रमजान की अहमियत : रमजान के महीने में पूरा रोजा रखिए, जकात दीजिए, 5 वक्त की नमाज अदा कीजिए, गुनाहों से तौबा कीजिए, झूठ मत बोलिए और चुगली मत कीजिए
SPECIAL DESK, NATION EXPRESS, NEW DELHI
रमज़ान का महीना शुरू हो गया है और सभी मुसलमान लोग रोज़ा रखने लगे होंगे। इस महीने का सभी मुसलमान बड़ी बेसब्री से इंतज़ार करते हैं। क्योंकि मुसलमानों के लिए रमज़ान का महीना बहुत ही पाक यानि पवित्र माना जाता है। इसलिए मुस्लिम लोग रमज़ान के पूरे महीने रोज़ा रखते हैं, ज़कात देते हैं, पांचों वक्त की नमाज़ अदा करते और अल्लाह की इबादत करते हैं। क्योंकि रमज़ान के महीने में अल्लाह की इबादत करने का 70 गुना सवाब मिलता है।
लेकिन यह बहुत काम लोगों के मालूम होगा कि रमज़ान में क्या करना चाहिए और किन बातों का ध्यान रखना आवश्यक है। अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो हो सकता है कि आपकी इबादत खराब या फिर बेकार हो जाए।इसलिए रमज़ानों में सिर्फ रोज़ा रखना ही काफी नहीं है बल्कि कुछ चीजें बातों का ध्यान रखना भी जरूरी है लेकिन क्या, आइए जानते हैं।
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क्या करें
रोज़ा रखें और इबादत करें
रमज़ानों का सबसे पहला काम है कि आप रोज़ा रखें और कुछ भी खाने-पीने से परहेजकरें। रोज़ा रखने के लिए आपको सुबह यानि सूरज निकलने से पहले और शाम को सूरज डूबने तक कुछ नहीं खाना है। हालांकि, आप इफ्तार के बाद पूरी रात कुछ भी खा सकते हैं।
स्नान कर सकते हैं
कई लोगों का यह मानना है कि रोज़ा रखने के बाद नहाना नहीं चाहिए जबकि यह गलत है क्योंकि आप रोज़ा रखने के बाद आसानी से नहा सकते हैं। लेकिन नहाते समय आप इस बात का ध्यान रखें कि पानी आपके मुंह के अंदर नहीं जाए क्योंकि अगर आप पानी अंदर की और निगल लेते हैं, तो आपका रोज़ा टूट जाएगा।
नमाज़ और कुरान पढ़ें
वैसे तो नमाज़ सभी मुसलमान पर फर्ज है लेकिन रमज़ान में नमाज़ और कुरान पढ़ना बहुत अच्छा माना जाता है। नमाज के फायदे क्योंकि रमज़ान में अल्लाह की इबादत करने का 70 गुना सवाब मिलता है। इसलिए आप सभी कसरत से रोजा, नमाज़ और कुरान पढ़ें और अल्लाह की इबादत करें।

जरूरतमंद को ज़कात दें
इस महीने में सबसे ज्यादा जरूरी है कि आप जरूरतमंदों को ज़कात दें। बता दें कि ज़कात का मतलब होता है कि अपनी आमदनी में से कुछ हिस्सा किसी गरीब, अनाथ या फिर उन लोगों को देना जो परेशान हैं या जिनके पास अपनी जरूरत को पूरा करने के लिए संसाधन नहीं है। इसके अलावा, अगर आपके पास दान करने के लिए कुछ नहीं है, तो आप किसी रोज़ेदार को इफ्तार भी करवा सकते हैं।
क्या न करें

रोज़ा रखने के बाद दवा नहीं खानी चाहिए
जैसा कि आप सभी को पता है कि रोज़ा रखने के बाद कुछ भी खाना जैसे पानी पीना, चाय पीना या फिर खाना खाना आदि माना है। लेकिन क्या आपको पता है कि रोज़ा रखने के बाद दवा खाना भी माना है। लेकिन अगर आपको कोई बीमारी है तो आप रोज़ा न रखें क्योंकि ऐसी हालत में आप रोज़ा नहीं रख सकते हैं।
म्यूजिक और फिल्मों को न देखें
रमज़ान में आप गाना सुनने टीवी देखने या फिर कोई फिल्म देखने से बचें। क्योंकि रमज़ान के महीने में सिर्फ सिर्फ अल्लाह को इबादत करने का हुक्म है इसलिए आप किसी भी तरह की फिल्म देखने से बचें और अपना ज्यादातर समय अल्लाह को याद करने में गुजारें।
टूथब्रश नहीं करना चाहिए
सुबह उठकर टूथब्रश करने की आदत लगभग सभी को होती है लेकिन क्या आपको पता है कि आप रोज़ा रखने के बाद टूथब्रश नहीं कर सकते? जी हां, लेकिन आप रोज़ा रखने से पहले और रोज़ा खोलने के बाद में टूथपेस्ट कर सकते हैं। लेकिन रोज़ा रखने के बाद आप टूथब्रश नहीं कर सकते हैं।
शारीरिक संबंध नहीं बना सकते
रोज़ा बहुत पाकीज़ा चीज है, जिसमें शारीरिक संबंध भी नहीं बनाना चाहिए। क्योंकि के बाद इंसान नापाक हो जाता है और इससे आपका रोज़ा टूट जाता है। इसलिए बेहतर होगा कि आप रोज़ा रखने के बाद शारीरिक संबंध बनाने से बचें।
इसके अलावा, रमज़ान में आपको हर बुरे काम जैसे- चुगली करना, किसी का दिल दुखाना, चोरी करना, इंटरनेट का गलत इस्तेमाल करना, किसी को गाली देना आदि भी नहीं करना चाहिए। उम्मीद है कि आपको यह जानकारी पसंद आई होगी। अगर आपको लेख अच्छा लगा हो, तो उसे लाइक और शेयर ज़रूर करें। साथ ही, जुड़े रहे हरजिन्दगी के साथ।

साल के बारह महीनों में रमजान का महीना मुसलमानों के लिए खास मायने रखता है। यह महीना संयम और समर्पण के साथ खुदा की इबादत का महीना माना जाता है जिसमें हर आदमी अपनी रूह को पवित्र करने के साथ अपनी दुनियादारी की हर हरकत को पूरी तत्परता के साथ वश में रखते हुए केवल अल्लाह की इबादत में समर्पित हो जाता है।