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मरने वाले तो एक दिन बिना बताए मर जाते हैं, रोज तो वो मरते हैं, जो खुद से ज्यादा किसी को चाहते हैं., क्या खूबसूरती ही बनी महिला सिपाही की मौत की वजह ?

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NEWS DESK, NATION EXPRESS, BIHAR

महिला सिपाही मौत मामलें में नया मोड़। महिला सिपाही के पिता का आरोप- दुष्कर्म कर की गई है हत्या।

मरने  वाले तो एक दिन बिना बताए मर जाते हैं, रोज तो वो मरते हैं, जो खुद से ज्यादा किसी को चाहते हैं. फेसबुक पर यह स्टेट्स डालने वाली बिहार पुलिस में कांस्टेबल के पद पर तैनात स्नेहा कुमारी अब इस दुनिया में नही हैं. लेकिन हैरानी की बात है की उसकी मौत हो जाती है और विभाग को दो दिन बाद उसका पता चलता है. पिता का कहना है कि मेरी बेटी खूबसूरत थी और यही उसके मौत का कारण भी है. जिस तरह के आरोप स्नेहा के परिवार वाले लगा रहे हैं उससे निश्चित रूप से पुलिस की भूमिका पर शक पैदा होता है.

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क्या कांस्टेबल स्नेहा की खूबसूरती ही बनी उनकी मौत की वजह? - constable death  mystery in bihar police role in question - AajTakबिहार पुलिस मामले को संदिग्ध बनाने में लगी

प्रदेश में तैनात महिला सिपाही की मौत मामले पुलिस की भूमिका संदिग्ध है. स्नेहा उसी बिहार पुलिस का हिस्सा है, जो इस मामले को संदिग्ध बनाने में लगी है. आखिर क्यों. सवाल यह है कि किसको बचाने का प्रयास किया जा रहा है. दरअसल स्नेहा कुमारी सीवान जिले में तैनात थीं उसका शव सरकारी क्वॉर्टर में पाया जाता है. लेकिन बॉडी की स्थिति देखते हुए कहा जा सकता था कि उसकी मौत 48 घंटे पहले हुई होगी. लेकिन कई दिनों से ड्यूटी पर नहीं आ रही स्नेहा के बारे में किसी ने खोज खबर नहीं ली. पुलिस ने उसकी मौत को आत्महत्या करार दिया. जिस संदिग्ध तरीके से इस मामले को छिपाने की कोशिश की जा रही है उससे शक लगातार बढता जा रहा है कि आखिर पुलिस किसको बचाने में लगी है.

पुलिस ने डॉक्टर के साथ की मारपीट

बिहार पुलिस ने स्नेहा की मौत के बाद उनके पिता को खबर दी कि उनकी तबीयत खराब हो गई है, इसलिए तुरंत सीवान आ जाएं. जब पिता मुंगेर से सीवान पहुंचते हैं तो कहा गया कि स्नेहा को पटना भेज दिया गया है. दो पुलिसकर्मी पिता को लेकर पटना जाने के लिए निकलते हैं और उन्हें सीधे मुंगेर पहुंचा दिया जाता है. जबकि शरीर खराब होने की वजह से सीवान के डाक्टरों ने पोस्टमॉर्टम से इंकार कर दिया था. जिसके बाद पुलिस ने उनके साथ मारपीट की जिससे डॉक्टर हड़ताल पर चले गए थे. बाद में पोस्टमार्ट के लिए स्नेहा के शव को पीएमसीएच पटना भेजा गया.
 

पुलिस ने जबरन दाह संस्कार कराया

महिला कांस्टेबल स्नेहा की मौत में नया मोड़ तक आया जब शव उसके पैतृक स्थान मुंगेर पहुंचा. परिवार वालों ने शव को पहचानने से इंकार कर दिया और जमकर हंगामा करते हुए हाईवे जाम कर दिया. पुलिस ने सख्ती दिखते हुए परिजनों को हिरासत में लेकर स्नेहा का जबरन दाह संस्कार कराया. यहां तक पुलिस खुद शव लेकर श्मशान घाट पहुंची. परिजनों ने स्नेहा के साथ दुष्कर्म का आरोप भी लगाया है. स्नेहा के पिता विवेकानंद मंडल का कहना है कि उनकी बेटी की जान उसकी सुंदरता ने ले ली. एक बेबस पिता का यह बयान अपने आप में सब कुछ बयां कर रहा है. यह संभव हो सकता है कि इस पूरे मामले में पुलिस विभाग का ही कोई ताकतवार है, जिसे बचाने के लिए सीवान और मुंगेर दोनों जगहों की पुलिस लगी है. स्नेहा की मौत का पता 18 OCOTOBER को चलता है और परिजनों को कल 20 OCOTOBER को दाह संस्कार के लिए सौंपा जाता है.

इतना वक्त क्यों लगा पुलिस को शव सौपने में

प्रदेश पुलिस की लापरवाही नहीं तो और क्या है. सीवान के एसपी नवीन झा का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही परिजनों के आरोपों पर कुछ कहा जा सकता है. वहीं मुंगेर के एसपी का कहना है कि स्नेहा के शव नहीं होने की बात सामने आई है, इसलिए उसका बॉडी सैंपल लेकर डीएनए टेस्ट के लिए भेजा गया है. शव को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौप दिया गया है. बिहार पुलिस में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिला है. इसलिए महिलाओं को बिहार पुलिस में नौकरी का अच्छा अवसर मिलता है लेकिन इसके विपरीत इसमें कुछ शोषण की खबरें भी आती रहती हैं. लेकिन स्नेहा के साथ क्या हुआ उसका पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही चल पाएगा.
Report By :- ADITI PANDIT, NEWS DESK, NATION EXPRESS, BIHAR

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