रोमांचक हुआ अंजुमन चुनाव: पल-पल बदल रहा है चुनाव का समीकरण, बदलाव के लिए नए चेहरे भी चुनावी मैदान में कूदे
NEWS DESK, NATION EXPRESS, RANCHI
सबसे बड़ा सवाल यह है कि रांची के वोटर्स नए चेहरे पर भरोसा करेंगे या पुराने चेहरे को ही तवज्जो देंगे
कोई अमीन तो कोई अमन का ठेकेदार। यह अंजुमन चुनाव भी अज़ीब है, किया किया रंग दिखलाता है l रांची का हिंसा और अब अमन का दावा l हर गली, मुहल्ले में एक नेता l फिर भी बदहाल जनता l सिसकती समाज और कोर्ट कचहरी मे फ़रियाद l अमन का ढकोसला और जात पात की आग में झुलसते बे – बान वोटर, मगर रांची के यही वोटर्स 29 अगस्त को जब दिखाएगा अपना दम, दंग रह जाएंगे सब l कौन होगा आजाद के अंजुमन का सरदार, 29 को तय करेंगे वोटर l अच्छे वोटरों के मन में बस एक ही बात है, काबलियत, सलाहित, किरदार वाला ही होगा अंजुमन इस्लामिया का हकदार l
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इस बार के अंजुमन चुनाव में सबसे रोमांचक लड़ाई अध्यक्ष पद की दावेदारी के लिए हो रहा है कभी ऊंट टीम अमीन की तरफ बैठता है तो कभी टीम अमन के तरफ दोनों टीम के सदर पद के उम्मीदवार इस बात पर जोर लगा रहे हैं कि उनकी पूरी टीम जीत कर आए मगर दोनों टीम के अलावा कई नए और युवा चेहरे जो इस बार अंजुमन चुनाव में निर्दलीय की भूमिका में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं उनकी दावेदारी भी काफी मजबूत मानी जा रही है देखना दिलचस्प होगा कि रांची के वोटर्स किस टीम को अपना बहुमूल्य वोट देकर अंजुमन की गद्दी पर विराजमान करते हैं! रांची के वोटर्स काम करने वाले लोगों को वोट देकर विजय बनाते हैं या जात बिरादरी में फंस कर उलझ जायेंगे!\

पिछले अंजुमन चुनाव में देखा गया था कि वाइस प्रेसिडेंट के पद पर शिक्षाविद मंजर इमाम ने निर्दलीय खड़े होकर जीत हासिल कर चुनाव में काफी उलटफेर कर दिया था, कई निर्दलीय वैसे चेहरे भी चुनावी मैदान में है जिन्हें समाज एक साफ-सुथरी छवि वाला उम्मीदवार मानता है, उम्मीद की जा रही है कि वोटर इस बार उन्हें ही वोट देगा जो रांची शहर के लिए और यहां के मुसलमानों के लिए 24 घंटे तैयार रहता है, हाल की घटनाओं पर एक नजर डालें तो इससे यह एहसास होता है कि वैसे चेहरे वाले उम्मीदवार भी अंजुमन चुनाव में जीत का डंका बजाने के लिए बेकरार नजर आ रहे हैं!

क्योंकि रांची में हुई हिंसा को रोकने में अपनी महत्वपूर्ण निभाने वाले युवा चेहरा भी चुनावी मैदान में है तो राखी के वोटर्स ने इस बार मन बना लिया है कि वैसे ही लोगों को वोट देकर अंजुमन में लाया जाए जुकाम की खिदमत के लिए हमेशा तत्पर रहे टीम अमीन या अमन को कोई अमीन का तो कोई अमन का ठेकेदार है जब राज्य में हिंसा हुई थी तो ज्यादातर लोग डरे सहमे हुए अपने घरों में दुबके हुए थे, हर गली मोहल्ले का अपना नेता है हर जात बिरादरी का अपना नेता है फिर भी लोग बदहाल है मगर अभी भी वोटरों का रुझान दिख रहा है की अंजुमन चुनाव में वैसे उम्मीदवार को जीता कर गद्दी सौंपेंगे जो काबिलियत और सलाहियत से भरा हो जो जाति और बिरादरी से ऊपर उठकर काम करें! रांची के वोटर्स 29 अगस्त को कडरू स्थित हज हाउस में अंजुमन इस्लामिया चुनाव में वैसी लोगों को ही वोट देंगे ऐसा कयास लगाया जा रहा है!
Report By :- HEENA KHAN, NEWS DESK, NATION EXPRESS, RANCHI