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दबंग IAS PUJA पर दबिश के बाद अब किसकी बारी ? कौन है वो IAS जो ED के रडार पर है ?

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NEWS DESK, NATION EXPRESS, RANCHI

कई और आईएएस ऑफिसर ED के राडार पर

RANCHI DC छवि रंजन, ATI निदेशक के. श्रीनिवासन, भवन निर्माण सचिव सुनील कुमार और मनोज कुमार ED के राडार पर

झारखंड में इन दिनों काफी गहमागहमी है वजह साफ है कि ईडी ने आईएस पूजा सिंघल को शिकंजे में कस लिया है और ईडी आईएएस को 5 दिनों की रिमांड में लेकर कड़ाई से पूछताछ करेगी पूजा मैडम का क्या होगा यह तो आने वाला वक्त बताएगा लेकिन इन दिनों झारखंड के आईएएस ऑफिसर के दिल में खौफ पैदा हो गया है के अब कहीं इनकी बारी ना हो क्योंकि राजभवन के पास 11 भ्रष्ट आईएएस ऑफिसर की लिस्ट है अब सबके दिल में यह डर समा गया है कि कि अगला नंबर उनका ना हो

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Ed Files Chargesheet In Embraer Defence Deal Money Laundering Case | Mint

खान सचिव पूजा सिंघल पर शुक्रवार को हुई ED की कार्रवाई अचानक नहीं हुई। इसकी पृष्ठभूमि पहले से ही तैयार हो गई थी। दरअसल, केंद्र सरकार ने राजभवन से राज्य के दागी पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की सूची मांगी थी। ऐसे अधिकारियों की पूरी डिटेल्स देने को कहा गया था। करीब एक महीने पहले राज्य सरकार ने चार अधिकारियों के नाम राजभवन को भेजे थे।

रांची स्थित राजभवन।

इनमें रांची DC छवि रंजन, ATI निदेशक के. श्रीनिवासन, भवन निर्माण सचिव सुनील कुमार और मनोज कुमार शामिल थे। राजभवन ने अपने स्तर से इस सूची में सात और अधिकारियों के नाम जोड़कर कुल 11 अधिकारियों की सूची केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजी थी। राजभवन की ओर से जिन अधिकारियों के नाम सूची में जोड़े गए थे, उनमें सबसे ऊपर पूजा सिंघल का नाम था।

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सूत्रों का कहना है कि जल्दी ही कई और अधिकारियों पर ED की कार्रवाई होने की संभावना है। इसमें CMO के एक अफसर और मुख्यमंत्री के करीबी माने जाने वाले निर्माण कार्य से जुड़े कई विभागों के प्रधान का पद संभाल रहे एक अधिकारी भी शामिल हैं। इसके अलावा बाह्य कोटा से आए एक प्रभावशाली व्यक्ति पर भी ED की कार्रवाई होने की संभावना है।

सोलर लाइट घोटाला : पूजा सिंघल के बाद IAS वंदना दादेल, के.रवि कुमार, मस्तराम मीणा, प्रशांत कुमार और दीप्रवा लकड़ा पर दबिश की हो रही है तैयारी

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झारखंड में सोलर लाइट की खरीदारी में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई है. निगरानी ब्यूरो की जांच में गड़बड़ियों के लिए करीब दो दर्जन अफसरों को जिम्मेदार माना गया है. इनमें पांच आईएएस वंदना दादेल, के.रवि कुमार, मस्तराम मीणा, प्रशांत कुमार और दीप्रवा लकड़ा भी शामिल हैं. ये सभी राज्य में अलग-अलग विभागों में ऊंचे ओहदे पर हैं.

गड़बड़ियां तकरीबन दस साल पहले हुईं. मामला सामने आया तो एंटी करप्शन ब्यूरो ने इनकी जांच कर सरकार को वर्ष 2015 में ही इसकी अंतिम रिपोर्ट सौंप दी. रिपोर्ट में चिन्हित किये गये अफसरों पर विभागीय कार्यवाही की सिफारिश की गयी थी.

डीसी-डीडीसी के रूप में पोस्टेड थे अधिकारी

निगरानी ब्यूरो की रिपोर्ट में आइएएस अधिकारी वंदना दादेल, के.रवि कुमार, मस्तराम मीणा, प्रशांत कुमार और दीप्रवा लकड़ा सहित अन्य बड़े अफसरों के नाम हैं. निगरानी ब्यूरो ने सोलर लाइट की खरीद में गड़बड़ी और गबन को इन अफसरों की प्रशासनिक चूक बताया है. ये सभी आईएएस अफसर गड़बड़ियों के वक्त चार जिलों गिरिडीह, देवघर, गोड्डा और दुमका में डीसी एवं डीडीसी जैसे पदों पर थे. सोलर लाइट की खरीदारी सांसद-विधायक स्थानीय फंड से हुई थी. गड़बड़ियां कई तरह की थीं. मसलन, तय दर से अधिक कीमत पर खरीदारी हुई. नियमों का उल्लंघन कर एजेंसियों को भुगतान हुआ.

