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Encounter Specialist PK: झारखंड पुलिस के इनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रमोद कुमार सिंह उर्फ पीके ने रायपुर से रांची लाए जा रहे अमन साहू का एनकाउंटर किया। प्रमोद कुमार सिंह ने अमन को तब मार गिराया जब वह पुलिस की गिरफ्त से भाग रहा था। पीके ने पहले भी कई अपराधियों को काबू किया है।
हाइलाइट्स
- एनकाउंटर स्पेशलिस्ट पीके ने अमन साहू को मारा गिराया
- पुलिस को थी अमन साहू के भागने की आशंका
- पीके की सटीक निशानेबाजी ने भागने का मौका नहीं दिया
झारखंड के दया नायक के प्रमोद सिंह की टीम से भिड़ा था अमन साव
झारखंड के चर्चित एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रमोद कुमार सिंह की टीम के हाथों गैंगस्टर अमन साव मारा गया है. प्रमोद कुमार सिंह झारखंड के दया नायक के नाम से जाने जाते हैं. प्रमोद कुमार सिंह फिलहाल झारखंड एटीएस में डीएसपी हैं. प्रमोद कुमार पर ही कुख्यात गैंगस्टर अमन साव को छत्तीसगढ़ के रायपुर से रांची लाने की जिम्मेदारी थी.
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उसके बाद जवाबी फायरिंग में अमन साहू मारा गया। घटनास्थल से पुलिस ने दो जिंदा सुतली बम बरामद किया। घटना के बाद उसके सहयोगी भाग निकले। घायल हवलदार को मेदिनीराय मेडिकल कालेज अस्पताल भेजा गया है, जहां उसकी स्थिति खतरे से बाहर है। गढ़वा से एफएसल की टीम घटनास्थल पर पहुंच रही है उसके बाद एफएसल की टीम घटनास्थल पर जांच करेगी। उसके बाद उसके शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा जाएगा।
बीते 3 महीने से रायपुर के जेल में बंद था अमन साहू
बताते चले कि गैंगस्टर अमन साहू पिछले तीन महीने से रायपुर के जेल में बंद था। रांची के बरियातू में कोयला कारोबारी पर हुए हमले और हजारीबाग में एनटीपीसी डीजीएम के मर्डर मामले में पूछताछ करने अमन साहू को रांची लाया जा रहा था। इस दौरान यह हादसा हुआ।

अमन साहू पिछली बार चुनाव लड़ने के लिए नामांकन पत्र भी खरीदा था
बता दें कि झारखंड विधानसभा चुनाव में अमन साहू की ओर से बड़कागांव से चुनाव मैदान में उतरने के लिए नामांकन पत्र खरीदा गया था और हाई कोर्ट में एक याचिका दाखिल कर सजा पर रोक लगाने की मांग की गई थी। बता दें कि आर्म्स एक्ट के केस में रामगढ़ की निचली कोर्ट ने अमन साहू को मई 2018 में छह साल की सजा सुनाई थी। इस मामले में रामगढ़ के पतरातू थाना में प्राथमिकी की गई थी।
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पलामू में प्रमोद कुमार सिंह ने पहले भी किया एनकाउंटर
प्रमोद कुमार पहले भी पलामू में तैनात रहे हैं. प्रमोद कुमार सिंह 1994 बैच के सब इंस्पेक्टर रहे हैं और पलामू के चैनपुर में थाना प्रभारी भी रहे हैं. प्रमोशन होने के बाद प्रमोद कुमार सिंह फिलहाल एटीएस में डीएसपी हैं. थाना प्रभारी रहते हुए भी उन्होंने लूट के खिलाफ एनकाउंटर किया था. इस दौरान कई लुटेरे भी मारे गए थे. जिस जगह पर अमन साव का एनकाउंटर हुआ है यहां पहले भी एनकाउंटर में डकैत मारा गया है.

