डीजीपी-गृह सचिव को झारखंड हाईकोर्ट ने लगाई फटकार, पूछा- जांच के बीच SSP और थाना प्रभारी को क्यों हटाया गया
NEWS DESK, NATION EXPRESS, रांची
झारखंड हाईकोर्ट में आज 10 जून को रांची में हुई हिंसा मामले में सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने एनआईए से अब तक की गई जांच रिपोर्ट को सीलबंद लिफाफे में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है. साथ ही हाईकोर्ट ने एनआईए से पूछा कि क्या वह इस मामले की जांच करने को तैयार है. कोर्ट ने रांची के तत्कालीन एसएसपी सुरेंद्र कुमार झा और उस समय के डेली मार्केट थाना प्रभारी के तबादले पर भी सवाल उठाए हैं. इस मामले में डीजीपी और गृह सचिव को काउंटर फाइल करने का निर्देश दिया गया है.

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अधिवक्ता राजीव कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि 10 जून को रांची में हुई हिंसा के दौरान तत्कालीन रांची एसएसपी सुरेंद्र कुमार झा ने फ्रंट पर रहकर मोर्चा संभाला था और दंगे को कंट्रोल करने में बड़ी भूमिका निभाई थी. उस समय हिंसा के दौरान वह जख्मी भी हुए थे. उनके जख्मी होने की तस्वीरों को मीडिया में खूब सूर्खियां भी मिली थी. उसी तरह रांची के मेन रोड स्थित डेली मार्केट थाना प्रभारी के काम की भी खूब तारीफ हुई थी. लेकिन हाल में दोनों अधिकारियों का तबादला कर दिया था.
ऐसे में शुक्रवार को हाईकोर्ट ने तबादले पर सवाल उठाते हुए राज्य के डीजीपी और गृहसचिव को काउंटर फाइल कर तबादले का कारण पूछा है. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने व्हाट्सएप ग्रुप चलाने वाले सलीम चिश्ती के बारे में भी पूरी जानकारी मांगी है. इस मामले में सुनवाई अगले हफ्ते शुक्रवार को होगी. अगली सुनवाई के दौरान मामले की जांच से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है.

झारखंड HC में दायर हुई थी जनहित याचिका
बता दें, रांची हिंसा की जांच की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता पंकज कुमार यादव ने झारखंड हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की थी. याचिका में राजधानी में हुई हिंसा को सुनियोजित बताया गया था. साथ ही इस पूरे मामले की जांच एनआईए से कराने की मांग की गयी थी. इसके अलावा याचिका में हिंसा को लेकर फंडिंग का भी जिक्र किया गया है. ऐसे में इस मामले की जांच ईडी और आइटी से भी कराने की मांग की गयी है.
Report By :- ADITI PANDIT, NEWS DESK, NATION EXPRESS, रांची