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झारखंड में पदस्थापित कई आईएएस अधिकारियों का तबादला किया गया है. वहीं कई को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है. अजय कुमार सिंह को कैबिनेट का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है. वंदना दादेल को कैबिनेट से बदलते हुए वन एवं पर्यावरण विभाग की जिम्मेवारी सौंपी गई है. मनीष रंजन को भवन निर्माण और झारखंड राज्य भवन निर्माण निगम के एमडी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है. अरवा राजकमल को जीआरडीए के प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है. उमाशंकर सिंह को मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी सिद्धो-कान्हो कृषि एवं वनोपोज राज्य सहकारी संघ लिमिटेड का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है.
हटाए गए मंजूनाथ भजंत्री
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पूर्वी सिंहभूम के डीसी मंजूनाथ भजंत्री का तबादला कर दिया गया है. उन्हें स्वर्णरेखा बहुउद्देशीय परियोजना का प्रशासक बनाया गया है. वहीं पश्चिमी सिंहभूम के डीसी अन्नय मित्तल को जमशेदपुर का डीसी बनाया गया है. श्रम नियोजन विभाग के अपर सचिव पवन कुमार को परियोजना निदेशक झारखंड एड्स कंट्रोल सोसायटी की जिम्मेवारी सौंपी गई है. श्रमायुक्त संजीव बेसरा को झारखंड कौशल विकास मिशन सोसायटी के निदेशक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है.
शशिरंजन को जेएसएमडीसी का अतिरिक्त प्रभार
जियाडा के एमडी शशिरंजन को जेएसएम़डीसी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है. सत्येंद्र कुमार को झारखंड राज्य खाद्य निगम के प्रबंध निदेशक की जिम्मेवारी सौंपी गई है. माधवी मिश्रा को झारखंड मेडिकल एंड हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन के एमडी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है.
हेमंत सती को साहिबगंज की कमान
गुमला के डीडीसी हेमंत सती को साहिबगंज की कमान सौंपी गई है. वहीं साहिबगंज के डीसी रामनिवास यादव को निदेशक उच्च शिक्षा की जिम्मेवारी सौंपी गई है. निदेशक उच्च शिक्षा के पद पर पदस्थापित गरिमा सिंह को लातेहार का डीसी बनाया गया है. अपर सचिव योजना के पद पर पदस्थापित जाधव विजया को पश्चिमी सिंहभूम का डीसी बनाया गया है. लातेहार के डीसी हिमांश मोहन को निदेशक माध्यमिक शिक्षा की जिम्मेवारी सौंपी गई है. विस्पुते श्रीकांत को अनुमंडल पदाधिकारी गिरिडीह की जिम्मेवारी दी गई है. कार्मिक ने इसका आदेश जारी कर दिया.

लातेहार की नवनियुक्त उपायुक्त गरिमा सिंह को, IPS से बनीं थीं IAS
लातेहार की नवनियुक्त उपायुक्त आईएएस अधिकारी गरिमा सिंह का प्रशासनिक अधिकारी बनने का सफर काफी दिलचस्प है। एक बार उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया था कि एक पुलिसकर्मी ने उनसे 100 रुपये की रिश्वत मांगी थी। हुआ यूं कि वह दिल्ली के सेंट स्टीफंस कॉलेज से ग्रेजुएशन कर रही थीं। एक बार वह देर रात अपने हॉस्टल रिक्शे से मॉल से लौट रही थी। रास्ते में एक पुलिसकर्मी ने चेकिंग के लिए उनका रिक्शा रोका। उन्होंने गरिमा सिंह से पूछा कि वह इतनी रात को कहां से आ रही है और कहां जा रही है। इसके बाद 100 रुपये की रिश्वत मांगी गयी।

जब उन्होंने पैसे देने से इनकार कर दिया तो वह परिवार को फोन कर घूमने की शिकायत करने की धमकी देने लगा। थोड़ी बहस के बाद उन्हें बिना पैसे लिये जाने दिया, लेकिन इस घटना से गरिमा सिंह के मन में पुलिस के प्रति कड़वाहट आ गयी। आईएएस अधिकारी गरिमा सिंह का जन्म 14 फरवरी 1987 को यूपी के बलिया जिले में हुआ था। उनका परिवार दिल्ली में रहता है। गरिमा सिंह बचपन में डॉक्टर बनना चाहती थीं। लेकिन उनके पिता ओमकार सिंह चाहते थे कि उनकी बेटी सिविल सेवा में जाये। उनके पिता पेशे से इंजीनियर थे।
गरिमा सिंह ने इतिहास में बीए और एमए किया। इसके बाद साल 2012 में पहले ही प्रयास में सिविल सेवा परीक्षा पास कर वह आईपीएस बन गयीं। वह दो साल तक प्रशिक्षु आईपीएस रहीं। उन्होंने झाँसी में सिटी एसपी के पद पर भी काम किया। एसपी पद पर रहते हुए वह साल 2016 में 55वीं रैंक हासिल कर आईएएस बने।आईएएस गरिमा सिंह ने आईपीएस बनने के दो साल बाद शादी कर ली। उनके पति पेशे से इंजीनियर हैं। एक आईएएस के रूप में गरिमा सिंह के काम को लोगों ने काफी सराहा है।
Report By :- SHWETA SINGH, CITY DESK, NATION EXPRESS, RANCHI