Nation express
ख़बरों की नयी पहचान

पटना में दर्दनाक हादसा, चूल्हे की चिंगारी से 3 बहनों और एक भाई जिंदा जले

0 449

NEWS DESK, NATION EXPRESS, RANCHI

बच्चों की बिलखती और रोती आवाज ने दिल झकझोर दिया

राजधानी पटना के पुनपुन में बुधवार की सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। इस थाना क्षेत्र के अलाउद्दीनचक गांव में एक झोपड़ी में आग लगने से 4 मासूम जिंदा जल गए। मरने वाले बच्चों में तीन लड़कियां और एक लड़का है। सभी सगे भाई-बहन थे। इनमें 12 साल की डॉली, 8 साल की राखी, 6 साल की आरती और 4 साल का अंकित शामिल है। इनके माता-पिता मजदूर हैं और सबको घर के अंदर रहने की हिदायत देकर काम पर निकल गए थे।

- Advertisement -

तेजी से फैली आग

इस हादसे के बाद से आसपास के इलाके में सनसनी मची हुई है। हादसे की जानकारी मिलते ही पुनपुन थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। इलाके के रहने वाले कई लोग भी पहुंचे। मगर, तब तक काफी देर हो चुकी थी। सभी मासूम बच्चों की इनके पहुंचने से पहले ही मौत हो चुकी थी। जिस झोपड़ी के अंदर ये बच्चे मौजूद थे, आग लगने की वजह से वह पूरी तरह से जलकर राख हो चुकी थी। अंदर रखा सारा सामान भी जल गया था।

patna news 4 innocent child burnt alive in closed hut children were locked  in hut for rescue from coronavirus - Patna News: बंद झोपड़ी में जिंदा जलकर 4  मासूमों की मौत, कोरोनाचूल्हे से निकली चिंगारी

परिवार वालों से बात और पुलिस की शुरुआती जांच के बाद पता चला कि बड़ी बेटी डॉली झोपड़ी के अंदर खाना बना रही थी। उसकी छोटी बहनें और भाई अंदर ही खेल रहे थे। खाना बनाने के दरम्यान ही चूल्हे से निकली चिंगारी से झोपड़ी में आग लगी। इसके बाद ही आग ने रफ्तार पकड़ी। चंद मिनटों में पूरी झोपड़ी आग के लपटों से घिर गई। अंदर मौजूद बच्चे चिल्लाने और रोने लगे। जब तक उनकी मदद के लिए आसपास के लोग जुटे, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

बच्चों को बाहर निकलने से मना किया था

हादसे के शिकार हुए सभी बच्चे छोटू पासवान के थे। छोटू और उनकी पत्नी मजदूरी करते हैं। हर दिन की तरह बुधवार की सुबह वे मजदूरी करने गए थे। इन्हें कोरोना वायरस का डर सता रहा था। इस कारण छोटू ने काम पर जाने से पहले डॉली और सभी बच्चों को घर के अंदर ही रहने को कहा था। उन्हें बाहर जाने से मना किया था। बड़ी बेटी डॉली को गेट बंद रखने को कहा था।

पड़ोसी से मिली मनहूस खबर

इसके बाद दोनों पति-पत्नी बच्चों को छोड़कर काम पर चले गए थे। जब उन्हें पड़ोसी के जरिए हादसे की जानकारी मिली तो भागे-भागे पहुंचे। एक साथ अपने सभी बच्चों को खो देने के गम में इनका रो-रोकर बुरा हाल है। फिलहाल पुलिस ने सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

4-4 लाख का अनुग्रह अनुदान

CM नीतीश कुमार ने इस दर्दनाक हादसे पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मृतक बच्चों के परिजन को 4-4 लाख रुपए का अनुग्रह अनुदान शीघ्र उपलब्ध कराया जाए।

Report By :- KASHISH ANJUM KHAN, NEWS DESK, NATION EXPRESS, RANCHI

Leave A Reply

Your email address will not be published.

GA4|256711309