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झारखंड सीएम से ED की पूछताछ जारी: CM हेमंत के भाई और भाभी समेत 7 JMM विधायक नही चाहते कल्पना सोरेन मुख्यमंत्री बने

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NEWS DESK, NATION EXPRESS, RANCHI

जमीन घोटाले में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से ईडी की पूछताछ जारी है। 7 अधिकारियों की टीम दोपहर 1:15 बजे सीएम हाउस पहुंची। इससे पहले 20 जनवरी को ईडी ने साढ़े सात घंटे पूछताछ की थी। पूछताछ को लेकर रांची में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए है। साथ ही ईडी कार्यालय, राजभवन और सीएम आवास के आसपास धारा 144 लगाया गया है। जेएमएम का प्रदर्शन भी हो रहा है। वहीं, ED की पूछताछ के दौरान राज्यपाल के आदेश पर गृह सचिव को हटा दिया गया है। गृह सचिव के अतिरिक्त प्रभार मुख्य सचिव को दिया गया है।

रांची में सीएम हाउस पहुंचे ईडी के अधिकारी, मोरहाबादी में जेएमएम का प्रदर्शन। - Dainik Bhaskar

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इधर हेमंत सोरेन ने दिल्ली में ईडी के अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई है। दिल्ली आवास पर 29 जनवरी को हुई रेड को लेकर मामला दर्ज करवाया है। आवेदन की कॉपी रांची के एससी एसटी थाना में भेज दी गयी है। सियासी हलचल भी तेज है। मंगलवार को महागठबंधन दल के विधायकों की बैठक हुई। कहा जा रहा है कि बैठक में हेमंत सोरेन ने विधायकों से दो पेपर पर साइन करवाया है। एक में उनकी पत्नी कल्पना सोरेन और दूसरे में विधायक चंपई सोरेन का नाम है। अगर सीएम की गिरफ्तारी होती है तो कल्पना को मुख्यमंत्री बनाने की तैयारी है। लेकिन सहमति नहीं बनती है तो चंपई को कमान दी जाएगी। आज भी सत्ता दल के विधायक सीएम हाउस पहुंचे।

सीएम हेमंत सोरेन के सरकारी बंगले पर मंगलवार की शाम महागठबंधन के विधायकों की अहम बैठक हुई।

झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन के सरकारी बंगले पर मंगलवार की शाम महागठबंधन के विधायकों की अहम बैठक हुई। मीटिंग में चर्चा हुई कि यदि ED जमीन घोटाला मामले में हेमंत सोरेन को गिरफ्तार करती है तो प्लान क्या होगा? हेमंत ऐसी परिस्थिति में अपनी पत्नी कल्पना सोरेन को कमान सौंपना चाहते हैं। इस बीच बैठक में मुख्यमंत्री की पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा के 7 विधायक नहीं पहुंचे। वे हेमंत की पत्नी कल्पना सोरेन को मुख्यमंत्री बनाने की चर्चा से नाराज थे। इनमें हेमंत सोरेन के भाई बसंत सोरेन और भाभी सीता सोरेन भी शामिल थीं।

बताते चले कि लापता होने की चर्चा के बीच 31 घंटे बाद मंगलवार दोपहर झारखंड के सीएम मंगलवार को रांची पहुंचे थे। उन्होंने दो बैठकें की। शाम को सीएम हाउस में महागठबंधन (JMM, कांग्रेस और RJD) के विधायक दल की बैठक का नेतृत्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने किया। डेढ़ घंटे चली बैठक से बाहर निकले मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा प्लान बी की कोई बात नहीं हुई है। प्लान बी तब होगा, जब प्लान ए में गड़बड़ होगी। बुधवार को हेमंत सोरेन से ED पूछताछ करेगी, तब सभी विधायक सीएम आवास में मौजूद रहेंगे।

Hemant Soren की भाभी Sita Soren हुईं बागी, Kalpana Soren को CM बनाने का  किया विरोध | Jharkhand - YouTube

सीता बोलीं-कल्पना स्वीकार नहीं, हमेशा मैं ही त्याग क्यों करूं

सीएम पद के लिए कल्पना सोरेन का नाम आते ही झामुमो विधायक सीता सोरेन ने विरोध शुरू कर दिया। उन्होंने कहा-मैं बैठक में नहीं आई। बुधवार को भी बैठक में नहीं आऊंगी। मैं बैठक के विरोध में नहीं हूं। मैं तो एकजुटता का समर्थक रही हूं। लेकिन कल्पना सोरेन को मुख्यमंत्री बनाए जाने के हर ​फैसले का विरोध करूंगी। हमेशा मैं ही त्याग क्यों करूंगी। हेमंत सोरेन जब मुख्यमंत्री बने तो उसे स्वीकार कर लिया, लेकिन कल्पना सोरेन को किसी तरह स्वीकार नहीं करूंगी।

