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बाजार में खुलेआम बिकती ‘वर्दी’ का खामियाजा : नकली थानेदार बने सिविल डिफेंस अफसर को असली सिपाही ने किया गिरफ्तार

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NEWS DESK, NATION EXPRESS, NEW DELHI

दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे मास्टरमाइंड जालसाज को गिरफ्तार किया है जो खुद को दिल्ली पुलिस का दारोगा बता रहा था. दिल्ली के असली पुलिसवालों ने जब इस मास्टरमाइंड को दबोचा तो उसकी भी आंखें हैरत से खुली रह गई. पता चला कि दिल्ली पुलिस के सहायक सब इंस्पेक्टर की वर्दी में राजधानी की सड़कों पर घूमने वाला ये ठग तो असल में दिल्ली सिविल डिफेंस में अफसर के पद पर तैनात है, जो कुछ समय पहले तक सिविल डिफेंस महकमे में मार्शल और थानेदार रहने के बाद वहां प्रमोटेड किया गया था. इस पूरे घटनाक्रम में जो सबसे महत्वपूर्ण और सुरक्षा में छेद होने के नजरिए से  खतरनाक बात सामने निकलकर आई वो है, पुलिस और मिलिट्री की खाकी वर्दी का खुलेआम यानी बे-रोकटोक बाजार में दुकानों पर बिकना. इन तमाम सनसनीखेज तथ्यों की पुष्टि खुद दिल्ली रेलवे पुलिस के डीसीपी हरेंद्र कुमार सिंह ने की.

डीसीपी दिल्ली रेलवे पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार 420 का नाम जय किशन यादव (22) है. दिल्ली पुलिस के थानेदार (सहायक सब-इंस्पेक्टर) की खाकी वर्दी पहने हुए पकड़ा गया जय किशन यादव दिल्ली के ही मायापुरी फेस-2 इलाके में रहता है. आरोपी को पुरानी दिल्ली रेलवे पुलिस स्टेशन (दिल्ली मेन) थाना क्षेत्र में गिरफ्तार किया गया है. घटनाक्रम के मुताबिक रविवार 13 जून 2021 को सुबह करीब पौने आठ बजे दिल्ली पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना मिली थी. सूचना देने वाले और इन दिनों दिल्ली पुलिस की ही सातवीं बटालियन में तैनात सिपाही ने योगेश कुमार ने पुलिस कंट्रोल रूम को बताया था कि पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन थाना इलाके में 20-22 साल का एक संदिग्ध शख्स दिल्ली पुलिस के सहायक उप-निरीक्षक की वर्दी में खड़ा है. चाल-ढाल और कद-काठी से मगर ये शख्स कहीं से भी दिल्ली पुलिस का थानेदार कतई नहीं लगता है.

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बाजार में खुलेआम बिकती 'वर्दी' का खामियाजा, नकली थानेदार बने सिविल डिफेंस अफसर को असली सिपाही ने गिरफ्तार करा लिया

एक के बाद एक हैरतअंगेज खुलासे

सूचना मिलने पर मौके पर अन्य पुलिसकर्मी भी पहुंच गए. संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो एक के बाद एक हैरतअंगेज जानकारियां दिल्ली रेलवे पुलिस टीम के हाथ लगनी शुरू हो गईं. पता चला है कि आरोपी यानी नकली थानेदार ने दिल्ली पुलिस की असली खाकी वर्दी करीब डेढ़ साल पहले दिल्ली के ही मुखर्जी नगर इलाके (किंग्जवे कैंप) में स्थित वर्दी वाली दुकानों से खरीदी थी. यहां पुलिस और मिलिट्री वर्दी के साथ-साथ जवानों की जरूरत का और भी तमाम सामान बेचने वाली कई दुकानें हैं. इन दुकानों के इस इलाके में होने की वजह दिल्ली पुलिस की दो-दो (नई और पुरानी) पुलिस लाइनें चंद फर्लांग की दूरी पर मौजूद होना भी है. इन दोनों ही पुलिस लाइन में दिल्ली पुलिस के सैकड़ों सिपाही-हवलदार, थानेदार-दारोगा, इंस्पेक्टरों के अस्थाई आवास तो है ही. साथ ही इन पुलिस लाइनों में रंगरूटों (नई भर्ती के सिपाहियों-थानेदारों) की ट्रेनिंग भी होती है.

New Modern Tailors - #Khakhee Wardi (Police Uniform). | Facebookफिलहाल ये था जालसाज का इरादा

दिल्ली पुलिस के डीसीपी रेलवे के मुताबिक गिरफ्तार नकली एएसआई से और भी कई जानकारियां हाथ लगी हैं. मसलन कुछ समय पहले ही उसे सिविल डिफेंस में प्रमोशन मिली और प्रमोट करके एचएफपी बना दिया गया था. गिरफ्तारी के समय आरोपी दो भाइयों जय सिंह यादव और हिमांशु के साथ पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर पहुंचा था. उन दोनों भाइयों का आजमगढ़ (यूपी) जाने के लिए फरुखा एक्सप्रेस में कंफर्म रिजर्वेशन था जबकि उनके साथ खुद जय किशन यादव भी आजमगढ़ जाना चाहता था. लिहाजा उसने घर में करीब डेढ़ साल से खरीदकर रखी दिल्ली पुलिस के सहायक उप निरीक्षक की खाकी वर्दी खुद पहन ली ताकि वो दोनों भाइयों के साथ फरुखा एक्सप्रेस ट्रेन में सवार होकर पुलिस वाला बनकर आजमगढ़ तक फोकट में रेल यात्रा कर सके. उसे उम्मीद थी कि दारोगा की वर्दी में होने के चलते उसे ट्रेन में कहीं कोई टीटी बगैर टिकट को लेकर नहीं पूछेगा. ऐसा हो पाता उससे पहले ही उसे दिल्ली पुलिस के ही सिपाही योगेश कुमार ने पकड़वा दिया.

डेढ़ साल पहले ही खरीद ली खाकी वर्दी

वर्दी पहनकर कर रहा था अवैध वसूली, होटल संचालक ने पकड़कर कर दिया पुलिस के  हवाले - Patrika Look

पूछताछ के दौरान आरोपी ने कबूला है कि उसने करीब डेढ़ साल पहले दिल्ली पुलिस के एएसआई की खाकी वर्दी किंग्जवे कैंप (मुखर्जी नगर दिल्ली) स्थित वर्दी वाली दुकानों से खरीदी थी. अब पुलिस ये पता लगाने में जुटी है कि आखिर आरोपी ने डेढ़ साल पहले जब वर्दी खरीदी तो और कहां-कहां उसका बेजा इस्तेमाल किया है? खाकी वर्दी खरीदने के पीछे उसका असली मकसद आखिर क्या था? नकली दारोगा बनकर उसने देश की राजधानी दिल्ली और दिल्ली से बाहर अन्य किसी इलाके में और किसी आपराधिक या धोखाधड़ी की वारदात को अंजाम तो नहीं दिया था. पुलिस ये भी पता करने में जुटी है कि गिरफ्तार नकली दारोगा जय किशन यादव के साथ कुछ और लोग तो इसी तरह पुलिस की खाकी वर्दियों का बेजा इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं. पुलिस उस दुकान मालिक से भी पूछताछ करने में जुटी है, जिससे आरोपी ने दारोगा की वर्दी खरीदी थी, क्योंकि कोर्ट में केस चलने के दौरान वो दुकानदार आरोपी के खिलाफ मजबूत गवाह साबित हो सकता है.

Report By :- ANUJA AWASTHI, NEWS DESK, NATION EXPRESS, NEW DELHI

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