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रांची होगा अमन चैन और सुकून वाला शहर : रांची पुलिस तैयार कर रही जमीन माफियाओं की कुंडली, पर्दे के पीछे काम करने वाले माफिया और सफेदपोश भी राडार पर

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NEWS DESK, NATION EXPRESS, रांची

रांची में अपराधियों पर नकेल कसने और अपराध को रोकने के लिए पुलिस जमीन माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है. ऐसे जमीन माफियाओं की सूची तैयार की जा रही है, जिनपर आपराधिक मामला दर्ज हैं, उन लोगों को जिलाबदर किया जाएगा.

एसएसपी सुरेंद्र कुमार झा की अच्छी पहल

जमीन विवाद (Land dispute) के मामलों में रांची पुलिस (Ranchi Police) सीधा हस्तक्षेप करने से बचती रही है. इसका कारण है कि विवाद सुलझाने पहुंची पुलिस पर ही उलटे आरोप आ जाता है. लेकिन, हाल के दिनों में जमीन विवाद की वजह से राजधानी में खूनी संघर्ष आम हो गया है. इस विवाद में लोगों की जानें भी जा रही है. जमीन विवाद के लगातार आ रहे मामलो के बाद रांची पुलिस ने नई रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है. अब रांची पुलिस विवादित जमीनों की डेटा तैयार कर रही है. इसके साथ ही माफियाओं और सफेदपोश, जो पर्दे के पीछे रह कर जमीन विवाद को हवा देते हैं. इन लोगों पर सख्त नजर रखी जा रही है.

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सीओ और जिला प्रशासन को लिखा जाएगा पत्र

रांची के सिटी एसपी सौरभ ने बताया कि जिले के सभी विवादित जमीन की थाना स्तर पर डाटा तैयार किया जाएगा. डाटा तैयार करने के बाद संबंधित विभागों को पत्र लिखकर सूचित की जाएगी, ताकि विभागीय स्तर पर मामले का निपटारा हो जाए. उन्होंने कहा कि पुलिस अपने सूचनातंत्र के माध्यम से विवादित जमीन से संबंधित सारी जानकारी इकट्ठा करेगी. इस जानकारी को पत्र के माध्यम से सीओ और जिला प्रशासन को दी जाएगी, ताकि शीघ्र कार्रवाई की जाए.

विवाद के पीछे की जानकारी प्राप्त करेगी पुलिस

अमूमन जमीन विवाद के पीछे सिर्फ दो पक्ष ही नहीं होते हैं, बल्कि एक तीसरा व्यक्ति भी होता है. यह तीसरा व्यक्ति जमीन माफिया होता है या फिर सफेदपोश. जमीन माफिया जमीन पर कब्जा करने के लिए दोनों पक्षों को बरगला कर अपना काम निकालते हैं. रांची पुलिस ने अब जमीन माफिया के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की तैयारी कर ली है. थाना स्तर पर जमीन माफियाओं की सूची तैयार की जा रही है. इसके बाद इन जमीन माफियाओं पर सीसीए के तहत कार्रवाई की जाएगी. जिन जमीन माफिया पर जघन्य आपराधिक मामला दर्ज होगा, उन्हें जिलाबदर किया जाएगा. वहीं, जिनके खिलाफ छोटे मामले दर्ज होंगे, उन्हें थाना हाजिरी की कार्रवाई की जाएगी. इसको लेकर एसएसपी सुरेंद्र कुमार झा ने सभी थानेदारों को इलाके के जमीन माफियाओं की डेटा तैयार करने का निर्देश दिया है.

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जिलाबदर करने की तैयारी

रांची पुलिस वैसे जमीन माफिया (Land Mafia) जिनपर जघन्य आपराधिक मामला दर्ज होगा, उन्हें जिलाबदर करने की तैयारी में है. जबकि जिनके खिलाफ छोटे मामले दर्ज होंगे, उनके खिलाफ थाना हाजिरी की कार्रवाई की जाएगी. एसएसपी सुरेंद्र कुमार झा ने सभी थानेदारों को इलाके के जमीन माफियाओं का डेटा तैयार करने का निर्देश दिया है. जमीन माफियाओं के इशारे पर आतंक फैलाने वाले अपराधियों पर भी नजर रखी जा रही है.

जेल से छूटे कारोबरियों का डेटा हो रहा तैयार

एसएसपी ने रांची के सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया है कि वे 1 साल के अंदर जमीन कारोबार के संबंध में किसी भी तरह की घटना को अंजाम देने वाले वैसे अपराधी जो जेल से बाहर निकल आए हैं, उन अपराधियों का पूरा डाटा तैयार करें ताकि जमीन विवाद को लेकर होने वाली घटनाओं पर रोक लगाई जा सके. वहीं जेल से बाहर आए अपराधियों की थाना हाजिरी की कार्रवाई नियमित तौर पर की जाए. इसके साथ ही वैसे अपराधी जिनके जेल से बाहर आने पर आपराधिक घटनाएं होने की संभावनाएं बढ़ सकती हैं, उनपर सीसीए लगाने का प्रस्ताव समर्पित किया जाए.

शातिर अपराधियों पर नजर
झारखंड बनने के बाद राजधानी रांची सहित कई बड़े शहरों की जमीन की कीमत काफी बढ़ी है. जैसे-जैसे जमीन की कीमत आसमान छूने लगी वैसे-वैसे ही इस धंधे में अपराधियों का आगमन भी शुरू हो गया है. जमीन माफिया बड़े अपराधियों के बल पर जमीन पर कब्जा करवाते हैं. यही वजह है कि अब रांची पुलिस वैसे सभी बड़े अपराधियों पर भी नजर रख रही है, जिनका जमीन कारोबारियों से रिश्ता है.

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अंचल, रजिस्ट्री कार्यालय में गड़बड़ी से होता विवाद

रांची में जमीन विवाद के मामलों के बढ़ने का कारण अंचल और रजिस्ट्री कार्यालय है. यहां रिकॉर्ड में छेड़छाड़ कर हेराफेरी की वजह से एक जमीन के अलग-अलग दावेदार सामने आते हैं. जमीन का ऑनलाइन रिकॉर्ड भी अब सुरक्षित नहीं है. उनमें छेड़छाड़ संभव है. नेशनल इन्फॉरमेटिक्स एजेंसी (NIA) द्वारा संचालित झारभूमि सॉफ्टवेयर की सिक्योरिटी ऑडिट पिछले 10 साल से नहीं की गयी है. इसका लाभ भू-माफिया उठा रहे हैं. अंचलाधिकारियों की ओर से म्यूटेशन रद्द कर देने के बाद भी करेक्शन स्लिप कट जाता है. खतियानी रैयतों के नाम दर्ज जमाबंदी बिना म्यूटेशन के ही दूसरे के नाम पर दर्ज हो जा रहे हैं. हाल के दिनों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं.

Report By :- HEENA KHAN / KHUSHBOO SHARMA, NEWS DESK, NATION EXPRESS, रांची

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