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बीस वित्त मंत्रियों और सेंट्रल बैंक के गवर्नर्स का समूह (जी20,जी -20 और बीस का समूह के रूप में भी जाना जाता है), जो कि विश्व की 20 प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के वित्त मंत्रीयों और केंद्रीय बैंक के गवर्नर्स का एक संगठन है, जिसमें 19 देश और यूरोपीय संघ शामिल हैं।
G-20 Summit:- अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों के सन्दर्भ में अकसर आपने भी जी-20 (G-20) समूह का नाम सुना होगा। वैश्विक मुद्दों को लेकर जी-20 समूह द्वारा विभिन प्रकार की नीतियाँ एवं कार्यक्रम निर्धारित किए जाते है ऐसे में अंतर्राष्ट्रीय राजनीति में जी-20 समूह का अत्यंत महत्व है। वैश्विक राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले G-20 समूह द्वारा प्रतिवर्ष दुनिया के राजनैतिक एवं आर्थिक मुद्दों को लेकर विचार-विमर्श एवं योजनाएँ तय की जाती है ऐसे में दुनिया की अर्थव्यवस्था एवं अन्य वैश्विक मुद्दों को लेकर G-20 समूह महत्वपूर्ण इंटरनेशनल संगठन है।
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G-20 Summit क्या है ?
G-20 Summit के बारे में जानने से पूर्व हमेG-20 समूह के बारे में जानकारी प्राप्त करना आवश्यक है। G-20 समूह (G-20 group) या जिसे ग्रुप ऑफ ट्वेंटी (Group of Twenty) भी कहा जाता है दुनिया की 20 सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं का अन्तर्राज्यीय समूह है जो की सम्बंधित देशों के वित-मंत्री एवं केंद्रीय बैंकों के गवर्नर से मिलकर बना है। सरल शब्दो में कहा जाए तो G-20 समूह दुनिया की 20 सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं का समूह है जिसे दुनिया के आर्थिक एवं राजनीतिक मुद्दों पर विचार-विमर्श एवं आपसी सहयोग को बढ़ावा देने के लिए बनाया गया है।
G-20 समूह में दुनिया के 20 सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं को शामिल किया गया है जिसमे संयुक्त राज्य अमेरिका, चीन, मैक्सिको, अर्जेंटीना, रूस, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, यूके, ब्राजील, इटली, दक्षिण अफ्रीका, कनाडा, भारत, इंडोनेशिया, जापान, तुर्की, कोरिया, फ्रांस, सऊदी अरब एवं यूरोपीय संघ (EU) को शामिल किया गया है। इन देशो के द्वारा विभिन मुद्दों पर विचार हेतु प्रतिवर्ष आयोजित की जाने वाली वार्षिक बैठक को ही G-20 Summit के नाम से जाना जाता है।
G-20 की स्थापना
G-20 की स्थापना दुनिया की 20 सबसे बड़ी एवं उभरती हुयी अर्थव्यवस्थाओं को मिलाकर निर्मित की गयी है। G-20 की स्थापना का विचार 90 के दशक में प्रारंभ हुआ जब 1990 में विभिन विकसित एवं विकासशील देश आर्थिक एवं वित्तीय रूप से विभिन समस्याओ का सामना कर रहे थे। दुनिया की अर्थव्यवस्था सम्बंधित समस्याओ के समाधान के लिए 25 सितम्बर 1999 को औपचारिक रूप से अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में G-20 समूह की स्थापना की गयी।
