कांग्रेस जिला अध्यक्षों ने प्रत्याशियों की सूची प्रदेश को सौंपी ! रांची और हटिया विधानसभा क्षेत्र में एक भी मुसलमान को प्रत्याशी नही बनाना कांग्रेस की बड़ी भूल: सऊद आलम
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हाइलाइट्स
विधानसभा चुनाव में संभावित उम्मीदवारों पर मंथन के बाद बंद हुआ लिफाफा.हर विधानसभा सीट से उम्मीदवारों के आवेदन को अब शॉर्ट लिस्ट किया गया.कांग्रेस के जिला अध्यक्षों ने हर विधानसभा सीट से 5 नाम बंद लिफाफे में दिये.मुस्लिम हमदर्द बनने वाले दल भी मुसलमानों को नहीं दे रहे टिकट
झारखंड में मुस्लिम आबादी 15 फीसद है। फिर भी मुस्लिम नेताओं का लोकसभा या विधानसभा में वैसा प्रतिनिधित्व कभी नहीं रहा जो आबादी के ऐतबार से अपेक्षित है। झारखंड गठन के बाद और पहले भी, मुस्लिम सांसदों और विधायकों की संख्या उंगलियों पर गिने जाने जितनी ही रही है। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी में भी ऐसे कई मुस्लिम चेहरा है जिन्हें कांग्रेस लोकसभा और विधानसभा में टिकट देकर अपना प्रत्याशी बना सकते थे लेकिन कांग्रेस ने भी हमेशा मुसलमान की अपेक्षा की है, झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग रांची महानगर अध्यक्ष हुसैन खान एक ऐसा युवा चेहरा है जो पिछले 8 सालों से कांग्रेस के बैनर तेरे आम लोगों के सुख-दुख में सच्चा सहभागी बना है, हुसैन खान रांची और हटिया विधानसभा क्षेत्र के लिए कोई नया नाम नहीं है जब भी कोई मुश्किल की घड़ी आती है वह एक पैर पर सभी धर्म और सभी वर्गों के लिए खड़े रहते हैं, उनके अच्छे और सकारात्मक के काम को देखते हुए ही उन्हें झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग का रांची महानगर अध्यक्ष बनाया गया था,
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पिछले लोकसभा चुनाव 2024 में भी कांग्रेस के प्रत्याशी यशास्वानी सहाय के लिए हटिया रांची नामकुम कांके समेत कई इलाकों में तूफानी दौरा कर कांग्रेस प्रत्याशी को जीत के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाया था हुसैन खान ने सभी धर्म और सभी वर्गों में उन्हें भरपूर प्यार मिला था, आगे की बात करें, तो कांग्रेस नेता हुसैन खान ने इस बार रांची विधानसभा क्षेत्र और हटिया विधानसभा क्षेत्र के लिए विधायक का चुनाव लड़ने का दावा आला कमान के सामने ठोका था लेकिन उनको निराशा हाथ लगी। दूसरी ओर, हद तो ये है कि इस बार होने वाले विधानसभा चुनाव में इन पंक्तियों के लिखे जाने तक किसी भी पार्टी ने मुस्लिम प्रत्याशी का नाम नही है

रांची सीट : कुमार राजा, राजेश कुमार गुप्ता आदित्य विक्रम जायसवाल
हटिया सीट : अजय नाथ शहदेव, विनय सिंह दीपू, प्रेम प्रकाश सहदेव और रविंद्र सिंह
कांके सीट : सुरेश बैठा, संजय लाल पासवान, केदार पासवान, शिव टहल् नायक, चंदन पासवान,
खिजरी सीट : राजेश कश्यप, अमूल्य नीरज खालको सुंदरी तिर्की, बालास तुर्की, सामना लफड़ा की पत्नी सीता लकड़ा,
सिल्ली सीट : डॉ राकेश कुमार महतो नागेश्वर महतो, नागेश्वर नाथ गोस्वामी, निशिकांत और राजकुमार
मांडर सीट : शिल्पी नेहा तिर्की, सुनील उरांव, डॉक्टर परमेश्वरी भगत, और डॉ रामेश्वर भगत,
तमाड़ सीट : पुराण चंद मुंडा, ललित कृष्णा मुंडा और मोहन मुंडा
इसे और साफ शब्दों में कहें, तो कांग्रेस पार्टी ने मुस्लिम प्रत्याशी पर भरोसा नहीं जताया है। जबकि कांग्रेस के मुसलमान की पार्टी कहा जाता है,
इसका क्या कारण हो सकता है। ये राज्य की मुस्लिम आबादी को देखते हुए अहम सवाल है। कांग्रेस, जिसे देश की आजादी के बाद से मुसलमान अपना सबसे करीबी मानते रहे हैं, उसने भी किसी मुस्लिम नेता को टिकट नहीं दिया है। हालांकि कांग्रेस हमेशा कहती रही है कि उसने मुसलमानों को प्रतिनिधित्व दिया है। यहां पार्टी के नेता डॉ सरफऱाज अहमद का नाम लेते हैं, जिनको अभी-अभी राज्यसभा भेजा गया है। लेकिन सरफऱाज के राज्यसभा पहुंचने को अलग नजरिये से देखने की जरूरत है। ये किसी लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने से अधिक ‘गिव एंड टेक’ का मामला अधिक दिखाई देता है। बहरहाल, एक कांग्रेस नेता हुसैन खान को टिकट न मिलने पर नाम न छापने की शर्त पर कहते हैं, हुसैन खान को कांग्रेस इस बार हटिया या रांची विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा सकती थी लेकिन कांग्रेस की अंदरूनी कलह सामने आ गई और कांग्रेस के ही लोग उनके पीछे पड़ गए और दूसरों को टिकट दिलाने की जुगाड़ में लग गए, गठबंधन में शामिल जेएमएम ने भी इस मामले में कदम बढ़ाने से परहेज ही किया है।

