झारखंड में कोरोना का दहशत, कोडरमा SP कोरोना संक्रमित, एक्टिव केस 450 से पार, ओमिक्रॉन की आहट के बीच सेंट्रल टीम का झारखंड दौरा:
HEALTH DESK, NATION EXPRESS, रांची
स्वास्थ्य विभाग की चिंता कोरोना के नये सेंटर प्वाइंट बने कोडरमा को लेकर है, क्योंकि यहां राज्य के सबसे ज्यादा एक्टिव केस 179 हो गये हैं. रांची जिले का एक्टिव केस 174 पर आ गया है. सोमवार को कोडरमा में रिकॉर्ड 63 नये संक्रमित, रांची में 38 और पूर्वी सिंहभूम में 13 नये संक्रमित मिले हैं.नये संक्रमितों की संख्या के मुकाबले अभी ठीक होनेवालों की संख्या कम है. नतीजा यह है कि राज्य में एक्टिव केस 477 के पार हो गया है. इन सबके बीच रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट पर रैपिड एंटीजन किट से जांच नहीं हो पा रही है, क्योंकि राज्य में यह किट ही खत्म हो गया है.
कोडरमा एसपी भी संक्रमित :
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जीनोम सिक्वेंसिंग के पुरानी सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव :
राज्य में जीनोम सिक्वेंसिंग की जांच के लिए भेजे गये सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव आयी है. हालांकि अभी करीब दो दर्जन से ज्यादा सैंपल की रिपोर्ट आनी बाकी है. भुवनेश्वर में काफी सैंपल की जांच का दबाव है, जिससे झारखंड से भेजे गये सैंपल की जांच नहीं हो पा रही है.
ओमिक्रोन को लेकर सरकार अलर्ट : सीएम
ओमिक्रोन को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि सरकार अलर्ट है. मुख्यमंत्री ने विभिन्न मीडिया संस्थानों से बातचीत करते हुए सोमवार को यह बात कही. उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे देश-दुनिया में इसकी जानकारी मिल रही है, उसके अनुरूप कदम भी उठा रहे हैं. जहां तक तैयारी की बात है, तो सरकार निरंतर तैयारी करती रहती है. टीकाकरण की गति बढ़ायी जा रही है. तीन जनवरी से विशेष डोज की तैयारी भी हो रही है. लोगों से भी अपील है कि सावधानी बरतें और अपना बचाव करें.
वैक्सीनेशन से लेकर ट्रीटमेंट और तैयारी तक का जायजा ले रही है 4 सदस्यीय टीम
देश भर में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच झारखंड में तैयारियों का जायजा लेने के लिए सेंट्रल की 4 सदस्यीय एक्सपर्ट टीम झारखंड पहुंची है। ये यहां वैक्सीनेशन ड्राइव से लेकर ट्रीटमेंट और तैयारियों का जायजा ले रही हैं। सभी के नोडल ऑफिसर के साथ अलग-अलग बैठक कर हालात को समझने की कोशिश कर रह है।
टीम ने पहले दिन रांची के सिविल सर्जन, RIMS के अलग-अलग विभाग के विभागाध्यक्ष, मेडिकल सुपरिटेंडेंट के साथ मीटिंग करने करने के बाद मोरहाबादी स्थित वैक्सीनेशन कैंप पहुंची। इसके अलावा इन्होंने अस्पतालों में एडमिट मरीजों से भी मुलाकात कर सुविधाओं की जानकारी ली।
सिविल सर्जन से जाना- वैक्सीनेशन और बेड का डेटा
टीम ने सिविल सर्जन से वर्तमान में कोरोना के कितने संक्रमित मरीज हैं, उनके लिए कितने बेड की व्यवस्था कहां-कहां है, कितने लोगों को अब तक वैक्सीन के सिंगल और डबल डोज दिए गए हैं और बच्चों के लिए कितने बेड की व्यवस्था है, इसका पूरा डेटा लिया।
RIMS में जांच और इलाज की प्रक्रिया को जाना
RIMS में सेंट्रल टीम ने सबसे पहले माइक्रोबायोलॉजी विभाग के क्रियाकलापों और व्यवस्था का निरीक्षण की । इसके बाद टीम न्यू ट्रामा सेंटर स्थित कोविड वार्ड पहुंची। यहां वेंटिलेटर और दवा की भी जानकारी ली। संक्रमित मरीजों को कौन-कौन सी दवा चलाई जा रही है, इस संबंध में भी RIMS के डॉक्टरों से टीम ने बातचीत की।
अभी तक जीनोम सिक्वेंसिंग मशीन नहीं लग पाना दुर्भाग्यपुर्ण
टीम ने RIMS में निरीक्षण के साथ ही डॉक्टरों व अधिकारियों से कोरोना के मद्देनजर चर्चा की। टीम ने कहा कि RIMS में अभी तक जिनोम सिक्वेंसिंग मशीन का नहीं लग पाना दुर्भाग्य है। सैंपल बाहर भेजने से रिपोर्ट के लिए भी लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि रिम्स में जिनोम सीक्वेंसिंग मशीन लगाने के लिए माइक्रोबायोलॉजी डिपार्टमेंट से अच्छी कोई जगह नहीं हो सकती।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को सौंपी जाएगी रिपोर्ट
टीम में डॉ. वरुण सिंह (इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम, भारत सरकार), डॉ. रविशंकर (आरडी, भारत सरकार), डॉ. सिद्धार्थ गिरि (केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय), डॉ. शिवशंकर पासवान (एम्स, पटना) शामिल हैं। उन्होंने बताया कि दौरा के बाद रिपोर्ट तैयार कर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को सौंपी जाएगी।
Report By :- KHUSHBOO SHARMA, HEALTH DESK, NATION EXPRESS, रांची