POLITICAL DESK, NATION EXPRESS, नई दिल्ली
भारतीय जनता पार्टी की ओर से नए संसदीय बोर्ड का एलान किया गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि बोर्ड में वरिष्ठ नेता शिवराज सिंह चौहान और नितिन गडकरी को शामिल नहीं किया गया है।
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने बुधवार को अपने नए संसदीय बोर्ड और चुनाव समिति का गठन कर दिया है. बीजेपी के इस संसदीय बोर्ड में कुल 11 नेताओं को जगह दी गई है. इसके साथ ही संसदीय बोर्ड में बीजेपी के तीन नए चेहरों को भी जगह दी गई है. साथ ही केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को संसदीय बोर्ड से बाहर का रास्ता दिखाया गया है. बीजेपी के संसदीय बोर्ड में इकबाल सिंह लालपुरा के तौर पर पहली बार किसी सिख को जगह मिली है.
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बीजेपी संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष जेपी नड्डा हैं. बीजेपी के संसदीय बोर्ड में जिन तीन नए चेहरों को जगह दी गई है उनमें कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा, के लक्ष्मण और सर्बानंद सोनोवाल शामिल हैं. इनके अलावा नए संसदीय बोर्ड में बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, इकबाल सिंह लालपुरा, सुधा यादव, सत्यनारायण जटिया और बीएल संतोष शामिल है. बीएल संतोष को संसदीय बोर्ड का सचिव नियुक्त किया गया है.

चुनाव समिति में 15 नेता शामिल
संसदीय बोर्ड के अलावा बीजेपी ने चुनाव समिति का गठन भी किया है. इसमें 15 नेताओं को शामिल किया गया है. इसके अध्यक्ष जेपी नड्डा हैं. उनके अलावा इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राजनाथ सिंह, अमित शाह, बीएस येदियुरप्पा, सर्वानंद सोनोवाल, के लक्ष्मण, इकबाल सिंह लालपुरा, सुधा यादव, सत्यनारायण जटिया, भूपेंद्र यादव, देवेंद्र फडणवीस, ओम माथुर, बीएल संतोष और वनथी श्रीनिवास इसमें शामिल हैं.
विविधता पर दिया गया जोर
बीजेपी के नए संसदीय बोर्ड में सांगठनिक ताकत दिखाई गई है और विविधता पर जोर दिया गया है. बीएस येदियुरप्पा, सत्य नारायण जटिया और के लक्ष्मण जैसे चेहरों ने शुरू से ही पार्टी को अपना जीवन दिया है. इनका सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था में उनका आना इस बात की झलक दिखाता है कि पार्टी अपने सम्मानित कार्यकर्ताओं को कैसे महत्व देती है.
इस नए ऐलान में जाहिर तौर पर विविधता पर जोर दिया गया है. सर्बानंद सोनोवाल पूर्वोत्तर से हैं, के लक्ष्मण और बीएस येदियुरप्पा दक्षिण से हैं. इकबाल सिंह लालपुरा में सिख हैं. सुधा यादव एक स्व-निर्मित राजनीतिक नेता हैं, जिनके पति कारगिल में शहीद हो गए थे. उनका समावेश महिलाओं और सशस्त्र बलों के परिवारों के लिए सर्वोच्च सम्मान दिखाता है.
Report By :- MADHURI SINGH / ANUJA AWASTHI, POLITICAL DESK, NATION EXPRESS, नई दिल्ली