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आ गई एक और नई आफत कोरोना के साथ ब्लैक फंगस का भी कहर, 20 नए मरीज मिले

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HEALTH DESK, NATION EXPRESS, RANCHI

झारखंड ने काेराेना महामारी पर ताे तेजी से काबू पा लिया, लेकिन अब ब्लैक फंगस का तेजी से बढ़ता संक्रमण नई चुनाैती बन गया है। केवल जून के तीन दिनों की बात करें तो यहां रोज औसतन 9 मरीज मिल रहे हैं। चिंता की बात है कि इस बीमारी से हर दिन औसतन दो लोगों की मौत हो रही है। राज्य में 16 लोगों की अब तक जान जा चुकी है। जून में राज्य में ब्लैक फंग के 28 नए मरीज मिले हैं। 6 लोगों की मौत हुई है और 6 लोग इस बीमारी से ठीक होकर डिस्चार्ज हुए हैं। गुरुवार काे राज्य में ब्लैक फंगस के 20 और नए मरीज मिले। यह एक दिन में मिले मरीजाें का सबसे बड़ा आंकड़ा है। साथ ही अब ब्लैक फंगस के मरीजाें की संख्या बढ़कर 61 हाे गई है। 42 संदिग्ध मरीज भी अस्पतालाें में भर्ती हैं।

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उधर, ब्लैक फंगस के गंभीर मरीजाें के लिए सबसे जरूरी इंजेक्शन एम्फाेटेरेसिन-बी की भारी कमी बनी हुई है। राज्य के पास 2197 एम्फाेटेरेसिन-बी इंजेक्शन ही स्टाॅक में हैं। जिस तरह मरीज बढ़ रहे हैं, उसमें ताे यह सात दिन में ही खत्म हाे जाएंगे। अगर जल्दी पर्याप्त संख्या में इंजेक्शन नहीं मिले ताे स्थिति गंभीर हाे सकती है।

रेमडेसिविर की तरह एम्फाेटेरेसिन-बी के लिए भी हम केंद्र के सहारे

काेराेना मरीजाें के इलाज में प्रयाेग हाेने वाली रेमडेसिविर इंजेक्शन की तरह एम्फाेटेरेसिन-बी इंजेक्शन के लिए भी हम पूरी तरह केंद्र पर निर्भर हैं। केंद्र सरकार मरीजाें की संख्या के हिसाब से यह इंजेक्शन राज्य सरकाराें काे दे रही है। झारखंड ने केंद्र से पांच हजार इंजेक्शन की मांग की है। जब तक यह नहीं मिलता, राज्य सरकार के हाथ खाली ही रहेंगे।

केंद्र का आश्वासन- झारखंड को जल्द मिलेगी जरूरी दवा

ब्लैक फंगस से भी ज्यादा खतरनाक है व्हाइट फंगस, पटना में चार नए मरीज मिले, जानें क्या हैं लक्षण और बचाव के उपायहालांकि रिम्स ने इसके लिए टेंडर भी निकाला था, लेकिन काेई भी कंपनी टेंडर में शामिल नहीं हुई। खुले बाजार में भी इस इंजेक्शन की काेई सप्लाई नहीं है। स्वास्थ्य विभाग के स्टेट नाेडल अफसर सिद्धार्थ त्रिपाठी ने कहा कि केंद्र सरकार ने आश्वस्त किया है कि वह जल्दी दवा का आयात कर झारखंड और अन्य राज्याें काे उपलब्ध कराएगी। हम लाेग स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

रिम्स में अलग वार्ड, जिलाें में बेड रिजर्व

रिम्स में ब्लैक फंगस के मरीजाें के लिए अलग वार्ड भी बनाया गया है। इसके अलावा जिलाें के अस्पतालाें में भी बेड आरक्षित किए गए हैं। यहां राज्य भर से आने वाले ब्लैक फंगस के मरीजों का इलाज चल रही है।

Report By :- ALISHA SINGH, HEALTH DESK, NATION EXPRESS, RANCHI

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