के बगल के क्वार्टर में रहता है। सूत्रों की माने तो थाना की गश्ती से लेकर पदाधिकारी की ड्यूटी तक उसी के आदेश पर चलता है।शहर में निकलता है तो पीछे एक गार्ड भी लेकर चलता है। इतना ही नही थाना के सभी गोपनीय रिपोर्ट से लेकर जमीनी विवाद सहित सभी मामलों का निपटारा भी करता है। बिना किसी रोकटोक के पुलिस के सारे सामान का इस्तेमाल करता है और गलती से भी किसी परिचय पूछ दिया उसकी पिटाई भी हो जाती है। इलाके में वह थाने के छोटा बाबू के रूप में चर्चित हैं। छोटा बाबू का कारनामों से जुड़ा एक वीडियो वायरल हो रहा है। जिसके बाद लोग सवाल पूछ रहे हैं कि यह तारिक अनवर है कौन?
अपने कार्यों के लिए बदनाम रहा कुड़वाचैनपुर थाना
ऐसा नहीं है किसी विवादित मामले से कुड़वाचैनपुर थाने का नाम पहली बार जुड़ा है। जिले में थाने की छवि गलत कार्य के लिए बदनाम है। उदाहरण के लिए इस साल के शुरुआत में यहां के दारोगा संजीव रंजन पर यह आरोप लगा था कि उन्होंने दुष्कर्म पीड़िता एक नेपाली लड़की की हत्या करने और बाद में उसके शव को जलाने में आरोपियों की सहायता की थी। इस पूरी घटना का एक ऑडियो भी सामने आया था, जिसके बात से दारोगा को निलंबित कर दिया, लेकिन लेकिन सात माह बाद भी उनकी गिरफ्तारी नही हो सकी । हालांकि गिरफ्तारी के लिए वारंट जारी किया गया है।
वसूली करते वीडियो भी हुआ वायरल
थानेदार के इस दलाल का एक और वीडियो भी सामने आया है, जिसमें देखा जा सकता है कि थाना के छोटा बाबू नेपाल से हो रही तस्करी का समान पकड़े है। तस्कर इसकी सूचना दुकानदार को देता है। दुकानदार मौके पर पहुंचकर छोटा बाबू से माल छोड़ने के लिए कहता है। लेकिन छोटा बाबू माल छोड़ने के लिए खर्चा पानी मांगते है। दुकानदार कहता है कि जब हम बड़ा बाबू को महीना देते है तो आपको चर्चा पानी क्यो देंगे। इतने में थाना का ड्राइवर दुकानदार को अपने पास बुला लेता है। उसके बाद दुकानदार वसूली करने वाले चौकीदार को फोन लगा कर मोबाइल का स्पीकर ऑन कर बात करता है। इस वायरल वीडियो का एसपी के निर्देश पर सिकरहना डीएसपी जांच ही कर रहे थे कि तीसरा मामला गश्ती भेजने के लिए महिला कांस्टेबल को आदेश देने थाना मुंशी को महंगा पड़ गया। महिला कांस्टेबल मुंशी पर रायफल ही तान दिया। उसके बाद मुंशी ने थाने में कांस्टेबल के विरुद्ध सनहा दर्ज कराया गया।
थाने से जुड़ा चौथा विवाद
कुड़वाचैनपुर से जुड़ा अब चौथा मामला सामने आ गया है। जिसमें थानेदार का दलाल थाने में बैठकर मामला निपटारा करने से लेकर कंप्यूटर चलाने का। पुलिस सूत्रों की माने तो थानेदार का प्राइवेट आदमी का ही हुकुम थाना में चलता है। इतना ही नही प्राइवेट आदमी गश्ती करने से लेकर पदाधिकारियो की ड्यूटी भी लगता है। अगर थाना में लगे सीसीटीवी की जांच किया जाय तो बड़ी ही खुलासा होगा।
जिले के पुलिस कप्तान को नहीं आता नजर
जिस तरह से एक के बाद एक लगातार कुड़वाचैनपुर थाने को लेकर मामले सामने आ रहे हैं, उसके बाद यह चौंकानेवाली बात है कि आखिर जिला पुलिस कप्तान को यह नजर क्यों नहीं आ रहा है ?यह रहनेवाले लोग यह सवाल पूछ रहे हैं कि थाने पर इतनी मेहरबानी क्यों दिखाई जा रही है?
Report By :- PUJA SINHA, NEWS DESK, NATION EXPRESS, MOTIHARI, (BIHAR)