इस समूह में सदस्य देशों के वित्त मंत्रियों और सेंट्रल बैंक के गवर्नरों को शामिल किया जाता है। G-20 समूह द्वारा सर्वप्रथम बैठक जर्मन के बर्लिन शहर में आयोजित की गयी थी। इसके पश्चात वर्ष 2008 के वित्तीय संकट एवं दुनिया की सबसे बड़ी महामंदी के पश्चात इस फोरम की मीटिंग को समिट स्तर पर प्रतिवर्ष आयोजित किया जाने लगा। प्रतिवर्ष इस समूह द्वारा कुछ देशो को गेस्ट कंट्री के रूप में भी G-20 समिट में आमंत्रित किया जाता है।
G-20 समूह के मुख्य उद्देश्य
G-20 समूह की स्थापना का मुख्य उदेश्य वैश्विक अर्थव्यवस्था के विकास एवं वित्तीय एजेंडा को बढ़ावा देने के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देना है। मुख्य रूप से वैश्विक अर्थव्यवस्था के संतुलन एवं स्थायित्व के लिए निर्मित G-20 समूह द्वारा वैश्विक अर्थव्यवस्था के समग्र विकास हेतु विभिन मुद्दों पर चर्चा की जाती है। साथ ही इस समूह के द्वारा वैश्विक अर्थव्यवस्था के अतिरिक्त अन्य अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों एवं समस्याओ पर विचार-विमर्श भी किया जाता है। G-20 समूह में दुनिया के 20 शीर्ष अर्थव्यवस्था वाले देश शामिल किए गए है जो की वैश्विक अर्थव्यवस्था का 90 फीसदी, वैश्विक व्यापार का 80 फीसदी एवं दुनिया की कुल आबादी का दो/तिहाई भाग कवर करते है। इस प्रकार से G-20 समूह दुनिया के सबसे प्रभावशाली संगठनों में शामिल है।
जी-20 के सदस्य देश की सूची (list of G-20 member countries)
यहाँ आपको जी-20 समूह में शामिल सभी सदस्य देशो की सूची प्रदान की गयी है :-
- रूस
- इटली
- जर्मनी
- ब्राजील
- ऑस्ट्रेलिया
- मैक्सिको
- दक्षिण अफ्रीका
- तुर्की
- इंडोनेशिया
- सऊदी अरब
- जापान
- कोरिया गणराज्य
- फ्रांस
- अर्जेंटीना
- चीन
- कनाडा
- भारत
- यूनाइटेड किंगडम
- संयुक्त राज्य अमेरिका
- यूरोपीय संघ
जी-20 समूह में कुल 19 देश एवं यूरोपीय संघ को शामिल किया गया है। इस प्रकार से जी-20 के सदस्य देशों की कुल संख्या 20 है। यही कारण है की दुनिया की 20 शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं के समूह को जी-20 या Group of Twenty कहा गया है।
G-20 समूह द्वारा वैश्विक अर्थव्यवस्था पर चर्चा के लिए प्रतिवर्ष वार्षिक समिट आयोजित किए जाते है जहाँ दुनिया के विभिन आर्थिक एवं वित्तीय मुद्दों पर चर्चा एवं सहयोग को बढ़ावा दिया जाता है। हालांकि यह जानना आवश्यक है की G-20 समूह का कोई भी स्थायी मुख्यालय नहीं है ऐसे में प्रतिवर्ष जिस देश द्वारा G-20 समिट की अध्यक्षता की जाती है. वही देश अनौपचारिक रूप से मुख्यालय का कार्य करने लगता है। G-20 समूह द्वारा प्रतिवर्ष सदस्य देशों में से ही रोटेशन के आधार पर अध्यक्ष देश का चुनाव किया जाता है एवं अध्यक्ष देश द्वारा ही G-20 समिट की अध्यक्षता पूर्ण की जाती है।
नोट- G-20 समूह द्वारा भारत को वर्ष 2023 के लिए G-20 समूह की अध्यक्षता सौंपी गयी है। ऐसे में वर्ष 2023 में होने वाली G-20 समिट की अध्यक्षता भारत द्वारा की जाएगी। वर्ष 2023 में होने वाला G-20 Summit भारत में आयोजित किया जायेगा।
Report By :- NIDHI JOSHI, SPECIAL DESK, NATION EXPRESS, NEW DELHI