पलामू में तैनाती के दौरान प्रमोद सिंह ने अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए काफी सुर्खियां बटोरी थी. प्रमोद कुमार सिंह 2004 में लातेहार के बरवाडीह के मंडल के इलाके में एक नक्सली को एनकाउंटर में मारा था. नक्सली का एनकाउंटर करने के बाद अपने बुलेट से ही शव को लेकर थाना पहुंचे थे.
घटनाक्रम की 3 तस्वीरें देखिए-




रांची फायरिंग केस में वापस ले जा रही थी पुलिस
रांची के बरियातू थाना इलाके के गवर्नमेंट गर्ल्स हाई स्कूल के पास 7 मार्च को कोयला कारोबारी बिपिन मिश्रा की कार पर अंधाधुंध फायरिंग की गई। विपिन मिश्रा और उसके ड्राइवर को भी गोली लगी है। कोयला कारोबारी के बॉडीगार्ड ने भी जब जवाबी फायरिंग की तो हमलावर फरार हो गए।
जानकारी के मुताबिक, ये फायरिंग का काम जेल में बंद अमन साव के निर्देश पर उसके गुर्गे कर रहे हैं। इसी केस की पूछताछ के लिए झारखंड पुलिस गैंगस्टर अमन साव को लेने रायपुर पहुंची थी।
हाई सिक्योरिटी से लैस थी टीम
गैंगस्टर अमन को जिस गाड़ी से ले जाया जा रहा था उस गाड़ी में हाई सिक्योरिटी और हथियार से पुलिस की टीम लैस थी। पहले साव को गाड़ी में बैठाया गया फिर दोनों ओर बंदूक लेकर पुलिस की टीम बैठी। झारखंड पुलिस की एक और टीम सामने एक और गाड़ी में चल रही थी।
झारखंड पुलिस के एनकाउंटर स्पेशलिस्ट पीके
प्रमोद कुमार सिंह उर्फ पीके झारखंड पुलिस के जाने-माने एनकाउंटर स्पेशलिस्ट हैं। उन्होंने पहले भी कई दुर्दांत अपराधियों को मार गिराया है। 2022 में धनबाद के बैंक मोड़ स्थित मुथूट फाइनेंस में डकैती की कोशिश हुई थी। तब पीके ने अकेले ही अपराधियों का एनकाउंटर किया था। इस घटना में सभी अपराधी मारे गए थे। यह मुठभेड़ काफी चर्चित हुई थी।
1994 बैच के सब-इंस्पेक्टर हैं पीके अब एटीएस के डीएसपी
पीके पहले पलामू में भी तैनात रहे हैं। वे 1994 बैच के सब-इंस्पेक्टर थे। चैनपुर में थाना प्रभारी भी रहे। प्रमोशन के बाद अब वे एटीएस में डीएसपी हैं। थाना प्रभारी रहते हुए भी उन्होंने कई लुटेरों का एनकाउंटर किया था। जिस जगह अमन साहू का एनकाउंटर हुआ, वहां पहले भी एक डकैत मारा गया है। पलामू में अपनी तैनाती के दौरान पीके ने अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की थी। इससे उन्हें काफी लोकप्रियता मिली।
सटीक निशानेबाजी के कारण अमन को नहीं मिला भागने का मौका
प्रमोद कुमार सिंह को ‘एनकाउंटर स्पेशलिस्ट’ कहा जाता है। इससे पता चलता है कि वे कितने कुशल और निडर पुलिस अधिकारी हैं। अमन साहू का एनकाउंटर भी उनकी इसी छवि को दर्शाता है। पुलिस को पहले से ही आशंका थी कि अमन साहू को लाने में कुछ गड़बड़ हो सकती है। इसीलिए पीके को यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी। पीके की तेज तर्रारी और सटीक निशानेबाजी के कारण ही अमन साहू को भागने का मौका नहीं मिला।
Report By :- PALAK TIWARI / HEENA KHANSPECIAL DESK, NATION EXPRESS, RANCHI