कोरोना के नए स्ट्रेन का खौफ , यूके से मध्यप्रदेश लौटे कुल 92 यात्री आइसोलेट, विमानन उद्योग को लगा झटका
HEALTH DESK, NATION EXPRESS, NEW DELHI
कोरोना के नए स्ट्रेन का खौफ पूरी दुनिया में लगातार बढ़ता जा रहा है। इसके चलते भारत में भी यूके से लौटने वाले मुसाफिरों की तलाश तेजी से जारी है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने मध्यप्रदेश में यूके से लौटने से वाले 92 लोगों की जानकारी दी है, जिसके बाद उन सभी के सैंपल लिए गए हैं। इनमें सबसे ज्यादा 34 यात्री इंदौर के हैं, जबकि भोपाल के 20, जबलपुर के 11 और ग्वालियर के 8 लोग यूके से लौटे हैं। बाकी जिलों के एक-दो यात्रियों ने यूके से वापसी की है।
जानकारी के मुताबिक, लंदन से भोपाल लौटे लोग शाहपुरा, ईदगाह हिल्स, एयरपोर्ट रोड, मालवीय नगर और शक्ति नगर आदि क्षेत्रों के हैं। एयरपोर्ट पर इन सभी का आरटीपीसीआर टेस्ट किया गया। हालांकि, किसी भी मुसाफिर में कोरोना के नए स्ट्रेन के लक्षण नहीं मिले हैं। एडीएम दिलीप यादव ने बताया कि इन सभी को केंद्र की ओर से जारी गाइडलाइंस का पालन करना होगा। इसके तहत भोपाल के सभी 20 लोगों को होम आइसोलेट कर दिया गया है।
अधिकारियों का कहना है कि यूके से भोपाल लौटे सभी लोग पूरी तरह स्वस्थ हैं। हालांकि, एसडीएम एहतियातन उनके स्वास्थ्य की जानकारी लेंगे। इसके अलावा एसडीएम को निर्देश दिए गए हैं कि इनमें से किसी भी व्यक्ति को कोई समस्या है तो वह इसकी जानकारी प्रशासन को दें।
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को सामान्य होने में लगेगा और समय
ब्रिटेन में कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन (वायरस का नया रूप) मिलने के बाद से ही दुनियाभर में हलचल पैदा हो गई है। कई देशों ने ब्रिटेन से आने वाले विमानों पर रोक लगाना शुरू कर दिया है। वहीं, भारत ने भी एहतियात के तौर पर ब्रिटेन से आने वाली उड़ानों पर रोक लगा दी है। इससे विमानन उद्योग को धक्का लगा है। अब अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को सामान्य होने में और समय लगेगा।
उद्योग के विशेषज्ञों का कहना है कि नए कोरोना वायरस स्ट्रेन के चलते पहले से ही घाटे में चल रहे विमानन उद्योग को खासा नुकसान पहुंचने वाला है। हाल ही में कुछ देशों ने अपनी उड़ान सेवाओं को फिर से चालू किया था, जिससे एयरलाइंस को मुनाफा होना शुरू हुआ था, लेकिन अब फिर से लगे प्रतिबंध कंपनियों को घाटे में ले जा सकते हैं।
एयरलाइंस सेक्टर पर करीबी से नजर बनाने वाली रेटिंग एजेंसी आईसीआरए की उपाध्यक्ष किंजल शाह ने कहा, अंतरराष्ट्रीय एयरलाइन परिचालन पर वायरस के नए स्ट्रेन का प्रभाव और इसकी रिकवरी इस बात पर निर्भर करेगी कि यह कितना घातक है। वैक्सीन के लॉन्च होने और जनता के लिए इसकी उपलब्धता भी अन्य कारणों में शामिल है।
वर्तमान स्थिति को देखते हुए, आमतौर पर विदेशों के लिए उड़ान भरने वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर भारत सरकार की तरफ से 31 दिसंबर तक रोक लगाई गई है। हालांकि, एयरलाइंस को सभी कार्गो अंतरराष्ट्रीय उड़ानों, विदेशों में फंसे लोगों के लिए उड़ानों, चार्टर उड़ानों और बबल समझौते के तहत 22 देशों में उड़ानों को संचालित करने की अनुमति है, लेकिन इसके बाद भी अधिकतर एयरलाइंस कोविड से पहले की स्थिति के मुकाबले काफी उड़ानों का संचालन कर रही हैं।
अंतरराष्ट्रीय परिचालन के मुकाबले एयरलाइंस अपने व्यापार को फिर से खड़ा करने के लिए घरेलू परिचालन पर जोर दे रही हैं। हालांकि, वरिष्ठ एयरलाइन अधिकारी भी सरकार को धीरे-धीरे अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक उड़ानों को खोलने के लिए जोर दे रहे हैं।
गुड़गांव स्थित नो-फ्रिल कैरियर में एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, हमें नहीं पता कि इस नए वायरस के बाद क्या होने वाला है, लेकिन प्रतिबंधों के बाद फिर से सामान्य अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक उड़ानों को खोलने पर कुछ तिमाहियों तक देरी होने वाली है।
Report By :- ANUJA AWASTHI, HEALTH DESK, NATION EXPRESS, NEW DELHI