फिलाहल रांची और हटिया विधानसभा क्षेत्र के मुसलमान में काफी गुस्सा देखा जा रहा है क्योंकि इस बार भी रांची और हटिया विधानसभा से किसी मुसलमान को कांग्रेस ने प्रत्याशी नहीं बनाया है अब आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि मुसलमान के आक्रोश का सामना कांग्रेस पार्टी कैसे करती है या इसका खामियाजा रांची और हटिया विधानसभा सीट पर कांग्रेस को भुगतना पड़ेगाझारखंड के मुसलमानों ने कांग्रेस पार्टी नेतृत्व को चेतावनी दी है कि रांची और हटिया विधानसभा कसीट पर मुसलमान को उम्मीदवार नहीं बनाया जाना आत्मघाती कदम होगा। 2024 विधानसभा चुनाव में भी पार्टी को इसका नुकसान उठाना पड़ेगा।
रांची और हटिया विधानसभा क्षेत्र में एक भी मुसलमान को प्रत्याशी नही बनाना बड़ी भूल: सऊद आलम

अंजुमन-ए-इस्लामिया नूरिया के अध्यक्ष सऊद आलम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ’18 प्रतिशत आबादी होने के बावजूद कांग्रेस ने रांची और हटिया विधानसभा क्षेत्र में एक भी मुसलमान को प्रत्याशी नही बनाना कांग्रेस पार्टी की बहुत बड़ी भूल और आत्मघाती कदम होगा। पार्टी के इस निर्णय से समाज में भारी आक्रोश है। इतनी बड़ी आबादी को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। कुछ नेताओं ने भ्रम फैलाया है कि अगर मुसलमान को टिकट दिया गया तो वोटों का ध्रुवीकरण हो जाएगा। अध्यक्ष सऊद आलम ने कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल खड़ा करते हुए कहा, ‘2, 3, 4 प्रतिशत आबादी वालों को टिकट मिल रहा है तो क्या 18 प्रतिशत वाला सिर्फ वोट देने के लिए है? पार्टी इस पर विचार करे नहीं तो 2024 विधानसभा पर भी इसका गहरा प्रभाव पड़ेगा। मुसलमानों के वोट को कांग्रेस पार्टी हल्के में ना ले।’ राज्य में सक्रिय अन्य बड़े दलों ने मुस्लिम पर भरोसा नहीं जताया। झारखंड में प्रभावी दलों में भाजपा, कांग्रेस, झामुमो, राजद, वाम दल और कुछ समय के लिए झाविमो रहा है। लेकिन, इन दलों ने मुस्लिम उम्मीदवार खड़ा करने में ज्यादा रुचि नहीं दिखाई। इस कारण मुस्लिम समुदाय के लोग निर्दलीय चुनाव लड़ने से भी कतराते रहे हैं।
मुसलमान खुद को ठगा महसूस कर रहा: मौलाना साबिर हुसैन

मुस्लिम कौमी एकता के अध्यक्ष मौलाना साबिर हुसैन ने कहा कि कांग्रेस पार्टी की ओर से अल्पसंख्यक समुदाय को नजरअंदाज करने का ही नतीजा है कि अन्य राज्यों में मुस्लिम वोट क्षेत्रीय पार्टियों की तरफ चला गया है। मुसलमान खुद को ठगा महसूस कर रहा है। कांग्रेस पार्टी अपने फैसले पर फिर से विचार करे और अल्पसंख्यक समाज को उसका हक देने का काम करे। रांची और हटिया मे कम से कम मुसलमान को प्रत्याशी बनाना बनाना चाहिये !
भाजपा के बाद इंडिया गठबंधन ने भी मुसलमानों से मूंह फेरा
भाजपा के बाद झारखंड में 2024 चुनाव के दरमियान इंडिया गठबंधन में शामिल कांग्रेस झामुमो और राजद ने भी मुसलमान से मुंह फेर लिया है. बीजेपी के राज्यसभा सांसद प्रदीप वर्मा कहते हैं कि भारतीय जनता पार्टी धर्म और संप्रदाय के आधार पर टिकट देने का काम नहीं करती है ये वह लोग काम करते रहे हैं जो मुसलमानों को अब तक वोट बैंक समझते थे. अब मुसलमान भी समझने लगे हैं कि उनका किस तरह से इस्तेमाल किया गया.
इधर कांग्रेस ने एक भी मुसलमान को टिकट नहीं देने पर सफाई देते हुए कहा है कि झारखंड में सामान्य सीटों पर जीताउ उम्मीदवार को पार्टी ने खड़ा करने का निर्णय लिया है. बिहार में 9 में से दो सीटों पर मुसलमान प्रत्याशी दिया गया है. इससे पहले इंडिया गठबंधन के द्वारा संयुक्त रूप से राज्यसभा में सरफराज अहमद को भेजने का काम किया गया. कांग्रेस प्रवक्ता जगदीश साहू कहते हैं कि इस बार की लड़ाई भाजपा को किस तरह से हराएं इसको लेकर है.
Report By – PALAK TIWARI, POLITICAL DESK, NATION EXPRESS, RANCHI