Nation express
ख़बरों की नयी पहचान

कोरोना काल में नहीं रही नौकरी तो भूख मिटाने के लिए मजबूरी में की 120 रुपए की चोरी

0 362

CRIME DESK, NATION EXPRESS, मुंबई

लॉकडाउन में ना जाने कितने बेरोजगार, ऐसे अरबाज खान बनने को हैं तैयार

लॉकडाउन ने क्या बेरोजगारी आज इस हद तक बढ़ा दी है कि युवा पीढ़ी गुनाह के रास्तों पर चल पड़ी है?

पुलिस हैरान थी. उसने एक ऐसे शख्स को पकड़ा था जिसके नाम अपराध का का कोई पिछला रिकॉर्ड नहीं था. लेकिन कोरोना काल में काफी समय से उसके पास कोई जॉब नहीं था. ऐसे में मजबूरी में इस युवक ने भूख मिटाने के लिए मुंबई लोकल में की सिर्फ 120 रुपए की चोरी. वह चलती ट्रेन में चढ़ गया. एक यात्री के गले में उसने ब्लेड लगा दिया और धमकाते हुए उससे 120 रुपए लेकर भाग गया.

- Advertisement -

इस घटना के बाद पीड़ित यात्री राजू बिर्जे की शिकायत पर वसई रोड रेलवे स्टेशन पर तैनात रेलवे पुलिस की टीम ने सीसीटीवी कैमरे के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया और आरोपी अरबाज खान (उम्र 18) को पकड़ लिया.

क्या है पूरा मामला?

रेलवे पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक 4 जुलाई को नालासोपारा से वसई रोड रेलवे स्टेशन के बीच राजू बिर्जे रात के सवा 9 बजे यात्रा कर रहा था. इसी बीच चलती हुई लोकल में आरोपी अरबाज खान चढ़ गया.  उसने राजू के गले में धारदार ब्लेड रख कर उसे धमकाया और 120 रुपए छीन लिए. इसके बाद जैसे ही ट्रेन वसई रोड रेलवे स्टेशन पर पहुंची, आरोपी अरबाज उतर कर भाग गया. इसके बाद राजू बिर्जे ने अपने साथ हुए इस हादसे के बारे में वसई रोड रेलवे स्टेशन पर मौजूद पुलिस को बताया. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 392 के तहत लूट का मामला दर्ज किया. और जांच शुरू कर दी. इस जांच में पुलिस ने नालासोपारा और वसई रोड के सीसीटीवी फुटेज खंगाले. और खबरची द्वारी दी गई जानकारियों के आधार पर आरोपी को पकड़ लिया. आरोपी को राजू बिर्जे के सामने लाकर उसकी पहचान करवाई गई.

लॉकडाउन में ना जाने कितने बेरोजगार, ऐसे अरबाज खान बनने को हैं तैयार

जब पुलिस ने गहराई से जांच की तो आरोपी का पिछला कोई भी रिकॉर्ड नहीं पाया गया. आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने यह लूट सिर्फ भूख मिटाने के लिए की है. यह जवाब सुनते ही पुलिस हैरान रह गई. इस घटना ने ना सिर्फ पुलिस के सामने बल्कि हम सबके सामने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि कोरोना काल में लॉकडाउन ने क्या बेरोजगारी आज इस हद तक बढ़ा दी है कि युवा पीढ़ी गुनाह के रास्तों पर चल पड़ी है? अगर ऐसा वाकई हो रहा है तो इस लॉकडाउन में ऐसे कितने अरबाज खान तैयार हो रहे हैं, इसका कोई हिसाब नहीं है. समस्या  बड़ी है, सवाल बड़े हैं. समाधान नहीं है ,जवाब नहीं है.

Report By :- MEENAKSHI SINGH, CRIME DESK, NATION EXPRESS, मुंबई

Leave A Reply

Your email address will not be published.

GA4|256711309