हजारीबाग हिंसा मामले में ताबड़तोड़ एक्शन ! 45 नामजद और 200 अज्ञात पर FIR, 3 गिरफ्तार, मामला शांत हो गया है, पर अंदर ही अंदर सुलग रहा डुमरौन
CITY DESK, NATION EXPRESS, हजारीबाग
Hazaribagh News: महाशिवरात्रि के दिन इचाक के डुमरौन में लाउडस्पीकर बांधने को लेकर हुए विवाद के बाद पथराव और आगजनी हुई। इस मामले में इचाक थाना में 45 नामजद और 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोपियों में 24 हिंदू और 21 मुस्लिम शामिल हैं। पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है।
HighLights
- पुलिस कर रही गश्त, पत्थर बता रहे घटना की क्या होगी भयावहता
- पुलिस के सामने चले छत से पत्थर, पुलिस बता रही भीड़ का हिस्सा
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एफआईआर में 24 हिंदू तो 21 मुस्लिम को आरोपी बनाया गया
प्राथमिकी में 24 हिंदू और 21 मुस्लिम को आरोपित बनाया गया है। पुलिस ने इस दौरान विशेष अभियान चलाकर तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें 25 वर्षीय शिवकुमार उर्फ बुला पिता स्व. बंगाली महतो , 23 वर्षीय बुला उर्फ अजीत पिता बद्री महतो तथा अशरफ मियां पिता स्वर्गीय इब्राहिम मियां है। घटना के बाद पुलिस ने अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और अफवाह फैलाने वालों की सूचना देने की बात कहीं है। बताया कि पुलिस पूरे मामले पर नजर बनाए हुई है। एएसपी अमित कुमार के साथ एसडीओ सदर ने लोगों से शांति की अपील की है। जानकारी दी कि इंटरनेट मीडिया पर नजर रखी जा रही है। वहीं वाट्स एप ग्रुप पर भी पुलिस ने निगरानी बढ़ा दी है।
पुलिस छावनी में तब्दील रहा गांव, सड़क पर गिरे पत्थर के निशान बता रहे क्या होगी स्थिति
घटना के 48 घंटा बाद धीरे धीरे डुमरौन धीरे- धीरे सामान्य हो रहा है, परंतु अंदर हीं अंदर सुलग भी रहा है। गुरुवार को पूरे दिन सड़कों पर सन्नाटा रही है और गांव में युवक के साथ साथ वृद्ध भी दिखाई नहीं दिए। महिलाएं घर के बाहर थी और घटना को लेकर पुलिस को जमकर गाली देते हुए जिला प्रशासन पर एकतरफा कार्रवाई करने तथा मीनार को लेकर पूर्व में एक्शन नहीं लेने को दोष देती नजर आई।
मामला शांत हो गया है, पर अंदर ही अंदर सुलग रहा डुमरौन : ग्रामीण
घटना के बाद दैनिक जागरण की टीम ने गांव का जायजा लिया। प्रशासन और पुलिस द्वारा किए गए सुरक्षा के उपाय को जाना और की जा रही प्रयास को देखा। घटना के बाद मस्जिद गली में हिंदू और मुस्लिम पक्ष के महिलाओं से घटना को लेकर उनकी प्रतिक्रिया जानने का प्रयास किया । फोटो और नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि मीनार हीं विवाद का जड़ है। इस पर पहले से निर्णय ले लिया जाता तो यह समस्या नहीं होती।
विद्यालय में हिंदू – मुस्लिम के नामांकित है 170 छात्र, घटना के बाद आए सिर्फ दो
डुमरौन में जिस विद्यालय के चाहरदीवारी पर रातों रात मीनार बना देने और विवाद खड़ा करने का आरोप है। उस विद्यालय में हिंदू और मुस्लिम पक्ष दोनों के बच्चे पढ़ते हैं और इनकी नामांकित संख्या 70 है। घटना के बाद गुरुवार को हजारीबाग से प्रभारी प्रधानाध्यापक और अन्य सहायक शिक्षक भी थे।
