आ गई कोरोना की चौथी लहर : कोरोना के बढ़ते ग्राफ से मोदी सरकार भी चिंतित, मुख्यमंत्री के साथ करेंगे आज बैठक, सरकार ले सकती है बड़ा फैसला, फिर से कड़ाई की तैयारी
HEALTH DESK, NATION EXPRESS, रांची / NEW DELHI
Coronavirus 4th Wave कोराना की चौथी लहर आने के बीच देश के कई हिस्सों में COVID-19 मामलों में बेतहाशा वृद्धि देखी जा रही है। इससे कमाने-खाने वाले कामकाजी वर्ग और अन्य लोगों की चिंता बढ़ी है। कोरोना वायरस संक्रमण की चौथी लहर में नए मामले दुगुनी तेजी से बढ़े हैं। देश में नए मामलों में लगातार 11 सप्ताह की गिरावट के बाद एक बार फिर से वृद्धि जारी है। अप्रैल की शुरुआत में कोरोना के सक्रिय केस 11,000 थे, जो बढ़कर आज 16,522 पर पहुंच गए हैं।

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ताजा जानकारी के मुताबिक 12 राज्यों में फिर से कोविड महामारी वाले प्रतिबंध लगाए गए हैं। जबकि हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से लगातार संक्रमण बढ़ने की खबर आ रही है। झारखंड में स्कूलों में प्रार्थना के साथ ही दूसरे समारोह पर रोक लगा दी गई है। कोविड प्रोटोकाल के अनुपालन के लिए नई गाइडलाइन जारी की गई है। देश में पिछले सप्ताह की तुलना में 18 अप्रैल से 24 अप्रैल के बीच ताजा कोरोना संक्रमण मामलों में 95% की वृद्धि दर्ज की गई है।

बताया जा रहा है कि इसी पृष्ठभूमि में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक करने वाले हैं। इसके अलावा वे स्वास्थ्य मंत्रालय एवं सरकार के आला अधिकारियों के साथ देश में आई कोरोना की चौथी लहर पर गहन चर्चा करेंगे। सुरक्षा एहतियातों के अलावा बढ़ रहे कोरोना मामलों पर कड़ाई से रोक लगाने के अन्य उपायों पर विचार संभव है।
इनन राज्यों में बढ़े कोरोना के मामले
स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों से संकेत मिलता है कि अधिकांश राज्यों में पिछले 24 घंटों में सक्रिय मामलों में मामूली वृद्धि देखी गई है। 3,975 मामलों के साथ दिल्ली में वर्तमान में सबसे अधिक सक्रिय मामले हैं। इसके बाद केरल, हरियाणा, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश और असम हैं। महाराष्ट्र में पिछले एक सप्ताह में कोरोना वायरस संक्रमण के नए मामलों में 48% की वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि कर्नाटक और पश्चिम बंगाल में क्रमशः 71% और 66% की वृद्धि दर्ज की गई है। इसी तरह, तमिलनाडु में 62% और राजस्थान में 57% की वृद्धि देखी गई।
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आ गई कोरोना की चौथी लहर
कोरोना की चौथी लहर आने के प्रबल संकेतों के बीच कई राज्यों ने मास्क लगाने और शारीरिक दूरी बनाने को फिर से अनिवार्य कर दिया है। कोरोना वायरस संक्रमण की जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। दिल्ली में अस्पताल में भर्ती होने वाले संक्रमितों की कम संख्या का हवाला देते हुए कहा गया है कि अभी तक कोरोना की चौथी लहर में चिंता की स्थिति नहीं बनी है। विश्लेषकों का नया डेटा भी चौथी लहर की संभावना से इनकार करता है, यह देखते हुए कि सकारात्मकता दर स्थिर बनी हुई है। जबकि पिछले कुछ दिनों में देश में कोराना संक्रमितों की कुल संख्या भी 2000 और 3000 के दायरे में रही है।
हालांकि हाल ही में देश में कोराेना वायरस के कई नए वेरिएंट सामने आए हैं। Omicron BA.2.12.1 स्ट्रेन जो अमेरिका में पांच मामलों में से एक के लिए जिम्मेदार है, हाल ही में दिल्ली में पाया गया था। विशेषज्ञों के हवाले से कहा गया है कि राष्ट्रीय राजधानी में वायरस के कम से कम आठ वेरिएंट जांच के दौरान मिले हैं। भारत में कोरोना की तीसरी लहर के लिए जिम्मेवार Ba.1 वेरिएंट की तुलना में नए वेरिएंट अधिक संक्रामक हैं। फिलहाल दिल्ली में एक कोरोना संक्रमित व्यक्ति दो लोगों को संक्रमित कर रहा है।

कोरोना की चौथी लहर मई-जून तक सभी राज्यों में
इस साल की शुरुआत में गणितीय अनुमानों ने पहले संकेत दिया था कि कोरोना की चौथी लहर जून के मध्य में शुरू हो सकती है। आइआइटी कानपुर की टीम के अनुमान के अनुसार चार महीने तक चलने वाली कोरोना की चौथी लहर 22 जून, 2022 से शुरू हो सकती है, जो 23 अगस्त, 2022 को अपने चरम पर पहुंच सकती है और 24 अक्टूबर, 2022 को समाप्त हो सकती है। अनुमानों ने यह भी संकेत दिया था कि चौथी लहर संक्रमण के मामले में दूसरे और तीसरे की तुलना में कम नुकसानदेह होगा।
Report By :- ADITI PANDEY / MADHURI SINGH, HEALTH DESK, NATION EXPRESS, रांची / NEW DELHI