उन्होंने कहा कि झामुमो को खड़ा करने में शिबू सोरेन (बाबा) के साथ मेरे दिवंगत पति दुर्गा सोरेन ने भी मिलकर काम किया था। वे हमेशा बाबा के साथ रहे। ​पति के निधन के बाद अपनी दो छोटी-छोटी बच्चियों को पालने में कितनी तकलीफ सही है, यह मैं ही जानती हूं। इसलिए अब त्याग करने का कोई इरादा नहीं है।

बैठक के बाद ज्यादातर विधायक पीछे के दरवाजे से निकले

विधायक दल की बैठक खत्म होने के बाद ज्यादातर विधायक सीएम आवास के पीछे वाले रास्ते से निकल गए। हालांकि, विधायक दीपिका पांडे, बन्ना गुप्ता, प्रदीप यादव आदि मुख्य गेट से बाहर निकले। इन सभी ने एक स्वर में कहा कि हेमंत सोरेन की सरकार 5 साल के लिए है, जो बनी रहेगी। वहीं, कल्पना सोरेन के नाम पर मुहर लगने के सवाल पर मंत्री बना गुप्ता ने कहा कि आत्मरक्षा का हक हर किसी को होता है।

हेमंत जिसे बनाएं सीएम,हर फैसला मंजूर होगा-कांग्रेस

बैठक में कांग्रेस ने हर फैसले के लिए सीएम हेमंत सोरेन को अधिकृ​त किया। विधायकों ने कहा कि हेमंत सोरेन जिसे भी नेता चुनेंगे, कांग्रेस उसे समर्थन देगी। सीएम का हर फैसला हमें मंजूर होगा। उधर, कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी गुलाम अहमद मीर ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की। उन्होंने कहा-लोकतांत्रिक तरीके से पांच साल के लिए चुनी गई सरकार को गिराने की साजिश रची गई है, जो गलत है।

कल्पना नहीं बन सकती हैं सीएम – बाबूलाल मरांडी

प्रदेश में चल रही सियासी हलचलों के बीच काफी कुछ घटित हो रहा है. ईडी और सीएम के बीच चल रही खींचातानी के बीच राज्य में कयासों का बाजार काफी गर्म है. सीएम हेमंत सोरेन के दिल्ली में लापता होने और सीधा रांची में प्रकट होने के बाद से हीं कई तरह की बयानबाजी शुरु हो गई थी. दिल्ली से रांची आते हीं सीएम हेमंत सोरेने ने विधायकों के साथ बैठक की. जिसके बाद मीडिया में खबरें आईं कि बैठक में विधायकों से हस्ताक्षर लिए गए हैं. जिसके बाद से हीं कयासों का बाजार गर्म हो गया कि कल्पना सोरेन को विधायक दल का नेता घोषित किया जा सकता है. ऐसी भी खबरें आईं कि सीएम वैकल्पिक स्थिति में कल्पना सोरेन को अपनी जगह बिठा सकते हैं. 
कल्पना नहीं बन सकती हैं सीएम - बाबूलाल मरांडीकल्पना सोरेन को सीएम बनाए जाने की संभावनाओं पर आया बाबूलाल का बयान 
अब इस पर बीजेपी अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी का बड़ा बयान आया है. बाबूलाल मरांडी ने कल्पना सोरेन को मुख्यमंत्री बनाए जाने की संभावनाओँ को सिरे से नकार दिया है. बाबूलाल ने कहा है कि कल्पना मुख्यमंत्री नहीं बन सकती है. विधानसभा के एक साल से भी कम के कार्यकाल में चुनाव नहीं हो सकता. ऐसे में खाली कराई गई सीट पर उपचुनाव नहीं कराया जा सकता है. वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य पर बीजेपी की कड़ी नजर है. हालांकि बाबूलाल ने झामुमों पर तंज कसते हुए कहा कि झामुमो, कांग्रेस के शासनकाल में कुछ भी संभव है. इन दलों में मुंह का कानून चलता है. 

मुख्यमंत्री के लापता होने का मामला हाईकोर्ट पहुंचा

एडवोकेट राजीव कुमार ने हाईकोर्ट में एक हेवियस कार्पस दायर की है। इसमें तीन सवाल उठाए हैं। मुख्यमंत्री कहां थे, किन लोगों के साथ थे और कैसे आएं? साथ ही उन्होंने प्रोटोकॉल क्यों तोड़ा?

Report By :- AAKNSHA DUBEY / SHWETA SINGH, NEWS DESK, NATION EXPRESS, RANCHI

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