परंतु मात्र दो छात्र पढ़ाई करने पहुंचे थे। दो कमरे के इस विद्यालय में एक बड़ा सा हाल है, जिसका उपयोग मस्जिद के लिए किया जाता है। वहीं एक बड़ा परिसर है, जिस पर चाहरदीवारी के समय रातों रात मीनार बना देने का आरोप है।
18 -19 जनवरी 2024 में मीनार बनाने का काम हुआ था प्रारंभ, प्रभारी ने पत्र लिखकर दी थी जानकारी
विद्यालय में रातों रात बनाए जा रहे चाहरदीवारी पर मीनार लगाने का काम 18 व 19 जनवरी को हुआ था। प्रभारी प्रधानाध्यापक ने 25 जनवरी को इसकी लिखित शिकायत विभाग और संबंधित पदाधिकारी से की थी। जानकारी के अनुसार विद्यालय परिसर में मदरसा भी संचालित होता है।
सुबह और शाम मदरसा की पढ़ाई होती है। विद्यालय की स्थापना 1976 में हुई थी। पूरे प्रकरण में प्रशिक्षु आईएएस शताब्दी मजूमदार के साथ तत्कालीन सीओ रामजी दास ने जांच कर इसकी जांच रिपोर्ट, ग्रामीणों की जानकारी का एक रिपोर्ट बनाकर उपायुक्त कार्यालय को सौंपी थी। यह जांच रिपोर्ट कहा है और इस पर क्या कार्रवाई इसकी जानकारी किसी को नहीं।

विकास कुमार पिता सरजू महतो, नागेश्वर महतो उर्फ नागो महतो पिता स्व. मानकी महतो, सुदामा प्रसाद पिता प्रयाग महतो, जमुना महतो पिता स्व किशुन महतो, जितेन्द्र प्रसाद मेहता पिता गेंदो महतो, सतीश महतो पिता सहदेव महतो, मुंशी महतो पिता टुकन महतो, बुला उर्फ अजीत पिता बदरी महतो का नाम शामिल है।
इनके अलावा पप्पु महतो पिता बंगाली महतो, विक्रम प्रसाद मेहता पिता अर्जुन महतो, अशरफ मियां पिता स्व. इब्राहिम मियां, मो. सोनू पिता जलील मियां, मो. मोजम पिता अशरफ मियां , मो. बिरंगा पिता असरफ मियां, मो. सौकत पिता जलील मियां, मो. रियासत मियां पिता स्व. चमन मियां 17. सेराज अंसारी पिता कमरुद्दीन मियां, गफ्फार अंसारी पिता सत्तार अंसारी का नाम शामिल है।
वसीम अंसारी पिता कुदुस मियां , वाजिद अंसारी पिता मक्बूल मियां, छोटे अंसारी पिता रमजान मियां, इरफान अंसारी शमशेर मियां, साजिद हुसैन पिता लतीफ मियां, मो. सहबान पिता आसिम मियां, कैला पिता मिन्हाज मियां, मासूक पिता कादिर मियां, गुलाम हैदर पिता मुबारक हुसैन, अकरम मियां पिता मासूक मियां, लरबरी पिता मुख्तार मियां का नाम शामिल है।
तैयब मियां पिता मो. आसिम, सागर राणा पिता सीताराम राणा, प्रेम प्रसाद मेहता पिता जमुना महतो, टिकेश्वर मेहता पिता जमुना महतो, राकेश प्रसाद मेहता पिता नागेश्वर महतो, नागेश्वर महतो पिता स्व. मानकी महतो, शिव कुमार उर्फ बुला पिता स्व. बंगाली महतो, गुलटन उर्फ विकास प्रसाद पिता सरजू महतो , मंजीत प्रसाद मेहता पिता स्व. बालकी महतो को भी आरोपी बनाया गया है।
इसके अलावा विकास उर्फ लाटे पिता स्व. भुईयां महतो, अशोक गोप पिता रघु गोप,टेपा उर्फ विशाल महतो पिता स्व. राजू प्रसाद मेहता, विशाल मेहता पिता छातो महतो, बाघा मेहता पिता महेन्द्र प्रसाद मेहता, संजय प्रसाद मेहता पिता सरजू प्रसाद मेहता, अख्तर हुसैन पिता मकसूद आलम पर भी एफआईआर दर्ज हुई है।