दहशत में दुनिया! अब तक का सबसे खतरनाक है कोरोना का नया वेरिएंट, हालात यही रहे तो फिर से लग सकता है कई प्रतिबंध
HEALTH DESK, NATION EXPRESS, नई दिल्ली
कोरोना के नए वेरिएंट से बढ़ी लोगों की टेंशन
ज्यादा रफ्तार से फैलता है कोरोना का नया वेरिएंट
एम्स के डॉक्टर ने बताया, आते रहेंगे नए वेरिएंट
कोरोना के नए वेरिएंट को लेकर पीएम मोदी चिंतित, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर रोक का हो सकता है फैसला
नए खतरे को देखते हुए लोगों को ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है और मास्क लगाने साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने जैसी उचित सावधानी बरतने की जरूरत है.
Jharkahnd में नही हो रहा है कोरोना गाइडलाइंस का पालन
रांची के बाजारों में नही दिख रहा है सोशल डिस्टेंसिंग
कोरोना के नए वेरिएंट की खबरें आने के बाद लोगों की टेंशन बढ़ गई है। कोराना वायरस के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन (Coronavirus Omicron) को लेकर भारत की चिंता भी बढ़ गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने शनिवार को ओमिक्रॉन को लेकर एक बैठक की. इसमें उन्होंने कहा कि हमें ‘प्रोएक्टिव’ रहने की आवश्यकता है. साथ ही संभावित खतरों को देखते हुए उन्होंने अधिकारियों से अंतरराष्ट्रीय यात्रा प्रतिबंधों में ढील देने की योजना की समीक्षा करने को भी कहा. प्रधानमंत्री ने लोगों से ज्यादा सतर्क रहने, मास्क पहनने और उचित दूरी सहित बचाव के सभी उपायों का पालन करने की भी अपील की.
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प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि मोदी ने नए वेरिएंट को देखते हुए ‘प्रोएक्टिव’ रहने की आवश्यकता के बारे में बताया. पीएमओ के मुताबिक उन्होंने कहा, ‘नए खतरे को देखते हुए लोगों को ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है और मास्क लगाने साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने जैसी उचित सावधानी बरतने की जरूरत है.
फिर से लगेगा ट्रैवल बैन?
बता दें कि हाल के दिनों में कोरोना के केस कम होने के बाद भारत ने कई देशों पर लगे ट्रैवल बैन को हटा लिया था. लेकिन अब पीएम मोदी ने इस पर समीक्षा करने को कहा है. उन्होंने बैठक में कहा कि जिन देशों से नए वेरिएंट फैलने का खतरा है उन्हें अलग से चिह्नित किया जाए. साथ ही उन्होंने विशेष ध्यान देते हुए सभी अंतरराष्ट्रीय आगमन की निगरानी और दिशानिर्देशों के अनुरूप यात्रियों की जांच की आवश्यकता पर प्रकाश डाला.
जीनोम सिक्वेंसिंग जरूरी
प्रधानमंत्री को देश में कोरोना के ताज़ा हालात के बारे जानकारी दी गई. इस सिलसिले में पीएम ने निर्देश दिया कि जीनोम सीक्वेंसिंग के नमूने अंतरराष्ट्रीय यात्रियों और समुदाय से नियमों के अनुसार एकत्र किए जाएं, उनकी आईएनएसएसीओजी (इंडियन सार्स-कोविड-2 कंसोर्टियम ऑन जिनोमिक्स) के तहत पहले से स्थापित प्रयोगशालाओं के नेटवर्क और कोविड-19 प्रबंधन के लिए चिह्नित शुरुआती चेतावनी संकेत के जरिए जांच की जाए.
इंटरनेशनल फ्लाइट पर रोक लगाने की मांग: झारखंड के हेल्थ मिनिस्टर बोले- PM से करूंगा निवेदन, नए वैरिएंट पर समय रहते कदम उठाने की जरूरत
कोरोना के नए वैरिएंट मिलने के बाद एक बार फिर से इंटरनेशनल फ्लाइट बंद करने की मांग उठने लगी है। झारखंड के हेल्थ मिनिस्टर बन्ना गुप्ता ने शनिवार को कहा कि मैं प्रधानमंत्री से निवेदन करूंगा कि इंटरनेशनल फ्लाइट को रोकने की जरूरत होगी, क्योंकि अगर हम समय रहते उपाय नहीं करेंगे तो इसके फैलने का खतरा रहेगा। साथ ही इसके लिए एहतियातन कदम उठाने चाहिए।
दरअसल कोरोना के नए वैरिएंट बोत्सवाना (B.1.1.529) की शुरुआती रिपोर्ट्स बेहद चौंकाने वाली है। यह डेल्टा से 7 गुना तेजी से फैल रहा है। WHO ने इसे वैरिएंट ऑफ कन्सर्न बताते हुए ‘ओमिक्रॉन’ नाम दिया है। द. अफ्रीका के 3 प्रांतों में रोज मिलने वाले 90% केस इसी वैरिएंट के हैं, जो 15 दिन पहले सिर्फ 1% थे। अभी तक सबसे तेजी से फैलने वाला वैरिएंट डेल्टा था, जिससे दुनिया में तीसरी लहर आई थी।
रांची में जांच में हो रही है लापरवाही
वहीं एक तरफ जहां राज्य के हेल्थ मिनिस्टर इंटनेशनल फ्लाइट पर रोक लगाने की बात कर रहे हैं वहीं झारखंड में रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट पर खानापूर्ति कर रहे हैं। एक सभी जगह नियमित रूप से जांच टीम नहीं है। अगर टीम है तो उनके पास पर्याप्त किट नहीं है। नतीजा लोग स्टेशन से बिना जांच कराए ही निकल जा रहे हैं।
आधे झारखंड में कोरोना एक भी मरीज नहीं
झारखंड में फिलहाल कोरोना काबू में है। राज्य के आधे हिस्से यानी 12 जिले में कोरोना के एक भी मरीज नहीं हैं। शुक्रवार तक राज्य में कोरोना के 109 एक्टिव केस थे। इनमें 77 मरीज केवल रांची (41) और जमशेदपु (36) में हैं। इसके अलावा दुमका में 12 और 9 जिलों में 1-2 एक्टिव मरीज हैं।
Report By :- MADHURI SINGH, HEALTH DESK, NATION EXPRESS, नई दिल्ली