जो 25 हजार में खरीद सकते थे, उसे 37 से 38 हजार में खरीदा

हर जिले में खरीदारी के लिए क्रय समिति बनायी जाती है. तीन जिलों गिरिडीह, दुमका एवं देवघर में सोलर लाइट क्रय के लिए जो क्रय समिति बनी, उसके सभी सदस्यों ने सोलर लाइट दर के आकलन के बिंदु पर वित्तीय प्रावधानों को नजरअंदाज किया. निगरानी की रिपोर्ट में बताया गया है कि जो लाइट डीजीएस/डी दर पर 25,651 रुपये से लेकर 29094 रुपये में खरीदी जा सकती थी,उसे खुली निविदा के माध्यम से 37,000 से 38,000 रुपये की दर से खरीदा गया. तीनों जिलों में योजना मद में राशि उपलब्ध थी. इसलिए क्रय समिति के सदस्यों ने वित्तीय नियमावली को ताक पर रखकर खुली निविदा के माध्यम से सोलर लाइट क्रय करने का निर्णय लिया.

गोदाम में सड़ गयीं लाइटें

सोलर लाइट की खरीदारी में गड़बड़ी को लेकर विधायक सरफराज अहमद सहित कई विधायकों ने आवाज उठायी थी. इसके बाद गोड्डा के तत्कालीन उपायुक्त के.रवि कुमार ने तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी हर्ष मंगला की अध्यक्षता में गठित अभियंताओं की टीम से जांच करायी. जांच में गड़बड़ियां पायी गयीं. इसके आधार पर कार्रवाई की जानी चाहिए थी. लेकिन बात सिर्फ पत्राचार तक रही. फिर ज्रेडा द्वारा आपूर्ति किए गये उपकरणों को त्रुटिपूर्ण माना गया, लेकिन लगभग ढाई साल के कार्यकाल में उपकरणों को लौटाने का कोई गंभीर प्रयास नहीं किया गया,जिसके कारण सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण गोदाम में पड़े-पड़े खराब हो गये. एसीबी ने इसे तत्कालीन डीसी की स्वेच्छारिता का मामला बताया है.

कई नियमों की हुई अनदेखी

गिरिडीह, दुमका एवं देवघर में सोलर लाइट लगाये जाने के बाद एजेंसियों को पूरी राशि का भुगतान कर दिया गया. एसीबी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि मुख्यमंत्री विकास योजना, सांसद निधि एवं विधायक निधि के तहत काम करने वाली एजेंसियों को भुगतान करने की जिम्मेदारी उपायुक्त एवं उपविकास आयुक्त की होती है. वे निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी होते हैं. एसीबी ने कहा है कि सरकार के स्पष्ट निर्देश के बावजूद इन इन अधिकारियों ने एजेंसी के बिल से वैट,आयकर एवं लेबर शेष के शीर्ष में कटौती किए गये बगैर संपूर्ण राशि का भुगतान कर दिया, जो नियमों का उल्लंघन एवं उनकी स्वेच्छाचारिता का परिचायक है.

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इन जिलों में पोस्टेड थे आईएएस अफसर

गिरिडीह: वंदना दादेल एवं दीप्रवा लकड़ा (भाप्रसे)- दोनों तत्कालीन डीसी, नरेंद्र कुमार मिश्रा, तत्कालीन डीडीसी
दुमका : प्रशांत कुमार, भाप्रसे, तत्कालीन उपायुक्त, कृष्ण कुमार दास एवं उपेंद्र उरांव, तत्कालीन डीडीसी
देवघर : मस्त राम मीणा, एवं के.रवि कुमार, तत्कालीन उपायुक्त, शशि रंजन प्रसाद सिंह, तत्कालीन डीडीसी

क्रय समिति के इन सदस्यों ने नहीं माने नियम

गिरिडीह जिला में गठित क्रय समिति के सदस्य
नरेंद्र कुमार मिश्रा, रा.प्र.से,तत्कालीन डीडीसी गिरिडीह
पवन कुमार, राप्रसे, तत्कालीन,भूमि सुधार समाहर्ता.
शशिभूषण मेहता,राप्रसे.जिला कल्याण पदाधिकारी.
भेदे मुंडा,महाप्रबंधक,जिला उद्योग केंद्र गिरिडीह.
दुमका जिला में गठित क्रय मिति के सदस्य
मस्त राम मीणा, भाप्रसे,उपायुक्त
उपेंद्र नारायण उरांव, राप्रसे.डीडीसी दुमका
विश्वनाथ राठौर, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र,दुमका
कुलदेव मंडल, सहायक वाणिज्यकर आयुक्त.
महेंद्र प्रसाद, जिला लेखा पदाधिकारी.
राजेंद्र प्रसाद रूंगटा, कार्यपालक अभियंता,एनआरईपी
नोहिन किन्हो, कार्यपालक अभियंता
देवघर जिला में गठित क्रय समिति के सदस्य
मस्त राम मीणा, भाप्रसे.उपायुक्त
सुरेंद्र प्रसाद मंदिल्यार, राप्रसे.डीडीसी
बिंदेश्वरी दास, महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र दुमका
श्यामलाल साह,सहायक वाणिज्यकर आयुक्त.
मिथिलेश कुमार,जिला लेखा पदाधिकारी.
राजेश कुमार सिंह,कार्यपालक अभियंता.
सुरेश यादव, कार्यपालक अभियंता,आरइओ

Report By :- SONAM TIWARI / ADITI PANDIT, NEWS DESK, NATION EXPRESS, RANCHI

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